भारत की राजनीति में अमेरिकी दखल चाहते हैं राहुल गांधी? स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में दिया गोल मटोल जवाब
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इसी महीने अमेरिका की राजकीय यात्रा पर जाने वाले हैं। पीएम मोदी 22 जून को अमेरिका में होंगे और उससे पहले राहुल गांधी अमेरिका में दो रैलियां और दर्जनों सभा को संबोधित करेंगे।

Rahul Gnadhi US Visit: दस दिनों के अमेरिका दौरे पर गये कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा सदस्यता जाने को लेकर अपनी कहानी सुनाई है। इसके साथ ही, राहुल गांधी क्या भारत की घरेलू राजनीति में अमेरिका की मदद चाहते हैं, इसपर भी अपनी बात रखी है।
राहुल गांधी, जो अमेरिका में अलग अलग कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं, उन्होंने दौरे के पहले दिन भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कई बड़े आरोप लगाए और उनपर तंज कसे हैं। वहीं, अब राहुल गांधी ने टिप्पणी की है, कि वह शायद पहले व्यक्ति हैं, जिन्हें "मानहानि के लिए अधिकतम सजा" दी गई है।
अमेरिका में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में बोलते हुए संसद सदस्य के रूप में अपने परिचय पर राहुल गांधी ने कहा, "मुझे नहीं लगता, कि जब मैं 2004 में राजनीति में शामिल हुआ था, तो मैंने कभी कल्पना की थी कि देश में अब क्या हो रहा है। मानहानि के लिए अधिकतम सजा पाने वाला मैं पहला व्यक्ति हो सकता हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ संभव है।"
आपको बता दें, कि इस साल मार्च महीने में सूरत ट्रायल कोर्ट ने मानहानि के एक मामले में उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उन्हें केरल के वायनाड लोकसभा सीट से उनकी संसद सदस्यता अयोग्य घोषित कर दी गई। हालांकि, मामले में उन्हें जमानत मिली हुई है।
सूरत कोर्ट के इस फैसले के बाद चार बार सांसद बने राहुल गांधी अगले 8 सालों तक लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ सकते हैं, अगर हाईकोर्ट उनकी सजा को सस्पेंड नहीं करता है।
संसद सदस्यता जाने से मिला बड़ा मौका
राहुल गांधी ने अमेरिका में बोलते हुए कहा है, कि "मानहानि के मामले में उन्हें अधिकतम सजा सुनाई गई है, जो शायद भारत में मानहानि के मामले में अधिकतम सजा का पहला मामला है।"
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में लगी सभा को राहुल गांधी ने बताया, कि सांसद के रूप में उनकी लोकसभा से बर्खास्तगी ने उन्हें संसद में बैठने की तुलना में "बड़ा अवसर" प्रदान किया है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा का भी उल्लेख किया है।
उन्होंने कहा, कि "विपक्ष भारत में संघर्ष कर रहा है। बीजेपी ने संस्थानों पर कब्जा कर लिया है। हम इसे लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहे हैं। जब हमने देखा, कि कोई भी संस्थान हमारी मदद नहीं कर रहा है, तो हम सड़कों पर उतर आए और इसलिए, भारत जोड़ो यात्रा हुई।"

इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूछे जाने पर, कि क्या वह घरेलू हालात से निपटने के लिए राहुल गांधी विदेशी मदद मांग रहे हैं, उन्होंने उस सवाल को गोल मटोल जवाब दिया। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा, "मैं किसी से समर्थन नहीं मांग रहा हूं। मैं स्पष्ट हूं, कि हमारी लड़ाई, हमारी लड़ाई है, लेकिन हां, यहां भारत के युवा छात्र हैं। और मैं उनसे संवाद करना चाहता हूं और ऐसा करना मेरा अधिकार है।"
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इसके बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा, कि पीएम को भी लोगों के साथ बातचीत करनी चाहिए और "कुछ कठिन सवालों का जवाब देना चाहिए"।
आपको बता दें, कि इस वक्त राहुल गांधी तीन शहरों के दौरे के दौरान फिलहाल कैलिफोर्निया में हैं, जिसके दौरान वह भारतीय प्रवासियों के साथ भी बातचीत करेंगे और अमेरिकी सांसदों से मुलाकात करेंगे। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख पित्रोदा ने कहा है, कि राहुल गांधी की यात्रा का उद्देश्य साझा मूल्यों को बढ़ावा देना और "वास्तविक लोकतंत्र" पर प्रकाश डालना है।












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