पेरिस में PM मोदी को राष्ट्रपति मैक्रों देंगे दुर्लभ सम्मान, रूस के बाद फ्रांस है भारत का हर मौसम का साथी
India-France Friendship: रूस के बाद शायद दुनिया का इकलौता देश फ्रांस ही है, जिसने हर बार, हर हाल में भारत का साथ दिया है, इसीलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, दोनों देशों के बीच की दोस्ती की 25वीं वर्षगांठ का जश्न मनाने फ्रांस में होंगे, तो इस दौरान दोनों देशों के बीच कई ऐतिहासिक समझौते किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फ्रांस दौरे के दौरान दोनों देशों के 25 सालों के विजन स्टेटमेंट पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों एलिसी पैलेस में एक निजी रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। फ्रांस में प्रधानमंत्री मोदी बैस्टिल डे परेड में सम्मानित अतिथि होंगे, वहीं, लौवर संग्रहालय में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में एक राजकीय भोज का भी आयोजन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फ्रांस की दो दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देश अपनी मजबूत दोस्ती का सबूत दुनिया का दिखाएंगे
दो दिनों के फ्रांस दौरे पर पीएम मोदी
सूत्रों के मुताबिक, विज़न दस्तावेज़ के अलावा, रक्षा, अंतरिक्ष, भू-रणनीति, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, संग्रहालय विज्ञान, छात्र गतिशीलता, लोगों से लोगों के बीच संपर्क, खेल, संस्कृति पर महत्वाकांक्षी परिणाम जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी। इंडो-पैसिफिक के साथ-साथ रणनीतिक स्तंभ पर भी अलग-अलग संयुक्त बयान दोनों देशों के बीच आ सकते हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन 13 जुलाई को एक निजी रात्रिभोज के लिए एलिसी पैलेस में पीएम मोदी की मेजबानी करेंगे। उसके अगले दिन लौवर संग्रहालय में एक राजकीय भोज की मेजबानी करने की भी उम्मीद है। सूत्रों ने बताया, कि राष्ट्रपति मैक्रों मोदी को संग्रहालय का भ्रमण भी करा सकते हैं।
सूत्रों ने कहा, कि चूंकि पीएम मोदी की यात्रा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ के साथ मेल खाती है, और फ्रांस भारत के लिए एक प्रमुख रणनीतिक भागीदार है, इसलिए विज़न स्टेटमेंट अगले 25 वर्षों के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने का अवसर होगा, जो 2047 में भारत की आज़ादी की सालगिरह की 100वीं वर्षगांठ के साथ मेल खाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 14 जुलाई को पीएम मोदी बैस्टिल दिवस समारोह में सम्मानित अतिथि होंगे, और इस कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना के राफेल विमान सहित भारत की तीनों सेनाएं परेड में भाग लेगी।
बैस्टिल दिवस परेड, जो बैस्टिल दिवस समारोह का मुख्य आकर्षण है, यह भारत के गणतंत्र दिवस परेड के समान ही होता है। हालांकि, विदेशी नेताओं को सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित करना आम बात नहीं है और आखिरी बार 2017 में किसी विदेशी नेता को आमंत्रित किया गया था, जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बैस्टिल दिवस समारोह में हिस्सा लिया था। परेड में विदेशी मार्चिंग टुकड़ियों और विदेशी विमानों को शामिल करना और भी दुर्लभ है। लिहाजा, ये भारत और फ्रांस के बीच की अटूट दोस्ती को दिखाता है।
सूत्रों ने कहा कि मोदी का फ्रांस के पूरे राजनीतिक नेतृत्व के साथ बातचीत करने का कार्यक्रम है, जिसमें प्रधान मंत्री एलिजाबेथ बोर्न और सीनेट (उच्च सदन) और नेशनल असेंबली (निचला सदन) के अध्यक्ष शामिल हैं।
सूत्रों ने कहा, "सीईओ फोरम में व्यापार और अर्थव्यवस्था पर जोर दिया जाएगा, जिसमें भारतीय और फ्रांसीसी पक्षों के बड़े नाम शामिल होंगे...जो न केवल द्विपक्षीय मुद्दों पर, बल्कि दोनों देश वैश्विक मुद्दों पर क्या कर सकते हैं, इस पर भी करीबी सहयोग की उम्मीद है।"












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