पीएम मोदी ने बताया इस्लाम को शांति का प्रतीक, मंदिर के लिए भी मिली जमीन
अबु धाबी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अबु धाबी की सबसे अहम और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मस्जिद शेख जायद इस्लाम का दौरा किया। पीएम मोदी के इस मस्जिद पर जाने को लेकर सबकी नजरें लगी हुई थीं। पीएम जब यहां से निकलने लगे तो उन्होंने यहां की विजिटर्स बुक में जो कुछ भी लिखा, वह अपने आप में काफी अहम है।

इस्लाम को बताया शांति का प्रतीक
पीएम ने मस्जिद की विजिटर्स बुक में इस इस्लाम को शांति और सद्भावना का प्रतीक करार दिया। उन्होंने लिखा कि शेख जायेद मस्जिद इस्लामिक स्थापत्य कला की श्रेष्ठतम कृति है।
आपको बता दें कि दुनिया की इस तीसरी सबसे बड़ी मस्जिद में 40 हजार लोग आसानी से समा सकते हैं। इसका निर्माण 1996 से 2007 के बीच कराया गया था। पीएम मोदी 34 वर्षों में दुबई पहुंचने वाले पहले भारतीय पीएम हैं।
उन्हें को एयरपोर्ट पर रिसीव करने राजकुमार शेख सुल्तान बिन जायेद अल नाह्यान अपने पांच भाइयों के साथ पहुंचे थे। राजकुमार शेख ने मोदी का स्वागत प्रोटोकॉल तोड़कर किया।
यूएई ने इसी साल मई में ऐसा स्वागत मोरक्को के किंग का किया था। संयुक्त अरब अमीरात के लिए भी मोदी का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है।
अब दुबई में बनेगा मंदिर
पीएम मोदी के दो दिवसीय दौरे के बीच रविवार को यूएई की सरकार ने अबु धाबी में एक मंदिर के निर्माण के लिए जमीन देने का फैसला किया। यूएई की राजधानी में निर्मित होने वाला यह पहला मंदिर होगा। इस ‘ऐतिहासिक' निर्णय के लिए मोदी ने यूएई नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया।
दुबई में जहां दो मंदिर हैं, वहीं अबु धाबी में एक भी मंदिर नहीं है। दुबई में एक मंदिर भगवान शिव का है जबकि दूसरा भगवान कृष्ण का है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने यह जानकारी देते हुए ट्वीट किया कि भारतीय समुदाय की लंबी प्रतीक्षा खत्म हुई। प्रधानमंत्री की यात्रा पर यूएई सरकार ने अबु धाबी में एक मंदिर बनाने के लिए जमीन आवंटित करने का फैसला किया।
उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक फैसले के लिए यूएई नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया । यूएई में करीब 26 लाख भारतीय रहते हैं।












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