झारखंड में IAS पूजा सिंघल को लेकर सियासी उबाल

कभी 21 साल की उम्र में सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाली भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) की अधिकारी पूजा सिंघल अपने 22 साल के करियर के सबसे मुश्किल दिनों से गुजर रही हैं.

साल 2000 बैच की झारखंड काडर की इस आइएएस अधिकारी के घर-ससुराल, उनके पति के अस्पताल और उनसे जुड़े लोगों पर प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की टीम की छापेमारी के बाद वे चर्चा में हैं.

झारखंड में IAS पूजा सिंघल को लेकर सियासी उबाल

इडी की टीम ने रांची के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) सुनील कुमार के घर से 17 करोड़ रुपए की नक़दी बरामद की है. इडी को शक है कि यह पैसा पूजा सिंघल का हो सकता है. सुनील कुमार उनके पति अभिषेक झा के सीए रहे हैं. इस कारण उनका सिंघल परिवार में आना-जाना है.

हालांकि, सुनील कुमार ने दावा किया है कि यह नक़दी उनकी है. इसका विवरण वे इस साल के आयकर रिटर्न में देने वाले थे. उन्होंने कहा कि उन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूजा सिंघल और विनय चौबे जैसे आईएएस अधिकारियों का नाम लेने का दबाव डाला जा रहा है.

सुनील कुमार के इन दावों के बावजूद इडी ने शनिवार की शाम उन्हें गिरफ्तार कर लिया. वे पाँच दिनों के लिए इडी की रिमांड पर हैं. इडी दफ्तर में उनसे पूछताछ की जा रही है. उन्हें फिर 12 मई को कोर्ट में पेश किया जाना है.

उनकी गिरफ्तारी खूंटी जिले में साल 2008-10 के दौरान हुए मनरेगा घोटाला के मामले में की गई है. पूजा सिंघल तब खूंटी की उपायुक्त हुआ करती थीं. इस घोटाले में संलिप्तता के आरोप उन पर भी लगाए गए थे, लेकिन विभागीय जांच के बाद पूजा सिंघल को क्लीन चिट मिल गई थी.

यह विभागीय जांच पूर्ववर्ती रघुबर दास सरकार के कार्यकाल के दौरान साल 2016-17 में कराई गई थी. इसके बाद उनका सचिव रैंक में प्रोमोशन हुआ और वे कृषि सचिव बनाई गईं.

सभी सरकारों से ठीक संबंध

अक्सर फ्लोरल प्रिंट की गहरे रंगों वाली साड़ियां पहनने वाली पूजा सिंघल इन दिनों झारखंड सरकार की खनन सचिव हैं. पाकुड़, चतरा, लोहरदगा, खूंटी और पलामू ज़िलों की उपायुक्त (डीसी) रह चुकीं पूजा सिंघल कई महत्वपूर्ण पदों को संभाल चुकी हैं. इस दौरान सभी मुख्यमंत्रियों से उनके अच्छे संबंध रहे हैं.

साल 2006 में उपायुक्त (डीसी) के तौर पर उनकी पहली पोस्टिंग पाकुड़ में हुई. इस दौरान मनरेगा के तहत बेहतर कार्य प्रबंधन और रोजगार सृजन के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला. वे झारखंड के उन गिने-चुने आइएएस अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्हें 'पीएम अवॉर्ड फार एक्सीलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन' मिल चुका है.

पेशेवर संबंधों के अलावा राज्य के कई राजनेताओं उऩकी पत्नियों, चिकित्सकों और ब्यूरोक्रेसी के लोगों से उनके निजी ताल्लुकात रहे हैं. दफ्तर में कड़क अधिकारी के बतौर पहचान के बावजूद रांची की सोशल गैदरिंग्स में लोग उन्हें सहज और मुखर महिला के तौर पर जानते हैं.

