Nepal: भारत के करीबी पुष्प कमल दहल प्रचंड ने पीएम ओली पर जमकर बोला हमला
काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली शर्मा जो नए नक्शे के सहारे भारत को घेरने की कोशिश कर रहे थे, अब अपने घर में ही घिरते जा रहे हैं। बुधवार को नेपाल की सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) की 45 सदस्यों वाली स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग हुई। इस मीटिंग को दो बार पहले कैंसिल किया जा चुका था। लेकिन जब 24 जून को यह मीटिंग हुई तो पीएम ओली पर उनकी ही पार्टी के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प दहल कमल 'प्रचंड' ने जमकर हमला बोला।
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ओली पर लगे तानाशाही के आरोप
ओली पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने पार्टी और सरकार को हाइजैक कर लिया है और इसे एक 'तानाशाह' की तरह चला रहे हैं। सदन के अंदर ओली और प्रचंड के बीच जमकर बहस हुई। मीटिंग की शुरुआत में ओली ने पार्टी के सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वह अच्छा काम कर रहे हैं और देश में समाजवाद स्थापित करने की कोशिशें कर रहे हैं। साथ ही उनके राष्ट्रवाद को पार्टी के नेताओं का समर्थन नहीं मिल रहा है। उन्होंने प्रचंड से कहा, 'मुझे परेशान करके अगर आपको यह नहीं महसूस करना चाहिए कि पार्टी में आपका कद बढ़ गया है।' भारत के करीबी रहे पूर्व पीएम प्रचंड ने ओली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रचंड, एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं और उन्होंने सरकार को उसके खराब प्रदर्शन के लिए जमकर खरी-खोटी सुनाई है।
प्रचंड बोले-सरकार संकट में
ओली ने इस मीटिंग में भारत के साथ विवाद के बीच नया नक्शा जारी करने के अपने कदम को एतिहासिक फैसला करार दिया है। मीटिंग में प्रचंड ने कहा कि सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरने में असफल रही है। उन्होंने चेयरपर्सन और पीएम ओली पर अदल-बदलकर पावर शेयरिंग के समझौते का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया। प्रचंड ने कहा, 'हम पार्टी के एकीकरण के वक्त सरकार को अदल-बदलकर चलाने के लिए सहमत हुए थे लेकिन मैंने खुद अपने कदम पीछे खींच लिए। सरकार का काम देखने के बाद मुझे लग रहा है मैंने ऐसा करके गलती की।' दहल ने यह भी कहा कि अगर सरकार समाजवाद हासिल करने के अपने लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाती है, तो पार्टी को अगले चुनावों में असफलता देखनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार और पार्टी दोनों संकट में हैं।












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