संकट में याद आ रहा है भारत! पाक वज़ीरे आज़म शहबाज शरीफ मिलेंगे पीएम मोदी से! बिलावल ने कहा,'हम साथ रहेंगे'
समरकंद में 15-16 सितंबर को होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और पाकिस्तान के उनके समकक्ष शहबाज शरीफ के बीच मुलाकात की संभावना जताई जा रही है।
नई दिल्ली/इस्लामाबाद, 11 अगस्त : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के समकक्ष शहबाज शरीफ के बीच मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, पाक पीएम शाहबाज शरीफ की पीएम मोदी समेत अन्य प्रमुख देशों के शीर्ष नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। शहबाज की भारत,चीन, रूस और ईरान के शीर्ष नेताओं के साथ निर्धारित बैठकें अगल महीने के मध्य तक होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मोदी-शरीफ मुलाकात की अटकलें
डेली जंग अखबार के मुताबिक, उज्बेकिस्तान के समरकंद में 15-16 सितंबर को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी। जिसमें शहबाज शरीफ की पीएम मोदी से मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मिलने वाले अन्य देश के नेताओं में चीन, रूस और ईरान के प्रमुख शामिल हैं।

बिलावल ने क्या कहा, जानें
संघीय राजधानी में राजनयिक सूत्रों ने पुष्टि की कि विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने 28 जुलाई को एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया , जहां सदस्य देशों के प्रमुखों के व्यक्तिगत रूप से शिखर सम्मेलन में भाग लेने की बात पर चर्चा हुई थी।

बिलावल ने कहा, नहीं होगी अलग से मुलाकात
हालांकि, बिलावल भुट्टो जरदारी ने WION न्यूज़ को बताया, "सितंबर में भारतीय और पाकिस्तानी प्रधानमंत्रियों के बीच किसी भी बैठक की कोई योजना नहीं है," उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों SCO का हिस्सा हैं और दोनों देशों के प्रमुख केवल इस शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंचेंगे। विदेश मंत्री बिलावल ने कहा, "भारत हमारा पड़ोसी देश है। हम कई चीजों पर तो फैसला कर सकते हैं, लेकिन अपने पड़ोसियों को नहीं चुन सकते, इसलिए हमें साथ-साथ रहने की आदत डाल लेनी चाहिए।

भारत पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्तों की बात करता है
बता दें कि, पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति श्रीलंका जैसी हो रही है। वहां महंगाई चरम पर और आवाम कमरतोड़ महंगाई से परेशान हो चुकी है। पाकिस्तान को कोई कर्ज भी नहीं दे रहा है। सुनने में आया है कि चीन को भी अब इस्लामाबाद बोझ लगने लगा है। ऐसे में पाकिस्तान भारत के साथ रिश्तों को सुधारने की बात कर सकता है। भारत वैसे भी अपने पड़ोसी देशोें को तकलीफ नहीं देता है। वह हमेशा सहायता करने की बात करता है। लेकिन पाकिस्तान, चीन जैसे पड़ोसी देश दोस्ती की आड़ में दुश्मनी निकालने की फिराक में लगे रहते हैं।












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