Tarique Rahman PM Modi Talk: पीएम मोदी ने तारिक रहमान को फोन कर दी बधाई, और क्या हुई बात?
Tarique Rahman PM Modi Talk: बांग्लादेश की राजनीति में 17 साल बाद तारिक रहमान की वापसी के साथ ही एक नया इतिहास रच गया है। शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को संपन्न हुए आम चुनावों में तारिक रहमान की पार्टी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने दो-तिहाई बहुमत के साथ प्रचंड जीत हासिल की है। इस ऐतिहासिक जीत के कुछ ही घंटों बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान से फोन पर बात की और उन्हें बधाई दी।
पीएम मोदी ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर इस बातचीत की जानकारी देते हुए कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश का समर्थन करना जारी रखेगा। 20 साल बाद सत्ता में लौट रही BNP के लिए यह जीत दक्षिण एशिया की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है।

'पड़ोसी धर्म' और अटूट समर्थन का वादा
PM मोदी ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि, 'श्री तारिक रहमान से बात करके बेहद प्रसन्नता हुई। मैंने उन्हें बांग्लादेश के चुनावों में मिली शानदार जीत पर बधाई दी। मैंने बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के उनके प्रयासों के लिए अपनी शुभकामनाएं और समर्थन व्यक्त किया। गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों वाले दो करीबी पड़ोसियों के रूप में, मैंने दोनों देशों के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया।'
प्रचंड जीत की ओर BNP
बांग्लादेश में 17 साल का सियासी वनवास खत्म कर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने सत्ता में धमाकेदार वापसी की है। गुरुवार को हुए आम चुनाव के नतीजों में BNP गठबंधन ने 299 में से 212 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया। जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को महज 77 सीटों पर संतोष करना पड़ा। शेख हसीना के पतन के बाद हुए इस पहले चुनाव में जीत के साथ ही तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना तय है, जिससे देश में 20 साल बाद BNP की सरकार बनने जा रही है।
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25 दिसंबर 2025 को तारिक रहमान ढाका लौटे थे
लंदन में करीब दो दशक बिताने के बाद 25 दिसंबर 2025 को तारिक रहमान ढाका लौटे थे। 2026 के इस आम चुनाव को उनके राजनीतिक पुनर्जन्म के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने न केवल संगठन को एकजुट किया, बल्कि ढाका-17 और बोगरा-6 जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों पर भारी अंतर से जीत हासिल की। उनकी यह वापसी बांग्लादेश की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
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