रूस के पास लड़ने के लिए नहीं बचे सैनिक! खूंखार कैदियों को यूक्रेन की जंग में झोंक रहे हैं पुतिन
जंग ने यूक्रेन और रूस, दोनों की तस्वीर बदलकर रख दी है। कीव तबाह और बर्बाद हो चुका है तो वहीं रूस में सैनिकों की भारी कमी हो गई है। अब मॉस्को कैदियों से जंग लड़ने को कह रहा है।
मॉस्को, 10 अगस्त : जंग का चेहरा हमेशा बदसूरत होता है। खून के कतरों से कभी बगिया नहीं महकाया जाता। ठीक उसी प्रकार जंग से किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकल सकता है। हालांकि, सत्ता के घमंड में चूर लोग इस बात को कभी नहीं समझ पाएंगे। रूस और यूक्रेन के बीच छह महीनों से चल रही भीषण खूनी जंग इसका जीता जागता उदाहरण है। इन छह महीनों में देखते ही देखते ' यूरोप की रोटी की टोकरी' कहे जाने वाला देश खून की नदियों में नहाकर लाल हो चुका है। वहीं,शक्तिशाली रूस की सैन्य क्षमता में भी कमी देखी जा रही है। कहने का मतलब है कि नुकसान दोनों तरफ से हुआ है। अब रूस, देश के जेलों में बंद खूंखार कैदियों को यूक्रेन की रणभूमि में भेजना शुरू कर दिया है।

यूक्रेन की जंग में लड़ रहे रूस के खूंखार कैदी
यूक्रेन की जंग में हजारों की तादाद में सैनिकों की जान गंवाने वाला रूस अब कैदियों को लुभावना ऑफर देकर युद्ध के मैदान में भेज रहा है। जानकारी के मुताबिक, रूस ने कैदियों को ऑफर दिया है कि, वे अगर जंग लड़ते हैं तो उन्हें जेल से रिहा कर दिया जाएगा। इस बात का खुलासा कैदियों और उनके रिश्तेदारों के बीच हुई बातचीत में रूस के इस प्लान का खुलासा हुआ है।

रूसी सैनिक कम हुए?
खबर है कि, जेल से रिहा होने और भारी रकम पाने के लालच में रूस के ये खूंखार कैदी जंग में कत्लेआम मचा रहे हैं। जब ये कैदी घायल हो जाते हैं तो वे ठीक होने तक सीधे अपने घर वापस लौट रहे हैं। इससे पहले एक रिपोर्ट आई थी कि, रूस उत्तर कोरिया से सैन्य मदद की मांग कर रहा है।

खूंखार कैदी अब लड़ेंगे जंग
सीएनएन के रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की जेलों में एक-एक से खूंखार कैदी बंद हैं। इनमें मर्डर करने वाले हत्यारों से लेकर, ड्रग्स, चरस जैसी नशीली दवाओं से जुड़े अपराधों में लिप्त हैं। वहीं, रूस की जेल अमेरिका के हाई-प्रोफाइल कैदी पॉल व्हेलन को रखा गया है। पॉल व्हेलन के भाई डेविड ने जुलाई में कहा था कि, उसने सुना था कि, यूक्रेन की जंग के लिए दस कैदियों ने मोर्दोविया के आईके 17 छोड़ दिया था।

खतरनाक कैदियों से किया जा रहा संपर्क
एक महीने की लंबी जांच में, सीएनएन ने रूस की नवीनतम भर्ती योजना में पकड़े गए कैदियों से उनके रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ बात की है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि रूस भर में दर्जनों जेलों में हत्यारों से लेकर नशीली दवाओं के अपराधियों तक सैकड़ों लोगों से संपर्क किया गया है। कुछ को उस जेल से भी ले जाया गया है, जहां रूस में जेल में बंद एक हाई-प्रोफाइल अमेरिकी पॉल व्हेलन को रखा गया है। उनके भाई डेविड ने जुलाई में एक बयान में कैदियों के जंग में शामिल होने की बात बताई थी।

लड़ने के लिए लुभावना ऑफर
यही नहीं रूस की ओर से 1 लाख से लेकर 2 लाख रुबल तक का ऑफर भी दिया जा रहा है। इस रूसी ऑफर को एक निजी सैन्य ठेकेदार के जरिए दिया जा रहा है। ये लोग जुलाई के पहले पखवाड़े में कई जेलों में गए थे। इस ऑफर को स्वीकार करने के बाद उन्हें रूस के दक्षिणी इलाके रोस्तोव में 15 दिनों की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके बाद उन्हें यूक्रेन की जंग में भेजा जा रहा है।

75,000 रूसी सैनिकों की क्षति हुई?
सीएनएन ने इस दौरान कैदियों को जंग में भेजे जाने का पड़ताल किया। जांच में पता चला है कि, पिछले छह महीनों में रूस के 75,000 सैनिक या तो मारे जा चुके हैं या फिर घायल हुए हैं। इस वजह से मॉस्को जंग में सैनिकों की पूर्ति के लिए खूंखार कैदियों का सहारा ले रहा है। वहीं, रूस ने 75,000 सैनिकों के मारे जाने के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

इन सैनिकों को नहीं लिया जा रहा है
रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी सेना में हत्यारों को शामिल किया जा रहा है लेकिन बलात्कारियों, अतिवादियों या आतंकवादियों को नहीं लिया जा रहा है। जंग में रूस को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा है, इसी वजह से वह सैनिकों की पूर्ति के लिए अब खूंखार दरिंदे जैसे कैदियों का सहारा ले रहा है।












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