उचार-चढ़ाव भरा निजी जीवन

कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी के साथ अपना जन्मदिन (7 जुलाई 1978) शेयर करने वाली 43 साल की पूजा सिंघल का निजी जीवन उतार-चढ़ाव वाला रहा है. वे स्कूल के दिनों से ही पढ़ाई में हमेशा अव्वल रही हैं. साल 1999-2000 की सिविल सेवा परीक्षा में उनकी आल इंडिया रैंक 26 वीं थी.

वे देहरादून के गढ़वाल विश्वविद्यालय की स्नातक हैं. उन्होंने अपना ग्रेज्युएशन बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में किया है. यह परीक्षा भी उन्होंने प्रथम श्रेणी से पास की थी. इसके बाद वे सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हुईं और पहले ही प्रयास में पास कर गईं. तब उनकी उम्र सिर्फ 21 साल कुछ महीने थी.

उनकी पहली शादी झारखंड काडर के ही 1999 बैच के आइएएस अधिकारी राहुल पुरवार से हुई, लेकिन उनके संबंध ज़्यादा दिनों तक मधुर नहीं रह सके.

संबंधों में खटास आने के बाद इन दोनों अधिकारियों ने अलग रहने का फैसला किया. अलग होने से पहले हजारीबाग समेत कुछ जिलों में उनकी साथ-साथ पोस्टिंग भी हुई. साथ रहने के दौरान ही दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं और अंततः इसकी परिणति तलाक़ के रूप में हुई.

राहुल पुरवार से तलाक़ के बाद पूजा सिंघल ने उम्र में अपने से छोटे अभिषेक झा से दूसरी शादी की. वे रांची के पल्स सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल के प्रबंध निदेशक हैं. ईडी ने इस अस्पताल पर भी छापा मारकर वहां से कुछ दस्तावेज ज़ब्त किए हैं.

अभिषेक झा के मुजफ्फरपुर (बिहार) स्थित पैतृक निवास पर भी छापा मारकर उनके पिताजी से भी पूछताछ की गई है.

छापेमारी पर सियासत

पूजा सिंघल और उनके पति से जुड़ी जगहों और लोगों पर ईडी की छापेमारी के बाद झारखंड में सियासत भी तेज हो गई है. यहाँ सत्तारुढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने रविवार को बीजेपी कार्यालय के समक्ष जुलूस निकालकर केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया.

जेएमएम के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने रविवार की शाम आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीए सुनील कुमार के बयान का वीडियो जारी करते हुए कहा कि यह जाँच की जानी चाहिए कि उन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम लेने का दबाव कौन बना रहा है.

उन्होंने कहा कि पूजा सिंघल के यहाँ जिस मामले में छापेमारी की गई है, वह घोटाला बीजेपी की सरकार के वक़्त का है और बीजेपी की ही रघुबर दास सरकार ने उन्हें क्लीन चिट भी दी थी. ऐसे में हमारी सरकार को घेरने की कोशिशें नाकामयाब होंगी.

वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी की कार्रवाई को गीदड़भभकी क़रार देकर भ्रष्टाचारियों का बचाव कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पूजा सिंघल के पूरे कार्यकाल की जांच कराई जानी चाहिए.

डी और पूजा सिंघल की चुप्पी

इस पूरे मामले का दिलचस्प पहलू यह है कि तीन दिनों तक चली कार्रवाई के बाद भी इडी ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. इस पूरे मामले के केंद्र में बनीं आइएएस पूजा सिंघल ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

स्थानीय मीडिया में सूत्रों के हवाले से खबरें हैं कि ईडी ने अपनी छापेमारी के दौरान कुल 19.31 करोड़ रुपये की बरामदगी की और क़रीब 20 शेल कंपनियों का पता लगाया है.

सीए सुनील कुमार के घर पर मिले करोड़ों के कैश की गिनती करती मशीनों का एक वीडियो और नोटों के बंडलों से ईडी की आकृति बनायी एक तस्वीर भी मीडिया में लीक हुई, लेकिन किसी ने यह नहीं बताया कि वह वीडियो या तस्वीर किसने उतारी थी. अब यही फुटेज और तस्वीर वायरल हो रही है लेकिन इडी अधिकारियों ने इसपर चुप्पी साध रखी है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+