रूस का दावा- दो महीने बाद भारत को भी उपलब्ध करवा सकते हैं कोरोना की वैक्सीन
नई दिल्ली: भारत में अब रोजाना कोरोना वायरस के 60 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, जिससे साफ हो रहा है कि हमारे यहां संक्रमण अन्य देशों की तुलना में तेजी से फैल रहा है। वैक्सीन आने तक भारत में लोगों को कोरोना वायरस से राहत नहीं मिलेगी। मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऐलान किया था कि उनके देश ने कोरोना की वैक्सीन बना ली है और जल्द ही उसे जनता के लिए उपलब्ध करवा दिया जाएगा। अब वैक्सीन की फंडिंग करने वाली संस्था ने भारत के लिए एक राहत भरी खबर दी है।
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20 देश खरीदेंगे वैक्सीन
दरअसल रशियन डॉयरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड नामक संस्था ने रूसी कोरोना वैक्सीन प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग की है। संस्था के हेड किरिल दिमित्रिज के मुताबिक भारत समेत 20 देशों ने उनकी वैक्सीन को खरीदने की इच्छा जताई है। वैसे तो रूस सरकार का मकसद पहले अपने देश की जनता को वैक्सीन देना है लेकिन नवंबर तक वो दूसरे देशों में वैक्सीन की सप्लाई शुरू कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो भारत को भी नवंबर में वैक्सीन मिल सकती है।

जल्द आएगा वैक्सीन का डेटा
वहीं दूसरी ओर दुनियाभर के वैज्ञानिक रूस के दावे पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि रूस ने वैक्सीन का ट्रायल सही से नहीं किया। साथ ही उसके साइड-इफेक्ट्स पर भी गौर नहीं किया, जिस वजह से वैक्सीन खतरनाक साबित हो सकती है। इस पर किरिल दिमित्रिज ने कहा कि उनकी वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। वो इस महीने या अगले महीने तक वैक्सीन से जुड़ा सारा डेटा प्रकाशित कर देंगे।

38 लोगों पर हुआ परीक्षण?
न्यूज एजेंसी Fontanka के मुताबिक कागजी कार्रवाई के हिसाब से सिर्फ 38 लोगों पर ही रूस की कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल किया गया था। इसके अलावा केवल 42 दिनों के शोध के बाद इसे रजिस्टर्ड कर दिया गया। ऐसे में इसके प्रभाव का अभी ठीक से पता नहीं चल पाया है। दुनियाभर के वैज्ञानिक और डॉक्टर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ऐलान को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि रूस ने इससे इनकार किया है।












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