प्रतिबंधों की काट के लिए रूस का नया दांव, Bitcoin में ले सकता है तेल और गैस की पेमेंट
मॉस्को, 25 मार्च। यूक्रेन पर हमले के बाद से अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों ने रूस पर भारी-भरकम आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों के चलते रूस की आर्थिक स्थिति चरमराने लगी है और पुतिन इन प्रतिबंधों की काट ढूढ़ने के लिए बेकरार हुए जा रहे हैं। रूस की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा तेल और गैस के निर्यात से आता है लेकिन प्रतिबंधों के चलते डॉलर में लेनदेन मुश्किल हो रहा है। यही वजह है कि अब पुतिन इसका विकल्प ढूढ़ रहे हैं।

रूस के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा है कि रूस तेल और गैस के भुगतान के लिए बिटकॉइन को स्वीकार करने के बारे में विचार कर रहा है। रूसी ड्यूमा के सदस्य पावेल जावल्नी ने कहा है कि दोस्त देशों को क्रिप्टोकरेंसी या फिर उनकी स्थानीय मुद्रा में भुगतान की अनुमति दी जा सकती है।
इसी सप्ताह में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि वह चाहते हैं कि 'दुश्मन' देशों को वह अब सिर्फ रूबल (रूसी मुद्रा) में भी गैस बेचेंगे। पुतिन के इस बयान को रूसी मुद्रा में मजबूती देने वाले कदम के रूप में देखा गया था जो इस साल 20 प्रतिशत तक नीचे गिर गई है।
यूक्रेन पर आक्रमण के बाद ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों ने रूस के रूबल पर दबाव डाला है। मुद्रा के गिरने से रूस में लोगों का जीवन स्तर भी मुश्किल हुआ है। हालांकि रूस अभी भी प्राकृतिक गैस का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक और तेल का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।
रूस तलाश रहा वैकल्पिक तरीके
ऊर्जा पर रूस की राज्य ड्यूमा समिति के प्रमुख जावल्नी ने गुरुवार को कहा कि देश ऊर्जा निर्यात के लिए भुगतान प्राप्त करने के वैकल्पिक तरीके तलाश रहा है।
उन्होंने कहा कि चीन और तुर्की उन "दोस्ताना" देशों में से थे जो "प्रतिबंधों के दबाव में शामिल नहीं हैं।"
उन्होंने आगे कहा "हम लंबे समय से चीन को रूबल और युआन की राष्ट्रीय मुद्राओं में भुगतान को स्विच करने का प्रस्ताव दे रहे हैं। वहींतुर्की के साथ, यह लीरा और रूबल होगा।" जावलनी ने कहा "आप बिटकॉइन में भी व्यापार कर सकते हैं।"
विश्लेषकों का कहना है कि रूस को जोखिमों के बावजूद लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी को स्वीकार करने से फायदा हो सकता है। रूस अभूतपूर्व प्रतिबंधों का सामना कर रहा है और वह अर्थव्यवस्था के लिए रास्ता ढूढ़ रहा है। कई मायनों में बिटकॉइन को एक हाई एसेट के रूप में देखा जाता है।
खतरे हैं ज्यादा
हालांकि, उन्होंने कहा कि इस साल बिटकॉइन का मूल्य 30% तक नीचे आ गया वहीं डॉलर ने यूरो के मुकाबले 5% के भीतर कारोबार किया है। यह साफ दर्शाता है कि पारंपरिक मुद्राओं की तुलना में बिटकॉइन को स्वीकार करना प्राकृतिक गैस के व्यापार में काफी अधिक जोखिम वाला काम है।
इसके अलावा रूस के साथ दोस्ताना व्यापार रखने वाला चीन है लेकिन उसने क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है। ऐसे में वहां से क्रिप्टो में भुगतान नहीं हो सकता। यह स्पष्ट रूप से बिटकॉइन के जरिए पेमेंट की संभावना को सीमित करता है।












Click it and Unblock the Notifications