एक बार फिर व्हाइट हाउस कर रहा पीएम मोदी का इंतजार, इस बार ट्रंप बनेंगे मेजबान
व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा इस वर्ष वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी। फिलहाल पीएम मोदी के अमेरिका दौरे की कोई तारीख तय नहीं हुई है।
वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस की ओर से बयान जारी कर इस बात की पुष्टि कर दी गई है कि इस वर्ष भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वॉशिंगटन जाएंगे जहां पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनका स्वागत करेंगे। इस बयान से साफ है कि वीजा बंदिशों के बाद भी नया प्रशासन दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों को जारी रखना चाहता है।

तारीख अभी तय नहीं
अभी तक व्हाइट हाउस की ओर से पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। व्हाइट हाउस की ओर से जो बयान जारी किया गया है उसमें कहा गया है, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कहा है कि वह इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं।'

शपथ लेने के बाद दो बार पीएम मोदी से बात
जनवरी में जब से राष्ट्रपति ट्रंप ने शपथ ली है तब से दो बार उनकी प्रधानमंत्री मोदी से दो बार फोन पर बात की है। सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन करके उन्हें हालिया विधानसभा चुनावों में मिली एतिहासिक जीत की बधाई दी थी। ऐसा बहुत कम हुआ है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने विधानसभा चुनावों की बधाई दी है। इस फोन कॉल से साफ है कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध गर्मजोशी से भरे हैं।

पीएम मोदी को बताया 'ग्रेट मैन'
जनवरी में जब ट्रंप और मोदी की फोन पर बात हुई थी तब दोनों नेताओं ने साउथ और सेंट्रल एशिया के हालातों पर चर्चा की थी। उस समय भी राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को अमेरिका आने का इनवाइट दिया था। जिस समय ट्रंप राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी की रेस में थे उस समय उन्होंने पीएम मोदी को 'महान व्यक्ति' कहा था। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी एक ऊर्जावान व्यक्ति हैं तो भारत की अफसरशाही को बदल रहे हैं।

नई ऊंचाईयों पर दोनों के संबंध
ट्रंप को चुनाव में मिली जीत के बाद पीएम मोदी पहले ऐसे नेता थे जिनसे ट्रंप की बात हुई थी। एक के बाद एक कई ट्वीट में उन्होंने कहा था कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्साहित हैं ताकि दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा किया जा सके।

वीजा बंदिशों के बाद भी संबंध गहरे
ट्रंप प्रशासन ने वीजा पर कुछ बंदिशें लगा दी हैं और इससे लेकर भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के बीच काफी चिंता है। अमेरिका की ओर से 65,000 एच-1बी वीजा हर वर्ष जारी होते हैं और भारतीय इन वीजा को सबसे ज्यादा हासिल करने वाले होते हैं। पिछले हफ्ते ही केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि भारत इस बारे में अमेरिका से बात करना चाहता है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी ट्वीट किया था कि इस बार में किसी को कोई चिंता नहीं होनी चाहिए।

ओबामा और मोदी की दोस्ती
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के संबंधों में नई ऊंचाईयां आई थीं। उस समय पीएम मोदी ने चार बार अमेरिका का दौरा किया था और दो बार ओबामा ने उनका व्हाइट हाउस में स्वागत किया था। राष्ट्रपति ओबामा वर्ष 2015 में भारत के गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि बनकर आए थे और उन्होंने उस समय पीएम मोदी के साथ 'मन की बात' प्रोग्राम को को-होस्ट भी किया था।

वर्ष 2014 में पीएम मोदी का पहला अमेरिकी दौरा
वर्ष 2014 में जब पीएम मोदी ने चुनाव जीता तो राष्ट्रपति ओबामा ने उन्हें व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया। पीएम मोदी जब उस वर्ष संयुक्त राष्ट्रसंघ महासभा के अधिवेशन में भाग लेने के लिए अमेरिका पहुंचे तो ओबामा ने उस समय उनका व्हाइट हाउस में रेड कार्पेट वेलकम किया। पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति बराक ओबामा की यह पहली मुलाकात थी जिसने देश विदेश में सुर्खियां बटोरीं।












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