ग्रेटा के भाषण से खुश नहीं हैं पुतिन, विकासशील देशों का नाम लेते हुए दी ये सलाह

मास्को। स्वीडन की रहने वाली पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में भाषण दिया है। जहां एक ओर पूरी दुनिया में उनके भाषण की प्रशंसा हो रही है, वहीं दूसरी ओर रूस के राष्ट्रपति को ये पसंद नहीं आया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 16 साल की ग्रेटा के भाषण की आलोचना की है। उन्होंने एक ऊर्जा फोरम में इस मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि ग्रेटा को कुछ बातों का पता ही नहीं है।

Greta Putin

बीते महीने ग्रेटा ने संयुक्त राष्ट्र में पर्यावरण पर दिए अपने भाषण से सभी को हैरान कर दिया था। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने में विफल रहने के लिए विश्व नेताओं की निंदा की थी। पर्यावरण को लेकर अपने जैसे अन्य बच्चों की बात करते हुए उन्होंने विश्व नेताओं से कहा था : 'आपकी हिम्मत कैसे हुई?'

अब पुतिन ने मास्को में आयोजित एक फोरम में ग्रेटा के भाषण पर कहा है, 'मैं आपको निराश कर सकता हूं लेकिन मैं ग्रेटा थनबर्ग के भाषण के बारे में सामान्य उत्साह साझा नहीं करता।'

उन्होंने कहा, 'किसी ने ग्रेट को ये नहीं बताया है कि आधुनिक दुनिया जटिल और अलग है... अफ्रीका के लोग और एशिया के अधिकतर देशों के लोग उसी वेल्थ (आर्थिक स्तर) के साथ रहना चाहते हैं जैसे स्वीडन के लोग रहते हैं।'

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ग्रेटा और संसद के कनाडाई सदस्य मैक्सिम बर्नियर का मजाक उड़ाया था। उन्होंने ग्रेटा को मानसिक रूप से अस्थिर बताया था। जिसके बाद थनबर्ग ने कहा था कि बच्चे को लेकर किया गया उनका मजाक ये बताता है कि उनका (ग्रेटा का) संदेश उनके संभाले जाने के लिए काफी मुश्किल है।

पुतिन ने कहा कि पर्यावरण के मुद्दों पर ध्यान देने वाले युवाओं का समर्थन किया जाना चाहिए। 'लेकिन जब कोई व्यक्तिगत हितों में बच्चों और टीनेजर्स का इस्तेमाल करे, तो यह केवल निंदा के योग्य है। जाओ को विकासशील देशों को समझाओ कि उन्हें गरीबी में क्यों रहना चाहिए और स्वीडन जैसा नहीं होना चाहिए।'

इसके बाद पुतिन ने कहा कि थनबर्ग का इस्तेमाल कुछ समूह कर रहे हैं, जिसका उन्होंने नाम बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ये समूह अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए थनबर्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बता दें बीते साल स्वीडन की संसद के बाहर ग्रेटा ने पर्यावरण के मुद्दे पर साप्ताहिक विरोध प्रदर्शन किया था। इससे लाखों की संख्या में दुनियाभर के लोग प्रभावित हुए और सरकारों से जलवायु परिवर्तन पर आपातकालीन कार्रवाई करने की मांग के साथ सड़कों पर उतरे।

थनबर्ग ने अपने संयुक्त राष्ट्र के भाषण में कहा था, 'यह सब गलत है। मुझे यहां नहीं होना चाहिए, मुझे समुद्र के दूसरी ओर स्कूल में वापस जाना चाहिए, फिर भी आप सभी लोग उम्मीद के लिए हम युवाओं के पास आते हैं। आपकी हिम्मत कैसे हुई? आपने मेरे सपनों और मेरे बचपन को अपने खाली शब्दों से चुराया है।'

इस हफ्ते की शुरुआत में, रूसी संसद के निचले सदन डूमा के एक सदस्य ने भाषण देने के लिए थनबर्ग को रूस भी बुलाया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+