क्वाड समिट में भारत ने दिखाया दम, जानिए इससे जुड़ी हर महत्वपूर्ण बात
जापान के टोक्यो में चल रही क्वाड देशों की बैठक संपन्न हो गई। लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्रों में शांति स्थापित करने को लेकर चर्चा हुई।
टोक्यो, 24 मईः जापान के टोक्यो में चल रही क्वाड देशों की बैठक संपन्न हो गई। लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्रों में शांति स्थापित करने को लेकर चर्चा हुई। इस बैठक में चीन की तानाशाही पर कैसे ब्रेक लगे उसपर भी चर्चा की गई। वहीं, चीन द्वारा उसके पड़ोसी देशों को परेशान करने के मुद्दे भी उठाए गए। पीएम मोदी ने कहा कि 'क्वाड' के स्तर पर हमारे आपसी सहयोग से मुक्त, खुले और समावेशी 'इंडो पैसिफिक क्षेत्र' को प्रोत्साहन मिल रहा है। जो हम सभी का साझा उद्देश्य है। अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन और जापान के प्रधानमंत्री जहां रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन पर बरसे तो वहीं ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने पर बात की।

आपसी सहयोग से मिल रहा प्रोत्साहनः मोदी
क्वाड में संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बेहद कम समय में क्वाड ने अहम जगह बना ली है। क्वाड के द्वारा आपसी सहयोग से प्रोत्साहन मिल रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि क्वाड के पास असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि टोक्यो में मित्रों के बीच होना सौभाग्य की बात है। आर्थिक सहयोग से समन्वय बढ़ा है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति-सुरक्षा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 'क्वाड' के स्तर पर हमारे आपसी सहयोग से मुक्त, खुले और समावेशी 'इंडो पैसिफिक क्षेत्र' को प्रोत्साहन मिल रहा है। जो हम सभी का साझा उद्देश्य है।

भविष्य में बेहद उपयोगी होगा क्वाडः बाइडन
क्वाड बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बाइडन ने कहा कि क्वाड के पास भविष्य में बहुत काम है, यह आगे बेहद उपयोगी साबित होगा। उन्होंने रूस-यूक्रेन जंग पर चिंता जताई और कहा कि यह सबसे बड़ा मानव संकट है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। हिंद-प्रशांत क्षेत्र को शांतिपूर्ण और स्थिर रखने के लिए हमें एकजुट होना होगा। कोरोना महामारी से निपटने और जलवायु संकट को दूर करने के लिए हमें आगे काम करना होगा। बाइडन ने कहा कि इंडो-पैसिफिक में अमेरिका एक मजबूत, स्थिर और स्थायी साझेदार होगा। हम हिंद-प्रशांत की शक्तियां हैं। जब तक रूस युद्ध जारी रखता है, हम भागीदार बने रहेंगे और वैश्विक प्रतिक्रिया का नेतृत्व करेंगे।

एक संस्कृति को खत्म कर रहे पुतिनः बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन एक संस्कृति को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। यह केवल यूरोप का मुद्दा नहीं है बल्कि पूरी दुनिया का मुद्दा है। रूस ने यूक्रेन पर गेहूं निर्यात करने की पाबंदी लगा दी है जिससे पूरी दुनिया में भोजन संकट पैदा हो सकता है। बाइडन ने पुतिन को चेतावनी देते हुए कहा कि रूस जंग को जितना लंबा खिचेगा हम यूक्रेन की और मदद करेंगे।

यूएन के सिद्धांतों को चुनौती देता है रूसः फूमियो किशिदा
क्वाड लीडर्स समिट में जापान के पीएम फूमियो किशिदा ने कहा कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण संयुक्त राष्ट्र चार्टर में निहित सिद्धांतों को पूरी तरह से चुनौती देता है। उन्होंने कहा कि हमें आसियान, दक्षिण एशिया के साथ-साथ हिंद प्रशांत देशों की आवाजों को ध्यान से सुननी चाहिए, ताकि सहयोग को और आगे बढ़ाया जा सके, जो कि तत्काल मुद्दों को हल करने के लिए अनुकूल हो।

कार्बन उत्सर्जन में कमी लाएंगेः एंथनी अल्बानीज
क्वाड समिट के शुरुआती संबोधन में ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज ने कहा कि हम इस बात को स्वीकार करते हुए कार्य करेंगे कि प्रशांत महासागर के द्वीप राष्ट्रों के लिए जलवायु परिवर्तन मुख्य आर्थिक और सुरक्षा चुनौती है। मेरी सरकार 2030 तक उत्सर्जन में 43% की कमी करने का एक नया लक्ष्य निर्धारित करेगी और 2050 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लिए ट्रैक पर लाएगी। उन्होंने कहा कि जैसा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र ने नया आकार दिया है, क्वाड साझेदारी की अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है। इस क्षेत्र में खासा ध्यान देने की जरूरत है।

मोदी-बाइडन के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता
जापान की राजधानी टोक्यों में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-वैश्विक शांति के लिए भारत-अमेरिका की दोस्ती अहम है। हमारे समान हितों में विश्वास मजबूत हुआ है। हमारी दोस्ती मानव कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, हिंद-प्रशांत मसले पर हम समान विचारधारा वाले देशों के साथ समान विचार साझा करते हैं, जिससे हमारी चिंताओं और हितों की रक्षा के लिए काम किया जा सके।

दोनों देश के बीच विश्वास हुआ मजबूतः बाइडन
इस द्विपक्षीय वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, भारत और अमेरिका की साझेदारी सही मायने में विश्वास की साझेदारी है। हमारे साझा हितों और मूल्यों ने दोनों देशों के बीच विश्वास के बंधन को मजबूत किया है। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि हम यूएस डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन के लिए भारत में काम को जारी रखने, वैक्सीन उत्पादन, स्वच्छ ऊर्जा पहल का समर्थन करने के लिए समझौता कर चुके हैं।

छात्रों को क्वाड फेलोशिप में भाग लेने को किया आमंत्रित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक में कहा कि मैं अपने छात्रों को 'क्वाड' फेलोशिप कार्यक्रम के लिए आवेदन करने और मानवता के बेहतर भविष्य का निर्माण करने वाले एसटीईएम नेताओं और नवप्रवर्तकों की अगली पीढ़ी में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।

कोरोना नियंत्रण पर कही ये बात
क्वाड की बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना की प्रतिकूल स्थिति के बावजूद, हमने वैक्सीन वितरण, जलवायु कार्रवाई, आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन, आपदा प्रतिक्रिया, आर्थिक सहयोग और अन्य क्षेत्रों के लिए अपना समन्वय बढ़ाया है। इसने इंडो-पैसिफिक में शांति, समृद्धि और स्थिरता सुनिश्चित की है।

एकतरफा कार्रवाई का करेंगे पुरजोर विरोध
क्वाड की बैठक में चारों देशों के नेताओं ने संयुक्त वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि हम किसी भी जबरदस्ती, उत्तेजक या एकतरफा कार्रवाई का पुरजोर विरोध करते हैं जो यथास्थिति को बदलने और तनाव बढ़ाने की कोशिश करता है। हम पूर्व और दक्षिण चीन सागर में संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में दृष्टिगोचर अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करेंगे।












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