Japan Plane Crash: चंद मिनटों में धू-धू कर जल गया प्लेन, कैसे कुछ ही समय में 362 पैसेंजर्स की बचा ली गई जान?
जापान की राजधानी टोक्यो के हानेडा एयरपोर्ट पर मंगलवार को दो विमान आपस में टकरा गए। इस हादसे में एक विमान में सवार 6 में से 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 379 लोगों को ले जा रहे एयरबस A350 में आग लग गई।
देर रात संवाददाता सम्मेलन में एयरलाइन के अधिकारियों ने कहा कि कैप्टन को उतरने की अनुमति दे दी गई थी, लेकिन संभवत: वह नीचे तटरक्षक बल के छोटे बॉम्बार्डियर निर्मित डैश-8 समुद्री गश्ती विमान को नहीं देख सके।

आग लगने की वजह से विमान के अंदर धुंआ भरने लगा जिससे अफरातफरी मच गई। जान बचाने के लिए यात्री इधर-उधर दौड़ने लगे और कुछ चिल्लाते हुए अपने बच्चों से चिपक गए। जान बचाने के लिए सभी के पास सिर्फ अगले कुछ सेकेंड का समय था।
यात्रियों वे विमान के अंदर उस समय जो अनुभव किया, वो वाकई बहुत डरावना था। मौत के मुंह से निकले यात्रियों ने जलते विमान से बचने का भयावह अनुभव साझा किया है।
टोक्यो निवासी 28 वर्षीय त्सुबासा सवादा, जो अपनी प्रेमिका के साथ साप्पोरो में छुट्टियां मनाकर लौट रहे थे, ने रॉयटर्स से कहा, "मुझे सच में लगा कि मैं मरने वाला हूं। दुर्घटना होने के बाद, पहले तो मैं थोड़ा हंस रहा था जब मैंने देखा कि (इंजन से) कुछ चिंगारियां निकल रही थीं, और जब आग लग गई, तो मुझे एहसास हुआ कि यह किसी चीज से कहीं ज्यादा खतरनाक है।"
सवादा ने कहा, "मैं केवल यह कह सकता हूं कि यह एक चमत्कार था, अगर हम देर करते तो हम मर सकते थे। मैं जानना चाहता हूं कि ऐसा क्यों हुआ और मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं दोबारा विमान में नहीं चढ़ना चाहता।"
विमान में मौजूद 17 साल के पैसेंजर स्वीड एंटन देइबे ने कहा कि प्लेन के अंदर सिर्फ धुआं था। हमें कुछ समझ नहीं आ रहा था। ये बिलकुल नर्क जैसा था। आग लगते से ही हम फर्श पर बैठ गए। इसके बाद इमरजेंसी दरवाजा खुला और हम बिना कुछ सोचे उसकी तरफ भागने लगे। हमें नहीं पता था कि हम कहां जा रहे हैं। हम बस उस विमान से बाहर निकलना चाहते थे।
पैसेंजर यामाके ने बताया कि शुरुआती 5 मिनट के अंदर ही सभी यात्रियों को निकाला जा चुका था। पूरे विमान में आग लगने में करीब 10-15 मिनट लगे। हादसे के बाद जापान एयरलाइंस की फ्लाइट 516 से सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लेना एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से निकासी और नई तकनीक ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई।
जापान की एविएशन एंड ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री इस पूरे मामले की जांच कर रही है। रनवे पर दो विमानों के मौजूद होने का कारण तलाशा जा रहा है। एयरलाइन ने कहा कि विमान के रुकने के लगभग तुरंत बाद निकासी शुरू हो गई और 20 मिनट से भी कम समय के भीतर सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।












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