2400 टैंक, 200 फाइटर जेट्स, 4 लाख जवान... जानिए यूक्रेन युद्ध में अब तक रूस को कितना हुआ नुकसान?
Russia-Ukraine War: यूक्रेन युद्ध शुरू हुए अब दो साल होने वाले हैं, लेकिन अभी तक रूस, अपने मकसद को हासिल नहीं कर पाया है, लेकिन पौने दो साल से ज्यादा वक्त से चल रही इस लड़ाई में रूस काफी ज्यादा नुकसान करवा चुका है। यूक्रेन युद्ध 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था और अब दावा किया गया है, कि इस युद्ध में अभी तक रूस ने 400,000 जवान, 2,400 से ज्यादा मुख्य युद्ध टैंकों को खो दिया है।
दावा किया गया है, कि रूस के पास जितने टैंक थे, उसका 15 प्रतिशत से ज्यादा वो खो चुका है।
यूके रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 632 दिनों की लड़ाई में रूसी हथियारों की जबरदस्त हानि हुई है। आंकड़ों में कहा गया है, कि रूस अभी तक 7,117 से ज्यादा बख्तरबंद हथियार गंवा चुका है, जिनमें 2,475 एमबीटी और 1,300 तोपखाने सिस्टम शामिल हैं।

वहीं, बात अगर एयरफोर्स की करें, तो अनुमान लगाया गया है, कि रूस अभी तक 93 फिक्स्ड-विंग विमान, 132 हेलीकॉप्टर, 320 बिना चालक दल वाले हवाई वाहन और 16 नौसैनिक जहाज भी गंवा चुका है।
युद्ध में रूस को भारी नुकसान
यूके रक्षा मंत्रालय ने कहा है, कि रूस ने अपने जितने हथियार गंवाएं हैं, उनकी जगह नये हथियारों को बदलने की स्थिति में अब वो नहीं है और यही वजह है, कि यूक्रेन पर रूसी हमले अब काफी कम हो चुके हैं।
पश्चिमी देशों के सैन्य विशेषज्ञों का कहना है, कि नुकसान का कारण पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को दिए गए एडवांस टैंक रोधी हथियार और रूस द्वारा अपने टैंक तैनात करने की गलत रणनीति है।
यूके संसद को सौंपे गये एक लिखित जवाब में, रक्षा मंत्रालय ने कहा है, कि यूक्रेन युद्ध में रूस के करीब 3 लाख 2 हजार जवानों के मारे जाने, या फिर घायल होने का अनुमान लगाया गया है। जबकि, वैगनर ग्रुप जैसे निजी सैन्य एजेंसी के जवान भी भारी संख्या में मारे गये हैं या घायल हुए हैं। ऐसे में अगर दोनों को मिला लिया जाता है, तो ये आंकड़ा 4 लाख को पार कर जाता है।
यूके रक्षा मंत्रालय के दावे में कितना दम?
यूके रक्षा मंत्रालय के दावे पर रूस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन सवाल उठ रहे हैं, कि आखिर इन दावों में कितना दम है?
तो इसकी तुलना यूक्रेन ने रूसी नुकसान को लेकर जो आंकड़े जारी किए हैं, उससे देखकर एक अनुमान लगाया जा सकता है।
यूक्रेन ने दावा किया है, कि रूस ने विभिन्न प्रकार के 5,388 टैंक, 10,171 बख्तरबंद कर्मियों के वाहक, 8,500 से ज्यादा तोपखाने और गाइटेड रॉकेट सिस्टम खो दिए हैं। वहीं, यूक्रेन ने दावा किया है, कि रूस ने 650 फिक्स्ड और रोटरी-विंग प्लेटफॉर्म और 5,600 से ज्यादा ड्रोन खो दिए हैं।
दिसंबर 2022 में ग्लोबलडेटा शोध ने अपनी रिपोर्ट में कहा था, कि यूक्रेन में युद्ध के पहले दस महीनों में रूस के उपकरणों के नुकसान की कीमत मास्को को दोनों चेचन युद्धों में हुए नुकसान से ज्यादा थी। ग्लोबलडेटा के मुताबिक, युद्ध से पहले रूस के पास 16,970 टैंक थे, जिनमें 550 टी-90, 3,450 टी-80, 8,950 टी-72 और 1960 के दशक के 2,000 टी-64 और 2,400 टी-62 शामिल थे। रूस के पास इन्वेंट्री में 20 टी-14 आर्मटा एमबीटी थे।

रूस ने यूक्रेनी ठिकानों पर गोलीबारी करने के लिए अपने नए टी-14 आर्मटा युद्धक टैंकों का उपयोग करना शुरू कर दिया, "लेकिन उन्होंने अभी तक सीधे हमले के संचालन में भाग नहीं लिया है।" टैंकों को अतिरिक्त फ़्लैंक सुरक्षा से सुसज्जित किया गया है, और चालक दल यूक्रेन के प्रशिक्षण मैदानों में "लड़ाकू ट्रेनिंग" से गुजर रहे हैं।
वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक, इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर ने इस विषय पर अपने विशेषज्ञों से 1 नवंबर के अभियान मूल्यांकन में लगभग 200 बख्तरबंद वाहनों के नुकसान की पुष्टि की, जिसमें कहा गया कि 9 अक्टूबर तक रूस के 197 बख्तरबंद वाहन खत्म हो गये हैं।
यूक्रेन को अमेरिका और पश्चिमी देशों से एंटी-टैंक हथियार भारी मात्रा में मिले हैं, जो रूसी टैंकों के लिए अभिशाप रहे हैं। संघर्ष शुरू होते ही अमेरिका ने यूक्रेन को 2,000 जेवलिन एंटी-टैंक मिसाइलों की आपूर्ति की थी और बाद में इसकी संख्या दोगुनी कर दी। इस एंटी-टैंक हथियार ने रूसी टैंकों को भारी नुकसान पहुंचाया है।












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