Explainer: व्लादिमीर पुतिन पांचवीं बार बनेंगे राष्ट्रपति? रूस में प्रेसिडेंशियल इलेक्शन की तारीखों की घोषणा
Russia presidential Election date 2024: रूस में सांसदों ने देश के 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए 17 मार्च की तारीख तय कर दी है, जिससे व्लादिमीर पुतिन एक बार फिर से राष्ट्रपति बनने के एक कदम और आगे बढ़ गये हैं। अगर इस बार भी पुतिन को राष्ट्रपति चुना जाता है, जिसकी ही संभावना है, तो ये उनका राष्ट्रपति पद का पांचवा कार्यकाल होगा।
रूस की संसद के ऊपरी सदन, फेडरेशन काउंसिल के सदस्यों ने तिथि निर्धारित करने वाले एक डिक्री को मंजूरी देने के लिए सर्वसम्मति से मतदान किया है। चैंबर के स्पीकर वेलेंटीना मतवियेंको ने कहा, कि "संक्षेप में, यह निर्णय चुनाव अभियान की शुरुआत का प्रतीक है।"

पांचवीं बार राष्ट्रपति बनेंगे पुतिन
हालांकि, 71 साल के हो चुके व्लादिमीर पुतिन ने अभी तक फिर से चुनाव लड़ने के अपने इरादे की घोषणा नहीं की है, लेकिन व्यापक रूप से उम्मीद है कि चुनाव का दिन निर्धारित होने के बाद वह जल्द ही ऐसा करेंगे। रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति अभियान पर शुक्रवार को एक बैठक आयोजित करने की योजना बनाई है।
यह पूछे जाने पर, कि क्या पुतिन ने दोबारा चुनाव लड़ने का फैसला किया है, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं से "धैर्य रखने" का आग्रह किया।
आपको बता दें, कि पुतिन ने फिर से राष्ट्रपति बनने के लिए रूस के संविधान को बदल दिया था और वो अपने मौजूदा कार्यकाल के खत्म होने के बाद दो बार और रूस के राष्ट्रपति रह सकते हैं, लिहाजा संवैधानिक तौर पर वो 2036 तक रूस के राष्ट्रपति रह सकते हैं, और अगर उन्होंने फिर से संविधान को बदला, तो जितनी उनकी मर्जी होगी, तब तक उन्हें राष्ट्रपति पद से कोई हटा नहीं सकता है।
रूस की सत्ता पर पुतिन का नियंत्रण
शासन में 20 सालों से ज्यादा रहने के दौरान पुतिन ने रूस की राजनीतिक व्यवस्था पर जो कड़ा नियंत्रण स्थापित किया है, वह मार्च में उनके पुनर्निर्वाचन को लगभग निश्चित कर देता है। प्रमुख आलोचक जो उन्हें मतपत्र पर चुनौती दे सकते थे, वे या तो जेल में हैं या विदेश में भागे हुए हैं, और ज्यादातर रूस की स्वतंत्र मीडिया पर पुतिन पहले ही प्रतिबंध लगा चुके हैं।
फिलहाल, इस बात के एक भी संकेत नहीं हैं, कि पुतिन को किसी भी विपक्षी नेता से किसी भी तरह की कोई चुनौती मिलने वाली है।
लिहाजा, अगले साल पुतिन के खिलाफ चुनाव में रस्मी तौर पर सही, कौन खड़ा होगा, यह स्पष्ट नहीं है। जेल में बंद विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी ने गुरुवार को एक ऑनलाइन बयान में अपने समर्थकों से पुतिन के अलावा किसी और को वोट देने का आग्रह किया है, लेकिन संभावना कम है, कि लोग किसी और को वोट करेंगे।
बयान में उन्होंने कहा, कि "पुतिन इस चुनाव को, उन्होंने जो काम किया है, उसकी स्वीकार्यता के तौर पर बतौर जनमत संग्रह के रूप में देख रहे हैं। वो इस चुनाव को यूक्रेन युद्ध की मंजूरी पर जनमत संग्रह मानते हैं। आइए, उनकी योजनाओं को बाधित करें और ऐसा करें, कि 17 मार्च को किसी को भी धांधली के परिणाम में दिलचस्पी न हो, लेकिन पूरा रूस देख चुका है, कि बहुमत की इच्छा है कि पुतिन को गद्दी छोड़ देना चाहिए।"
एलेक्सी नवेलनी की टीम के सदस्यों ने गुरुवार को कहा, कि उन्होंने मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और अन्य रूसी शहरों में "रूस" और "हैप्पी न्यू ईयर" और "पुतिन के बिना रूस" जैसे पोस्टर्स लगाए गये हैं, जिसमें लिंक और क्यूआर कोड हैं, जिसके जरिए लोग कह सकते हैं, कि वो पुतिन के खिलाफ हैं।
हालांकि, एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है, कि ज्यादातर पोस्टर्स हटाए जा चुके हैं।

