PoK Protest: '30 लाख कश्मीरी घेरे में', Pok में क्यों भड़की हिंसा? 3 की मौत, UNHRC में उठे पाकिस्तान पर सवाल
PoK Protest Update: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में बढ़ते तनाव और हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने वैश्विक ध्यान खींचा है। जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेके जेएसी) के नेतृत्व में मुजफ्फराबाद में शुरू हुआ आंदोलन अब मीरपुर, कोटली और अन्य जिलों तक फैल चुका है।
इन प्रदर्शनों में कम से कम तीन लोगों की मौत और 22 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में इस मुद्दे ने जोर पकड़ा है, जहां पाकिस्तान पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगा।

UNHRC में पाकिस्तान की कार्रवाइयों पर सवाल
जिनेवा में चल रहे UNHRC के 60वें सत्र में यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) के प्रवक्ता नासिर अजीज खान ने पीओजेके में पाकिस्तान की दमनकारी नीतियों की निंदा की। उन्होंने वैश्विक समुदाय से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि 30 लाख से अधिक कश्मीरी दमन का सामना कर रहे हैं। खान ने पाकिस्तान पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए रेंजर्स तैनात करने, इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद करने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे असहमति को दबाने और लोगों को अलग-थलग करने की साजिश बताया।
प्रदर्शनकारी चेतावनी दे रहे हैं - "मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन और उग्र होगा!" पाकिस्तान ने जवाब में रेंजर्स तैनात किए, इंटरनेट-फोन ब्लैकआउट लगाया। नासिर अजीज खान, यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) के प्रवक्ता ने कहा, '30 लाख कश्मीरी घेरे में हैं, 20 लाख विदेशों में परिवारों से कट चुके। ये ब्लैकआउट दमन का हथियार है।'
PoK Protest Reason: क्यों भड़की हिंसा?
जेके जेएसी ने 38 सूत्री मांगपत्र के साथ विरोध शुरू किया था, जिसमें बुनियादी अधिकार, स्वशासन और कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधायी सीटों को खत्म करने की मांग शामिल है। सरकार द्वारा इन मांगों को नजरअंदाज करने से गुस्सा बढ़ा, जिसके बाद 29 सितंबर को बंद और चक्का जाम का आह्वान किया गया। यह आंदोलन हिंसक हो गया, जिसमें तीन पुलिसकर्मियों की मौत और 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।
Tension in Muzaffarabad:मुजफ्फराबाद में तनावपूर्ण माहौल
मुजफ्फराबाद, मीरपुर और कोटली में दुकानें, होटल और व्यावसायिक केंद्र बंद हैं। सार्वजनिक परिवहन ठप है, और स्कूलों में कक्षाएं खाली हैं। प्रदर्शनकारी अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तानी सरकार ने अतिरिक्त पुलिस और रेंजर्स तैनात कर जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है।
पाक सरकार का जवाब
संघीय मंत्री तारिक फजल चौधरी ने दावा किया कि जेके जेएसी की 90% मांगें स्वीकार कर ली गई हैं और सरकार बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि, प्रदर्शनकारी इसे नाकाफी मानते हैं और आंदोलन तेज करने की बात कह रहे हैं।
वैश्विक समुदाय की नजर
UNHRC में उठे इस मुद्दे ने पीओजेके में मानवीय संकट की गंभीरता को उजागर किया है। खान ने वियना घोषणा और यूडीएचआर जैसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों का हवाला देते हुए मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें अनसुनी रहीं तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।
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