बेलारूस को लेकर यूरोपीयन देशों से बढ़ा टकराव, रूस ने मॉस्को में विमानों को उतरने से रोका
बेलारूस के हवाई क्षेत्र का बहिष्कार करने वाले एयरलाइंस को रूस में लैंडिंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। फ्रांस और ऑस्ट्रियन फ्लाइट्स को मॉस्को एयरपोर्ट पर लैंडिंग की नहीं मिली अनुमति।
मॉस्को, मई 28: बेलारूस अब वैश्विक तनाव का नया सेंटर बनता जा रहा है और रूस खुलकर बेलारूस के समर्थन में उतर चुका है। रूस ने गुरूवार को दो यूरोपियन प्लेन के मॉस्को में उतरने की इजाजत नहीं दी क्योंकि उन्होंने बेलारूस के एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं करने वाले थे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस बात के संकेत पहले ही दे दिए थे कि बेलारूस को मॉस्को पूरी तरह से समर्थन देने जा रहा है। दरअसल, बेलारूस उस वक्त से इंटरनेशनल कम्यूमिटी के निशाने पर है, जबसे उसने इथोयोपिया जा रहे एक फ्लाइट को जबरन मिंस्क एयरपोर्ट पर उतार लिया था और फिर एक जर्नलिस्ट को गिरफ्तार कर लिया था। बेसारूस के इस कार्रवाई का विरोध करते हुए 27 यूरोपीय देश अभी तक बेलारूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा चुके हैं।

विमानों को उतरने की इजाजत नहीं
ऑस्ट्रियन एयरलाइंस ने यूएस न्यूज से इस बात की पुष्टि कर दी है कि रूस की तरफ से उसे मॉस्को एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं दी गई है। ऑस्ट्रियन एयरलाइंस ने कहा कि वो बेलारूस के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करना चाहते थे, जिसके बाद रूस ने उन्हें मॉस्को में लैंडिंग की इजाजत नहीं दी। वहीं, यूरोपीयनव देशों ने अपने देशों की एयरलाइंस को बेलारूस के हवाई क्षेत्र को इस्तेमाल नहीं करने को कहा है। बेलारूस को लेकर बवाल तब मचा है जब बेलारूस की सरकार ने एक तरह से आतंकियों की तरफ व्यवहार करते हुए यूनान से लिथुआनिया जा रहे फ्लाइट को आसमान में उड़ाने की धमकी देकर मिंस्क एयरपोर्ट पर उतार लिया था और फिर सरकार विरोधी पत्रकार रोमन प्रोतसाविक को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, पत्रकार रोमन प्रोतसाविक से बेलारूस की सरकार ने जबरन गुनाह कबूल करवाया है। जिसके बाद अब बेलारूस को लेकर रूस और यूरोपीयन देश आमने-सामने आ गये हैं और यूरोपीयन देशों के पीछे अमेरिका भी खड़ा हो गया है।

फ्रांस की फ्लाइट को भी उतरने से रोका
एयर फ्रांस ने भी कन्फर्म कर दिया है कि उसे भी मॉस्को प्रशासन की तरफ से लैंडिंग की इजाजत नहीं दी गई क्योंकि फ्रांस की तरफ से एयरफ्रांस को बेलारूस के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से रोका गया था। एयर फ्रांस ने आधिकारिक बयान में कहा है कि 'एयर फ्रांस पुष्टि करता है कि उसे फ्लाइट संख्या एएफ1154 पेरिस टू मॉस्को की उड़ान को स्थगित करना पड़ा है। क्योंकि वो बेलारूस के हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं करना था, जिसकी वजह से मॉस्को एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं मिली थी।' रिपोर्ट के मुताबिक फ्लाइट को 27 मई को भी स्थगित किया गया है और आगे की जानकारी एयरफ्रांस की तरफ से आगे दी जाएगी।

ईयू के खिलाफ रूस
विश्लेषकों का मानना है कि रूस का यह कदम स्पष्ट रूप से यूरोपीय शक्तियों को कम करने के उद्देश्य से है। जिसने यूरोपीय संघ के माध्यम से बेलारूस की एक पत्रकार को पकड़ने के लिए मिग एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल करने की निंदा की गई है। जिसके बाद रूस की तरफ से नये गाइडलाइंस जारी किया गया है और कहा गया है कि जो एयरलाइंस बेलारूस के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करेंगे, उन्हें रूस में लैंडिंग की इजाजत नहीं दी जाएगी। आपको बता दें कि बेलारूस पहले सोवियत संघ में ही था लेकिन सोवियत संघ के विघटन के बाद बेलारूस एक अलग देश बन गया, जिसे रूस का पूर्ण समर्थन प्राप्त है।












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