किंगमेगर नहीं नेपाल के ‘किंग’ बनेंगे प्रचंड, पुष्प कमल दहल होंगे अगले PM, जानिए कैसे पलटी बाजी?
नेपाल में अगले प्रधानमंत्री पद का रास्ता साफ हो गया है। पुष्प कमल दहल ने दावा किया है कि वे नेपाल की अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ढाई साल तक सीपीएन-यूएमएल का नेतृत्व करेंगे।

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नेपाल में अगले प्रधानमंत्री पद का रास्ता साफ हो गया है। पुष्प कमल दहल ने दावा किया है कि वे नेपाल की अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने सत्ताधारी माओइस्ट सेंटर को समर्थन देने से इनकार कर दिया और इस गठबंधन को भी छोड़ दिया था। गठबंधन छोड़ने के कुछ देर बाद अब 6 दलों के गठबंधन ने अगली सरकार के पीएम के रूप में 'प्रचंड' को चुना है। माओवादी सेंटर के पुष्प कमल दहल ने नेपाल के राष्ट्रपति को लिखे अपने पत्र में कहा है कि उन्हें पीएम पद के लिए निर्दलीय सांसदों समेत 169 सांसदों का समर्थन हासिल है।

राष्ट्रपति ने दी थी अंतिम तारीख
इससे पहले राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने सभी पार्टियों से कहा था कि वो रविवार तक नई सरकार बनाने पर कोई फैसला ले लें। इसके बाद शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस और प्रचंड की सीपीएन माओवादी अलग-अलग तरीके से सरकार बनाने की तैयारी करने लगे। इसके बाद आज पुष्प कमल दहल की पार्टी ने नेपाली कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया। नेपाली कांग्रेस के नेता राम चंद्र पौडेल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पूर्व पीएम प्रचंड उर्फ पुष्प कमल दहल ने आज दोपहर गठबंधन की बैठक से बाहर निकलते हुए माओवादी पार्टी द्वारा दिए सत्तारूढ़ गठबंधन को दिए गया समर्थन वापस लेने की घोषणा की।

रविवार को टूटा गठबंधन
माओवादी सेंटर के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ने कहा कि नेपाली कांग्रेस के संग गठबंधन ने अपनी प्रासंगिकता खो दी थी। इसके बाद प्रचंड की पार्टी ने ऐलान किया है कि 6 पार्टियों का गठबंधन तैयार हो गया है और इसमें पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड' प्रधानमंत्री बनेंगे। इन पार्टियों ने कहा है कि प्रचंड ढाई साल तक पीएम रहेंगे। इसके बाद CPN-UML सत्ता संभालेगी। यानी कि अब लगभग है कि अगले ढाई साल बाद पूर्व पीएम ओली नेपाल के प्रधानमंत्री बनेंगे।

6 दलों के गठबंधन में कौन शामिल हैं?
केपी शर्मा ओली की पार्टी CPN-UML के नेता बर्शमन पुन ने कहा कि पुष्प कमल दहल शुरू के ढाई साल तक पीएम पद पर रहेंगे जबकि शेष ढाई साल के लिए केपी शर्मा ओली इस पद को संभालेंगे। इसके लिए समझौते पर मुहर लगा दी गई है। नए गठबंधन में सीपीएन-यूएमएल के 78, माओवादी सेंटर के 32, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के 20, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के 14, जनता समाजवादी पार्टी के 12, जनमत पार्टी के 6 सांसद हैं। इसके अलावा दहल को नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के 4 सांसदों का भी समर्थन हासिल है। अगर ये दावा सही साबित होता है तो इस नए गठबंधन को 166 सीटें हासिल होती हैं, जो कि बहुमत से अधिक है।

कौन हैं पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’?
पुष्प कमल दहल नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं। पुष्प कमल दहल 2008-09 और फिर 2016-17 तक नेपाल के प्रधानमंत्री रहे। इसके साथ ही वे विद्रोही नेता भी रहे हैं। उन्होंने माओवादी विद्रोह का नेतृत्व किया। नेपाल की राजशाही को समाप्त कर देश को एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित करने का श्रेय ‘प्रचंड' को ही जाता है। नेपाल में राजशाही खत्म करने को लेकर 1996 में कई पुलिस स्टेशनों पर हमला होना शुरू हुआ। इसका नेतृत्व प्रचंड ही कर रहे थे। इसके बाद से उनकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई।












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