वर्जिन लड़कियों के खून से होगा कैंसर का ईलाज
बीजिंग। लड़कियों की वर्जिनीटी को लेकर चीन में अहम बहस छिड़ गई है। लड़कियों की वर्जिनीटी चीन के वैज्ञानिकों के लिए अहम हो गई है। लोड़कियों के कौमार्य से अब नया टेस्ट किया जा रहा है। चीन में महिलाओं के बढ़ रहे कैंसर को कंट्रोल करने के लिए चीनी वैज्ञानिक अब लड़कियों के कौमार्य का इस्तेमाल करने वाले है।
चीनी अखबार हफपोस्ट की खबर के अनुसार चीन के पेकिंग यूनिवर्सिटी कैंसर हॉस्पिटल ने 18 से 24 साल की उन लड़कियों से खून मांगा है, जो वर्जिन है। कहने का मतलब है कि चीनी वैज्ञानिकों ने कॉलेजों में पढ़ने वाली उन लड़कियों को अपना खून दान करने की अपील की है जिन्होंने अबतक अपना कौमार्य नहीं खोया है। सोशल मीडिया के जरिए किए जा रहे प्रचार में वैज्ञानिकों ने कहा है कि उन्हें 18 से 24 साल की ऐसी लड़कियों का खून चाहिए, जो वर्जिन हों और जिनका कौमार्य भंग न हुआ हो।

चीन की एक सोशल नेटवर्किंग साइट पर प्रकाशित इस आवेदन में केवल वर्जिन महिलाओं से खून देने की मांग की गई है, उन्हें पुरुषों का खून नहीं चाहिए। अस्पताल ने सोशल मीडिया में विज्ञापन देने के साथ-साथ कॉलेजों को भी इस बारे आवेदन भेजकर वर्जिन खून की मांग की है। अस्पताल के प्रवक्ता गुआन जियुपिंग ने बताया कि ये खून किसी बिन मतलब की बात के लिए नहीं मंगाए जा रहे हैं। बल्कि ये ह्यूमन पेपिलोमा वायरस यानी की एचपीवी पर हो रहे शोध के लिए मांगा गया है।
दरअसल एचवीपी एक तरह कै वाइरस है जो अमूमन सेक्सुअल संबंध बनाने से फैलते हैं। ये वायरस धीरे-धीरे कैंसर का रुप ले लेता है। वर्जिन लड़कियों के खून का इस्तेमाल कर वैज्ञानिक इस वायरस के लिए अक्षम करने की तरबीक ढ़ूढ़ने की कोशिश कर रही है। वैज्ञानिकों की माने तो वर्जिन लड़कियों का खून से वो इस पर एक्पेरिमेंट करना चाहते है। इसमें केवल उन्हीं लड़कियों का खून इस्तेमाल हो सकता है जिन्होंने अबतक किसी भी तरह का सेक्स ना किया है, क्योंकि एचवीपी वायरस सेक्स के दौरान ही पनपता है। खबर के अनुसार, अभी तक करीब 50 महिलाएं खून दान कर चुकी हैं।












Click it and Unblock the Notifications