पुतिन के खिलाफ कौन खड़ा होगा?
फिलहाल दो लोगों ने चुनाव लड़ने की योजना की घोषणा की है, जिनमें पूर्व सांसद बोरिस नादेज़दीन, जो मॉस्को क्षेत्र में एक नगरपालिका परिषद में एक सीट रखते हैं, और मॉस्को के उत्तर में तेवर क्षेत्र की एक पत्रकार और मानवाधिकार वकील येकातेरिना डंटसोवा, जो कभी विधान मंडल की स्थानीय सदस्य थीं।
यूक्रेन में पुतिन पर कमजोरी और अनिर्णय का आरोप लगाने वाले जेल में बंद कट्टर राष्ट्रवादी इगोर स्ट्रेलकोव के सहयोगियों ने भी चुनाव लड़ने की उनकी महत्वाकांक्षाओं का हवाला दिया है, लेकिन रूसी अधिकारियों द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए चरमपंथ के आरोपों से उनकी उम्मीदवारी की संभावना कम हो गई है।
स्ट्रेलकोव, एक रिटायर्ड सुरक्षा अधिकारी हैं, जिन्होंने 2014 में पूर्वी यूक्रेन में मास्को समर्थित अलगाववादियों का नेतृत्व किया था और उस वर्ष मलेशिया एयरलाइंस के यात्री जेट को गिराने में उनकी भूमिका के लिए नीदरलैंड में उन्हें हत्या का दोषी ठहराया गया था। वो पुतिन के कट्टर विरोधी हैं और कई बार सार्वजनिक तौर पर उनकी आलोचना कर चुके हैं, लिहाजा स्ट्रेलकोव को जुलाई में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह सलाखों के पीछे है। दोषी पाए जाने पर उसे पांच साल की जेल का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं, एक उम्मीदवार पूर्व सांसद बोरिस नादेज़दीन और दूसरी उम्मीदवार पत्रकार येकातेरिना डंटसोवा के लिए चुनाव में उतरना आसान नहीं है, भले ही वो उम्मीदवारी की मंशा रख रहे हों।
जब तक इन दोनों को रूस के निचले सदन, स्टेट ड्यूमा में सीटें रखने वाले पांच राजनीतिक दलों में से कोई एक उन्हें अपने उम्मीदवार के रूप में नामित नहीं करता, तब तक वो अपनी उम्मीदवारी जता नहीं सकते हैं। इसके अलावा, अगर कोई उनकी उम्मीदवारी का समर्थन भी कर देता है, फिर भी उन्हें कई क्षेत्रों में जाकर हजारों लोगों का हस्ताक्षर लेना होगा, जो करीब करीब असंभव दिखता है।
किस तरह से होते हैं रूसी राष्ट्रपति चुनाव?
रूसी चुनाव कानूनों के मुताबिक, किसी ऐसी पार्टी द्वारा आगे बढ़ाए गए उम्मीदवारों को, जिसका राज्य ड्यूमा या कम से कम एक तिहाई क्षेत्रीय विधानमंडलों में प्रतिनिधित्व नहीं है, उन्हें 40 या उससे ज्यादा अलग अलग क्षेत्रों से कम से कम एक लाख लोगों के हस्ताक्षर लेने होते हैं।
किसी भी पार्टी से स्वतंत्र रूप से उम्मीदवारी हासिल करने के लिए 40 या उससे ज्यादा क्षेत्रों से कम से कम 300,000 हस्ताक्षरों की आवश्यकता होगी।
वे आवश्यकताएं पुतिन पर भी लागू होती हैं, जिन्होंने वर्षों से विभिन्न रणनीति का उपयोग किया है। वह 2018 में निर्दलीय चुनाव लड़े और उनके अभियान ने हस्ताक्षर जुटाए। 2012 में, वह क्रेमलिन की यूनाइटेड रशिया पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े, इसलिए उस वक्त उन्हें हस्ताक्षर इकट्ठा करने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ी।
कम से कम एक पार्टी - ए जस्ट रशिया, जिसके पास 450 सीटों वाले राज्य ड्यूमा में 27 सीटें हैं, वो इस साल पुतिन को अपने उम्मीदवार के रूप में नामित करने की इच्छुक है। इंटरफैक्स समाचार एजेंसी ने पार्टी के नेता, अनुभवी विधायक और कट्टर पुतिन समर्थक सर्गेई मिरोनोव के हवाले से गुरुवार को कहा, कि ए जस्ट रशिया 23 दिसंबर की कांग्रेस (संसद) में पुतिन को नामांकित करेगा, भले ही राष्ट्रपति स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला करें।
निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे राष्ट्रपति पुतिन!
स्वतंत्र राजनीतिक विश्लेषक दिमित्री ओरेश्किन ने कहा, कि पुतिन के लिए निर्दलीय चुनाव लड़ने की ज्यादा संभावना है। उन्होंने कहा, कि "यह एक पार्टी के लिए बहुत सम्मान की बात होगी, वह खुद को बहुत महत्व देते हैं। इसलिए, मुझे लगता है, कि वह एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे, और संभवतः हस्ताक्षर एकत्र करेंगे। यह क्षेत्रों में उनके अभियान को बढ़ावा देने का एक अच्छा बहाना होगा।"
लातविया के रीगा में फ्री यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ओरेश्किन को उम्मीद है, कि पुतिन और कई अन्य कम लोकप्रिय उम्मीदवार, जैसे कि नादेज़दीन या लंबे समय तक कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गेन्नेडी ज़ुगानोव, आखिरकार चुनाव लड़ने के लिए हस्ताक्षर जुटा लेंगे।
केंद्रीय चुनाव आयोग लगभग 30 रूसी क्षेत्रों में पारंपरिक कागजी मतपत्रों के अलावा ऑनलाइन वोटिंग की योजना बना रहा है और मतदान को तीन दिनों तक बढ़ाने पर विचार कर रहा है, ये एक ऐसी प्रथा है, जिसे कोविड महामारी के दौरान अपनाया गया था, जिसकी स्वतंत्र चुनाव मॉनिटरों द्वारा व्यापक रूप से आलोचना की गई थी।
आलोचकों का कहना है, कि ऑनलाइन वोटिंग में बहुत कम पारदर्शिता है, और यदि मतदान तीन दिनों तक चलता है, तो देश में लगभग 100,000 मतदान केंद्रों को कवर करना, अधिकरियों के लिए अविश्वसनीय रूप से कठिन होगा और यह सुनिश्चित करने का उल्लेख नहीं है, कि रात में मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ नहीं की जाती है।












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