पापुआ न्यू गिनी ने जीता भारत का दिल...FIPIC समिट में PM मोदी ने प्रशांत द्वीप देशों को क्या भरोसा दिया?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भारत के पहले एक पीएम हैं, जो पापुआ न्यू गिनी के दौरे पर पहुंचे हैं। जहां एयरपोर्ट पर पापुआ न्यू गिनी के पीएम ने उनका पैर छूकर आशीर्वाद लिया और गर्मजोशी से स्वागत किया।

Papua New Guinea Pacific Forum Summit: पापुआ न्यू गिनी में सोमवार को तीसरे भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग ( India-Pacific Islands Cooperation-- FIPIC) शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि भारत बहुपक्षवाद में विश्वास करता है और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी भारत-प्रशांत का समर्थन करता है।
पीएम मोदी ने मंच पर बोलते हुए यह भी कहा, कि उनके लिए, प्रशांत द्वीप राष्ट्र "बड़े महासागरीय देश हैं न कि छोटे द्वीप राज्य।"
प्रधान मंत्री मोदी ने पापुआ न्यू गिनी के प्रधान मंत्री जेम्स मारपे के साथ तीसरे भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग (FIPIC) शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की, जिसमें प्रशांत क्षेत्र के 14 प्रशांत द्वीप देश (PIC) इस शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
सभी 14 प्रशांत क्षेत्र द्वीप देशों के राष्ट्रप्रमुखों का एक साथ एक कार्यक्रम में जुटना अपने आप में दुर्लभ बात है।
FIPIC समिट में पीएम मोदी ने क्या कहा?
FIPIC शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, कि भारत बिना किसी झिझक के प्रशांत द्वीप देशों के साथ अपने अनुभव और क्षमताएं साझा करने को तैयार है।
उन्होंने कहा, कि "भारत को आपका विकास भागीदार होने पर गर्व है। आप भारत पर एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में भरोसा कर सकते हैं। हम बिना किसी हिचकिचाहट के आपके साथ अपने अनुभव और क्षमताओं को साझा करने के लिए तैयार हैं"।
पीएम मोदी ने आगे कहा, कि "हम बहुपक्षवाद में विश्वास करते हैं और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी भारत-प्रशांत का समर्थन करते हैं।"
कोविड महामारी के प्रभाव पर बोलते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि इसका प्रभाव ग्लोबल साउथ में सबसे ज्यादा देखा गया है। पीएम मोदी ने कहा, कि "जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, भूख, गरीबी और स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां पहले से ही थीं, अब नई समस्याएं पैदा हो रही हैं... मुझे खुशी है कि भारत मुश्किल के समय में अपने मित्र प्रशांत द्वीप देशों के साथ खड़ा रहा।"
भारत जी-20 के माध्यम से ग्लोबल साउथ की चिंताओं, उनकी अपेक्षाओं और उनकी आकांक्षाओं को दुनिया तक पहुंचाना अपनी जिम्मेदारी समझता है। उन्होंने कहा, जी7 शिखर सम्मेलन में भी पिछले दो दिनों में मेरा यही प्रयास था।
भारत-पापुआ न्यू गिनी में द्विपक्षीय वार्ता
इससे पहले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्सा मारापे ने राजधानी पोर्ट मोरेस्बी में एक द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें वाणिज्य, प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य देखभाल के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन में सहयोग पर चर्चा की गई।
इस वार्ता को उत्पादक बताते हुए, प्रधान मंत्री मोदी ने कहा, कि उन्होंने भारत और पापुआ न्यू गिनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों की पूरी श्रृंखला को कवर किया है।
PM Shri @narendramodi attends the 3rd FIPIC Summit in Papua New Guinea. https://t.co/JFirDyNFQ8
— BJP (@BJP4India) May 22, 2023
पीएम मोदी ने ट्वीट किया, कि "प्रधानमंत्री जेम्स मारापे और मैंने भारत और पापुआ न्यू गिनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों की पूरी श्रृंखला को कवर करते हुए बहुत ही उपयोगी बातचीत की है। हमने वाणिज्य, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और जलवायु परिवर्तन को संबोधित करने में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।"
इसके अलावा, दोनों नेताओं ने पापुआ न्यू गिनी की टोक पिसिन भाषा में तमिल क्लासिक 'थिरुक्कुरल' का अनुवाद भी लॉन्च किया।
ये पुस्तक, जिसे भारत और पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्रियों ने लॉन्च किया बैस, सुभा ससींद्रन और वेस्ट न्यू ब्रिटेन प्रांत के गवर्नर ससीन्द्रन मुथुवेल उसके सह-लेखक थे।
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आपको बता दें, कि पीएम मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में इंडो-पैसिफिक देश पहुंचे हैं। पीएम मोदी के आगमन पर, भारतीय राष्ट्रगान बजाया गया और दोनों प्रधान मंत्री सम्मान में खड़े रहे। पीएम मोदी को एयरपोर्ट पर गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।












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