भारत से पहले चीन जाने की तैयारी में मालदीव के राष्ट्रपति, आखिर मोहम्मद मुइज्जू के मन में क्या चल रहा है?
हाइलाइट्स
- परंपरा तोड़ेंगे मालदीव के राष्ट्रपति
- तुर्की के रूप में किया पहला दौरा
- मालदीव-चीन के बीच चल रही बातचीत

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पहले भारत दौरे की सालों पुरानी परंपरा तोड़ने की तैयारी में हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मालदीव के नए राष्ट्रपति जल्द ही चीन का दौरा कर सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
लेकिन अगर मोहम्मद मुइज्जू अगर ये चीन दौरा करते हैं तो यह पहली बार होगा जब मालदीव का लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति भारत से पहले चीन का दौरा करेंगे। साल 2008 से ही मालदीव का सभी राष्ट्रपति पहले भारत आते रहे हैं।
इनमें भारत के विरोधी माने जाने वाले नेता मोहम्मद वाहिद और अब्दुल्ला यामीन का नाम भी शामिल है। भारत विरोधी नेता मोहम्मद वाहीद ने 2012 में और इसके दो साल बाद 2014 में अब्दुल्ला यामीन ने भी अपना पहला दौरा भारत का ही किया था।
तुर्की का दौरा कर चुके मुइज्जू
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के बीच बीजिंग में द्विपक्षीय वार्ता के लिए बातचीत चल रही है जो कुछ ही हफ्तों में हो सकती है। अगर यह वार्ता होती है तो मोहम्मद मुइज्जू चीन आने वाले मालदीव के पहले राष्ट्रपति होंगे। खास बात है कि भारत और चीन से पहले मुइज्जू तु्र्की का दौरा कर चुके हैं।
भारत और चीन को दिया संकेत
मोहम्मद मुइज्जू ने सीओपी28 शिखर सम्मेलन में दुबई पहुंचने से पहले तुर्की का दौरा किया था। मुइज्जू के पहले तुर्की जाने को एक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि इसके जरिए मालदीव के राष्ट्रपति दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका देश भारत या चीन पर निर्भर नहीं है।
चीन ने मुइज्जू का भेजा न्यौता
कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि चीन ने मुइज्जू को न्योता भेजा है। वहीं, अब तक साफ नहीं है कि भारत की तरफ से न्योता गया है या नहीं। मुइज्जू के चीन दौरे की चर्चाएं ऐसे समय पर आईं हैं, जब वह लगातार भारतीय सैनिकों को मालदीव से बाहर करने पर जोर लगा रहे हैं।
भारत के साथ समझौता खत्म
COP28 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मुइज्जू ने कहा था कि भारत सैनिकों को वापस बुलाने के लिए तैयार हो गया है। हाल ही में मालदीव की तरफ से एक ऐलान और किया गया है कि वह भारत के साथ समझौता खत्म कर रहा है, जिसके तहत भारतीय नौसेना को मालदीव के जल क्षेत्र में हाइड्रोग्राफिक सर्वे करने की अनुमति थी।
6 साल पहले यामीन गए थे चीन
चीन का दौरा करने वाले आखिरी राष्ट्रपति यामीन थे। यामीन ने साल 2017 में चीन की यात्रा की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच गुप्त व्यापार समझौता हुआ था। इसी के साथ चीन को पश्चिमी एटोल में एक ऑवजरवेटरी बनाने के समझौते पर भी हस्ताक्षर किया गया था, जिसने भारत के लिए चिंताए बढ़ा दी थी। दरअसल, इस समझौते के तहत चीन के पास हिंद महासागर के एक बड़े से क्षेत्र में शिपिंग मार्ग का अधिकारी प्राप्त होगा, जहां से कई व्यापारी जहाज गुजरते हैं।












Click it and Unblock the Notifications