यूक्रेन को लेकर दो हिस्सों में बंटी दुनिया, बाइडेन ने किया पुतिन को फोन, क्या विश्व युद्ध का शंख बजाएगा रूस?
रूस और यूक्रेन की सीमा पर 80 हजार जवानों की तैनाती कर दी तो दूसरी तरफ जो बाइडेन ने व्लादिमीर पुतिन से सरहद पर तनाव खत्म करने के लिए फोन पर बात की है।
मॉस्को/वॉशिंगटन, अप्रैल 14: यूक्रेन को लेकर दुनिया दो खेमों में बंट गई है और आशंका इस बात की है कि कभी भी विश्वयुद्ध की चिंगाड़ी भड़क सकती है। रूस और यूक्रेन के बीच सीमा पर लगातार तनाव बना हुआ है और बताया जा रहा है कि रूस ने 50 हजार से ज्यादा सैनिकों की तैनाती यूक्रेन बॉर्डर पर कर दी है। सैनिकों के साथ साथ रूस ने यूरोप सीमा पर सैकड़ों टैंक्स के साथ घेराबंदी करनी शुरू कर दी है। इसके साथ ही इस पूरे इलाते पर रूस का समर्थन करने वाले अलगाववादियों का कब्जा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन किया है और उनसे तनाव कम करने को कहा है लेकिन रूस ने अभी तक एक भी सैनिक यूक्रेन की सीमा से नहीं हटाए हैं।

बाइडेन ने किया पुतिन को फोन
यूक्रेन के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन किया है। ये दूसरा मौका है जब राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडेन ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को फोन किया हो। फोन कॉल पर बातचीत के दौरान जब बाइडेन ने पुतिन से यूक्रेन सीमा पर अपने जवानों को हटाने के लिए के लिए कहा तो पुतिन ने बाइडेन को कहा कि वो क्रीमिया क्षेत्र से अमेरिकन वॉरशिप्स को दूर ही रखे। रूस ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर क्रीमिया के पास अमेरिकन वॉरशिप्स आते हैं, तो इसके गंभीर अंजाम भुगतने होंगे। क्रीमिया विवाद क्या है, ये हम आपको आगे बताएंगे, लेकिन उससे पहले जान लीजिए कि बाइडेन ने पुतिन से क्या कहा है। बाइडेन ने पुतिन को फोन पर कहा कि रूस अपने सैनिकों को फौरन यूक्रेन और क्रीमिया की सीमा से हटा ले और उन्होंने रूसी राष्ट्रपति से साफ तौर पर कहा कि क्रीमिया की रक्षा के लिए अमेरिका पूरी तरह से तैयार है।

यूक्रेन बॉर्डर पर भारी तनाव
रूस ने यूक्रेन बॉर्डर पर भारी संख्या में अपने सैनिकों की तैनाती कर रखी है। वहीं रूस ने सैकड़ों टैंक्स भी यूक्रेन सीमा पर भेज दिया है और यूक्रेन की मदद कोई यूरोपीय देश नहीं कर पाए इसके लिए रूस ने आर्कटिक में भी अपने हथियार जमा कर रखे हैं। इस बीच रूस और यूक्रेन विवाद में ब्रिटेन भी चुका है। ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स ब्रिटेन के सबसे ज्यादा एडवांस लड़ाकू विमानों को रोमानिया में तैनात करने का प्लान बनाया है। ब्रिटिश आर्मी चीफ ने कल कहा है कि ब्रिटेन का ये फाइटर विमान काला सागर के इलाके में आसमान की रक्षा करेंगे। आपको बता दें कि रोमानिया में पहले से ही ब्रिटेन ने एयरबेस बना रखा है और यही से आईएसआईएस के खिलाफ ब्रिटिश फोर्स अपने ऑपरेशन को अंजाम देती थी।

रूस का आक्रामक रवैया
यूक्रेन की सरकार ने दावा किया है कि रूस ने यूक्रेन के पूर्वी बॉर्डर पर भारी संख्या में सैनिकों को तैनात कर रखा है। यूक्रेन सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वी बॉर्डर पर जहां रूस ने 41 हजार जवानों को तैनात किया है वहीं क्रीमिया में रूस ने 42 हजार फौजियों को तैनात कर रखा है। वहीं रूस के आक्रामक रवैये को देखते हुए यूक्रेन ने भी बॉर्डर पर सैनिकों की संख्या को बढ़ाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को बॉर्डर का जायजा लेने खुद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की सैनिकों की वर्दी में पहुंचे थे, और उनकी तस्वीर भारी तादाद में लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। उधर ब्रिटेन के साथ साथ अमेरिका और नाटो देश की सेनाओं ने भी रूस को चेतावनी शुरू कर दी है। जिसपर रूस की तरफ से बयान दिया गया है कि वो युद्ध नहीं बल्कि सीमा पर अभ्यास कर रहा है।

क्या है क्रीमिया को लेकर विवाद?
यूक्रेन के पूर्वी हिस्से को क्रीमिया कहा जाता है और ये यूक्रेन का हिस्सा था। लेकिन 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था। इस संघर्ष में इस दौरान 14 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी जिनमें काफी ज्यादा संख्या में यूक्रेन के निवासी थी। इसके साथ ही रूस ने क्रीमिया में अब भी करीब 28 हजार से ज्यादा हथियारबंद को तैनात कर रखा है। ये लोग अलगाववादी हैं, जो रूस का समर्थन करते हैं और जिन्हें रूस का समर्थन हासिल हैं। इन अलगाववादियों को डॉनबास के नाम से जाना जाता है। इन लोगों ने 2015 में यूक्रेन की सरकार के खिलाफ हथियारबंद विद्रोह का ऐलान कर दिया था और इनकी लड़ाई अब भी जारी है। ( अपने सैनिकों के बीच पहुंचे यूक्रेन के राष्ट्रपति)












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