प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को अमेरिकी कोर्ट से 10 करोड़ डॉलर की राहत, जानिए क्या है मामला
नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक अमेरिकी कोर्ट ने 10 करोड़ डॉलर की राहत दी है। अमेरिकी अदालत ने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ एक मुकदमे को खारिज कर दिया है, क्योंकि इस मुकदमे में याचिकाकर्ता ही दो निर्धारित तारीखों पर कोर्ट में पेश होने में नाकाम रहा। दोनों नेताओं के खिलाफ यह मुकदमा एक अलगाववादी कश्मीर खालिस्तान संगठन और उसके दो सहयोगी संगठनों की ओर से किया गया था। यह मुकदमा जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाने और उसे दो संघ शासित प्रदेश में विभाजित किए जाने के भारतीय संसद के फैसले के खिलाफ किया गया था। लेकिन, मुकदमे के बाद से ही अलगाववादी याचिकाकर्ता गायब रहे और उन्होंने अदालत की ओर दी गई दो-दो तारीखों की अवहेलना की। इसी पर कोर्ट ने आखिरकार केस को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

10 करोड़ डॉलर के मुआवजे वाला मुकदमा खारिज
यह मुकदमा अमेरिकी अदालत में पिछले साल 19 सितंबर को तब दायर किया गया था, जब कुछ ही दिनों बाद प्रधानमंत्री मोदी वहां टेक्सास के ह्यूस्टन में ऐतिहासिक हाउडी मोदी कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। दरअसल, अपनी याचिका में अलगाववादी कश्मीर खालिस्तान संगठन ने भारतीय संसद से आर्टिकल-370 के तहत जम्मू-कश्मीर के विशेषाधिकार को खत्म किए जाने और उसे दो अलग संघ शासित प्रदेश बनाने के फैसले को चुनौती दी थी और इसकी एवज में प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री शाह और लेफ्टिनेंट जनरल कंवल जीत सिंह ढिल्लन से 10 करोड़ डॉलर का मुआवजा मांगा था। ढिल्लन इस वक्त डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी में डायरेक्टर जनरल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के मातहत डिप्टी चीफ ऑफ इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ हैं।

याचिकाकर्ता तारीख पर नहीं पहुंचे
6 अक्टूबर के लिखे अपने आदेश में टेक्सास के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी जिला कोर्ट के जज फ्रांसिस एच स्टैकी ने मुकदमा खारिज करते हुए कहा कि कश्मीर खालिस्तन रिफ्रेंडम फ्रंट ने मुकदमा दर्ज करने के लिए केस को आगे बढ़ाने के लिए कुछ नहीं किया और अब दो तय तारीखों पर उपस्थित होने में भी नाकाम रहा है। इस केस को टेक्सास जिला कोर्ट के जज एंड्रयू एस हैनेन ने 22 अक्टूबर को पूरी तरह से खत्म कर दिया। इस केस के दो और शिकायतकर्ताओं की पहचान सिर्फ टीएफके और एसएमएस के तौर पर हुई है। याचिकर्ताओं की ओर से अलगाववादी वकील गुरवंत सिंह पन्नुन ने पैरवी की।

अदालत ने सिरे से खारिज किया केस
रिकॉर्ड के मुताबिक कश्मीर खालिस्तान रेफ्रेंडम फ्रंट इस साल 18 फरवरी को ह्यूस्टन स्थित भारतीय कॉन्सुलेट में पीएम मोदी, शाह और ढिल्लन के खिलाफ समन देने में सफल रहा था। इस मामले में अमेरिकी अदालत ने इस साल 2 अगस्त को पहला और 6 अक्टूबर को दूसरे कॉन्फ्रेंस की तारीख मुकर्रर की थी, जिसपर वे नहीं पहुंचे और अदालत का समय जाया किया। इस आधार पर जज स्टैकी ने कश्मीर खालिस्तान रेफ्रेंडम फ्रंट की अर्जी खारिज करने की सिफारिश की थी, जिसपर दो हफ्ते बाद जज हैनेन ने मुहर लगाते हुए इसे पूरी तरह से रद्द कर दिया।

हाउडी मोदी में जुटी थी भारतीय-अमेरिकियों की भारी भीड़
बता दें कि अमेरिका में हाउडी मोदी कार्यक्रम को काफी पब्लिसिटी मिली थी और 22 सितंबर, 2019 को इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 50,000 से ज्यादा भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों को संबोधित किया था। अमेरिका के लिए राजनेताओं के भाषण सुनने के लिए इतनी भीड़ जुटना बहुत ही बड़ी घटना मानी गई थी।
-
'मैं गृहस्थ नहीं हूं, लेकिन सब जानता हूं', महिला आरक्षण पर PM मोदी की 10 बड़ी बातें, बदल जाएगी संसद की सूरत! -
Nari Shakti Vandan: सरकार का 'मास्टरस्ट्रोक' है महिला आरक्षण? खड़गे का मोदी को पत्र, नारी शक्ति वंदन क्या है? -
Iran US Talk Fail: तेल के दामों में लगेगी आग, हालात होंगे बदतर! शांतिवार्ता फेल, अब क्या होगा आगे? -
JD Vance PC Highlights: 'बुरी खबर हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे', 21 घंटे की महावार्ता के बाद बोले जेडी वेंस -
Asha Bhosle का राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार, आशा ताई के निधन पर PM Modi हुए इमोशन, लिखी भावुक बातें -
PM Modi Rahul Gandhi video: लोकतंत्र की सुंदर तस्वीर! फुले जयंती पर PM मोदी-राहुल गांधी की मुलाकात ने जीता दिल -
Doon Lit Fest 2026: देहरादून में सजा साहित्य-सिनेमा का महाकुंभ, इम्तियाज अली समेत कई दिग्गज शामिल -
Arvind Kejriwal News: केजरीवाल का मोदी सरकार पर हमला, IT नियमों में संशोधन पर साधा निशाना -
Shreyasi Singh: कौन हैं श्रेयसी सिंह? जो बन सकती हैं बिहार की नई CM, जाति, परिवार से संपत्ति तक हर एक डिटेल -
16 की उम्र में आशा भोसले ने लता दीदी के सेक्रेटरी से की शादी, पति ने घर से निकाला, RD Burman ने थामा हाथ -
Asha Bhosle: कौन होगा आशा भोसले का उत्तराधिकारी? किसको मिलने वाली है अरबों की संपत्ति, दो नाम रेस में सबसे आगे -
Vrindavan: 'अब बोट वापस ले चलो', नाविक की एक गलती और छिन गईं 10 जिंदगियां, सामने आई हादसे की असली वजह












Click it and Unblock the Notifications