रूसी तेल टैंकर पर किसने किया ताबड़तोड़ ड्रोन अटैक, तबाही देख दुनिया सदमे में, क्या अब परमाणु युद्ध होगा?
Russia oil tanker Virat Attack: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच, काला सागर में यूक्रेन के मानवरहित ड्रोन ने रूस के तेल टैंकर 'विराट' को शनिवार (29 नवंबर) को फिर निशाना बनाया। यह जहाज शुक्रवार को भी विस्फोटों का शिकार हुआ था। यूक्रेन की सुरक्षा सेवाओं (एसबीयू) ने इस हमले की औपचारिक जिम्मेदारी ली है, जिसमें रूस के 'छाया बेड़े' को निशाना बनाया गया।
'विराट' और 'कैरो' के क्रू मेंबर ने मदद के लिए रेडियो संकट कॉल जारी की। यूक्रेन का दावा है कि ये जहाज अफ्रीकी देशों में पंजीकृत होने के बावजूद रूस के प्रतिबंधों से बचने वाले बेड़े का हिस्सा थे, जिससे युद्ध में तनाव और बढ़ गया है।

काला सागर में रूसी टैंकरों पर ड्रोन हमला
यूक्रेन ने शनिवार (29 नवंबर) को काला सागर में रूसी तेल टैंकर 'विराट' को अपने मानवरहित ड्रोन से निशाना बनाया। यह जहाज शुक्रवार को भी विस्फोटों का शिकार हुआ था। यूक्रेन की सुरक्षा सेवाओं (एसबीयू) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि रूस के तथाकथित 'छाया बेड़े' को निशाना बनाया गया। 'विराट' और एक अन्य टैंकर 'कैरो' के क्रू मेंबर ने 'ड्रोन हमला मेडे!' कहकर रेडियो पर संकट कॉल जारी की। यह हमला युद्ध में पहली बार किसी सिविलियन जहाज को निशाना बनाने की घटना है।
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तुर्किये का बयान और जांच
तुर्किये के परिवहन मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में पुष्टि की कि 'विराट' टैंकर पर काला सागर तट से लगभग 35 समुद्री मील दूर मानवरहित समुद्री वाहनों ने हमला किया था, और शनिवार सुबह फिर हमला हुआ। तुर्किये के परिवहन मंत्री अब्दुल कादिर उरालोलू ने बताया कि जांचकर्ता बाहरी हमले के संकेतों की जांच कर रहे हैं, जिसमें बारूदी सुरंग, रॉकेट या ड्रोन से हमला शामिल हो सकता है। मामूली क्षति के बावजूद 'विराट' स्थिर है और सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
दक्षिणी काला सागर में भीषण हमला
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस मॉनिटर OSINTdefender ने तुर्किये के परिवहन मंत्रालय के हवाले से बताया कि रूसी छाया बेड़े से जुड़े गाम्बिया के झंडे वाले टैंकर M/T VIRAT पर दक्षिणी काला सागर में सतही जहाजों ने फिर से हमला किया। शुक्रवार के शुरुआती हमले के बाद बीस चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। अब बताया जा रहा है कि जहाज तुर्की के तट पर जल रहा है और डूब रहा है। सीएनएन ने यूक्रेनी सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि इस हमले में एसबीयू-नौसेना के 'सी बेबी' समुद्री ड्रोन शामिल थे।
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भारी नुकसान और प्रतिबंधों का उल्लंघन
यूक्रेनी सुरक्षा सूत्र के अनुसार, 'विराट' और एक अन्य जहाज को भारी नुकसान पहुंचा है और वे प्रभावी रूप से निष्क्रिय हो गए हैं। यूक्रेन का दावा है कि ये जहाज अफ्रीकी देशों में पंजीकृत होने के बावजूद रूस की 'शैडो-फ्लीट' का हिस्सा थे, जिन पर अमेरिका और यूरोप ने प्रतिबंध लगा रखा है। इस हमले से रूस-यूक्रेन जंग रोकने की ट्रंप की कोशिशों को भी झटका लगने की संभावना है, क्योंकि यह युद्ध के दौरान पहली बार किसी सिविलियन जहाज पर हमला है, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।












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