पीएम मोदी की वजह से अमेरिका में पैदा होंंगे रोजगार के अवसर, जानिए कैसे?
वॉशिंगटन। 26 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली मुलाकात होगी। इससे पहले उनके प्रेस सेक्रेटरी सीन स्पाइसर ने कहा है कि नए भारत के लिए पीएम मोदी का नजरिया अमेरिका में भी रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। सीन स्पाइसर ने यह बात उस समय कही जब वह भारत के प्रधानमंत्री की राष्ट्रपति के साथ मुलाकात की तारीख के बारे में जानकारी दे रहे थे।

अमेरिका और भारत के बीच बढ़ा व्यापार
स्पाइसर ने दोनों देशों के बीच समान हितों के बारे में बात कर रहे थे और वह बता रहे थे कि ट्रंप की 'बाय अमेरिकन हायर अमेरिकन' वाली नीति को आगे बढ़ा रहे हैं, भारत को उस नीति की वजह से घबराहट हो रही है। इस पर उन्होंने जवाब दिया, 'अमेरिकी ऊर्जा और तकनीकी जिसमें प्राकृतिक गैस भी शामिल है, वह पीएम मोदी के नए भारत के निर्माण में मदद कर रहा है और इसकी वजह से अमेरिका में भी कई हजारों नौकरियों के अवसर पैदा हो रहे हैं।' अमेरिका और भारत के बीच व्यापार में वर्ष 2000 के बाद से छह गुना तक इजाफा हुआ है। वर्ष 2016 में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार बढ़कर 19 बिलियन डॉलर से बढ़कर 115 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया था। स्पाइसर ने बताया, 'और भारत की अर्थव्यवस्था सात प्रतिशत के दर से बढ़ रही है।' उनका कहना था कि इस दर की वजह से भविष्य के लिए एक आशा जगी है।
व्हाइट हाउस ने लिया यू-टर्न
व्हाइट हाउस ने भारत की ओर से अमेरिका में पैदा हो रहे नौकरियों के अवसरों के मुद्दे पर यू-टर्न लिया है। ट्रंप ने चीन और भारत जैसे देशों को जा रही नौकरियों पर इससे अलग बयान दिया था। अप्रैल में ट्रंप ने आदेश दिया था कि उन देशों के साथ हो रहे व्यापार का पुनरीक्षण करे जहां पर अमेरिका घाटे में चल रहा है। भारत इस लिस्ट में था लेकिन चीन के साथ अगर भारत की तुलना की जाए तो इसमें जमीन-आसमान का अंतर था। भारत में अमेरिका को जहां व्यापार में 24 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ तो वहीं चीन में नुकसान का आंकड़ा 347 बिलियन डॉलर था। भारत के प्रोफेशनल्स में ट्रंप के नए आदेश के बाद वीजा और दूसरे मुद्दों से जुड़ी चिंताएं हावी हो गई थीं।












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