नीदरलैंड्स में मोदी: पासपोर्ट से नहीं बदलते खून के रिश्ते, पीएम को जेब में रखने का तरीका भी बताया
हेग। पीएम नरेंद्र मोदी तीन देशों के दौरे के अंतिम पड़ाव पर मंगलवार को नीदरलैंड्स पहुंचे। शीर्ष नेताओं के साथ बातचीत के बाद उन्होंने हेग में भारतीय समुदाय के तीन हजार लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने खुलकर अपने दिल की बातें कहीं...

मोदी के भाषण की अहम बातें
प्रधानमंत्री ने करीब तीन हजार भारतीयों को संबोधित के सामने भाषण की शुरुआत भोजपुरी से की। उन्होंने लोगों से पूछा- का हाल बा? मतलब क्या हाल-चाल हैं?
पीएम मोदी ने नीदरलैंड्स में रह रहे भारतीयों से अपील करते हुए कहा कि क्या आप मुझसे जुड़ना चाहते हो? अगर आप आप चाहते हो कि मैं आपकी जेब में रहूं, तो आप नरेंद्र मोदी एप डाउनलोड कर लो। मैं हमेशा आपके करीब रहूंगा।
जब मेरी सरकार बनी थी तब दाल के दाम बहुत महंगी थी। हर तरफ यही चर्चा होती थी, मोदी बताओ दाल के दाम कब कम होंगे? अब दाल के दाम इतने कम हो गए हैं कि कोई पूछने को तैयार नहीं है। हमने किसानों से अपील की है कि दाल की पैदावार बढ़ाएं।
पहले लोकतंत्र का मतलब 5 साल में एक बार जाना, ईवीएम का बटन दबाना और जो पसंद आए उसे जिता देना और 5 साल का कॉन्ट्रैक्ट दे देना होता था। यह लोकतंत्र की मर्यादा नहीं है, यह उसका सीमित भाग है। सरकार जनभागीदारी से चलती है। हमारे यहां कोई प्राकृतिक आपदा आ जाए तो सरकारी तंत्र की ताकत छोटी पड़ जाती है, लेकिन लोग, संस्थाएं हर किसी तक मदद तुरंत पहुंच जाती है। ये जनशक्ति का सामर्थ्य है। इस सरकार की कोशिश है कि हर काम में जनभागीदारी हो।

दुनिया ने माना भारतीय महिलाओं का लोहा
बराक ओबामा जब गणतंत्र दिवस पर भारत आए तो उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देने जो सेना की तीनों टुकड़ियां आई उनका नेतृत्व महिलाएं कर रही थी। बराक ओबामा इसे देखकर काफी आश्चर्य से मेरे पास आए और पूछे कि यह सब क्या है? मैंने कहा कि आप कल का गणतंत्र परेड देखिएगा और अगले दिन गणतंत्र परेड पर पूरी दनिया ने भारतीयों महिलाओं का लोहा माना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ये जो गूंज इस समय सुनाई दे रही है, इसे देखकर भारत के लोगों को भी आश्चर्य होता होगा कि छोटे से हेग में रह रहे भारतीय में इतना दम है?
यहां खासकर जो सूरीनाम के लोग हैं उनका मैं ह्रदय से आभार व्यक्त करना चाहता हूं। दुनिया में जहां-जहां भारतवासी गए हैं। चाहे मॉरीशस हो या सूरीनाम, वे इतना समय भी बीतने के बाद भी अपनी परंपराओं को नहीं भूले।

उदाहरण से समझाई अपनी बात
प्रधानमंत्री ने कहा, लोहे का एक गोला कितना भी बड़ा क्यों ना हो उसे थोड़ा सा जोर लगाकर अपनी जगह से हटाया जा सकता है, लेकिन एक पेड़, जिसकी जड़ें जमीन में फैली हैं उसे हिलाया भी नहीं जा सकता। जड़ों से जुड़े रहने की ताकत क्या होती है ये मेरे सूरीनाम के भाइयों से सीख सकते हैं।
पीएम ने आगे कहा कि यहां रहने वाले लोगों के पासपोर्ट का रंग कोई भी हो, लेकिन पासपोर्ट का रंग बदलने से खून के रिश्ते नहीं बदलते।
मोदी ने कहा, 'किसी भी दूसरे देश में एंबेसी होती हैं, एंबेस्डर होते हैं। अधिकारी होते हैं, जिन्हें राजदूत कहते हैं, लेकिन आप सब लोग राष्ट्रदूत हैं।
पीएम ने कहा कि हमारे यहां 100 से ज्यादा भाषाएं हैं, अनेक बोलियां हैं इसे देखकर दुनिया को आश्चर्य होता है। जब मैं किसी दूसरे देश के नेता से 125 करोड़ भारतीयों का नेता हूं तो वो आश्चर्य से देखते हैं। उन्हें लगता है कि हम छोटा सा देश नहीं चला पा रहे और आप 125 करोड़ लोगों का देश चला रहे हैं।












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