"ये मेरी क्रेडिबिलिटी है..." PM मोदी ने बताया रूस-यूक्रेन युद्ध से भारतीय छात्रों को कैसे निकाला
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एएनआई को अपना इंटरव्यू दिया है। पीएम मोदी ने ये इंटरव्यू एएनआई की शीर्ष पत्रकार और संचालक स्मिता प्रकाश को दिया है। इस विशेष इंटरव्यू में पीएम मोदी ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध पर चर्चा की है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि किस तरह से उनके प्रयासों से यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाया जा सका था। पीएम ने कहा कि दोनों ही देशों के राष्ट्रपतियों के साथ उनके अच्छे संबंध रहे हैं। युद्ध के दौरान जब भारतीय छात्र वहां फंस गए थे तो उन्होंने दोनों राष्ट्रप्रमुखों से बात कर के रास्ता निकाला था।

पीएम ने कहा, "मैं दोनों राष्ट्रपतियों संग बहुत दोस्ताना रहा हूं। मैं राष्ट्रपति पुतिन से सावर्जनकि रूप से कह सकता हूं कि यह युद्ध का समय नहीं है। मैं यूक्रेन से भी सार्वजनिक रूप से कह सकता हूं कि हमें बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि मेरी विश्वसनीयता है।"
पीएम ने कहा जब उन्होंने उनसे कहा कि उनके देश में कई भारतीय फंसे हुए हैं तो उन्होंने मदद की और तब भारतीय ध्वज की ताकत इतनी थी कि एक विदेशी भी अगर अपने हाथ में भारतीय ध्वज पकड़ लेता था, तो उसके लिए भी जगह बन जाती थी। इसलिए मेरा झंडा मेरी गारंटी बन गया।
पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन की घटना की चर्चा अधिक हुई लेकिन कई ऐसी घटनाएं हुईं जिसमें हमने अपने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। पीएम ने यमन से 5000 हजार भारतीयों को सुरक्षित देश वापस लाने की घटना का भी जिक्र किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''मैंने सऊदी किंग से बात की और उनसे कहा कि मैं यमन से लोगों को वहां लाना चाहता हूं, वहां तो बमबारी चल रही है, हम ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं, आप हमारी कैसे मदद करेंगे? तो उन्होंने कहा, कृपया मुझे समझने का प्रयास करें। और ये सारी बातें सुषमा जी ने अपने इंटरव्यू में कही हैं। भारत के कहने पर बमबारी रोकी गयी और हम अपने लोगों को हवाई जहाज से बाहर लेकर आ गए हम यमन से लगभग 5000 लोगों को लाए, यूक्रेन में भी ऐसा ही हुआ था।"












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