आज का भारत, मोदी का भारत है, कोई देश हम पर दबाव नहीं बना सकताः पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि आज का भारत, आत्मनिर्भर भारत है, जिसमें हर प्रकार की चुनौतियों का सामना करने की ताकत है।
जेनेवा, 12 जूनः केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि आज का भारत, आत्मनिर्भर भारत है, जिसमें हर प्रकार की चुनौतियों का सामना करने की ताकत है। ऐसे मजबूत भारत पर कोई भी देश किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बना सकता है। भारत किसी दबाव में अब निर्णय नहीं लेता है।

आज का भारत किसी के दबाव में नहीं झुकता
पीयूष गोयल की यह टिप्पणी जी-33 मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद एक प्रेस वार्ता के दौरान आई, जहां उनके नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सतत् विकास लक्ष्यों के मूलभूत सिद्धांतों ध्यान में रखते हुए साझा हितों के विभिन्न मुद्दों पर भारत के रूख को प्रस्तुत किया। प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री पीयूष गोयल ने केंद्र सरकार की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि आज का भारत, प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व वाला भारत, आज का आत्मनिर्भर भारत जिसमें हर प्रकार की चुनौतियों का सामना करने की ताकत है। ऐसे भारत पर कोई दबाव नहीं बना सकता है। भारत किसी दबाव में अब निर्णय नहीं लेता है। आज का भारत देश हित में, जन हित में, गरीबों, किसानों, युवाओं के हित में वसुदैव कुटुम्बकम की भावना रखते हुए पूरे विश्व के हित में जो फैसले लिए जाएंगे उसके साथ चलेगा।
फार्मा कंपनियों की आलोचना की
इसके साथ ही उन्होंने कोरोना काल में कुछ देशों के नकारात्मक रवैये की भी आलोचना की। केंद्रिय मंत्री ने कहा कि ऐसे दौर में जब दुनिया में जीवन का नुकसान, स्वास्थ्य का नुकसान, अर्थव्यवस्था का नुकसान हो रहा था तब कुछ विकसित देशों ने कम विकसित देशों, गरीब देशों को मदद नहीं दी। उन्होंने इस व्यवहार पर निराशा जताते हुए कहा कि यह बहुत दुख की बात है, शर्मिंदगी की बात है कि कुछ फार्मा कंपनियों ने, कुछ देशों ने वैक्सिन निर्यात पर रोक लगा रखी थी। ऐसे देशों ने जो महामारी के समय में लोगों के जीवन से ज्यादा पैसे को अहमियत दे रहे थे उन्हें अपना सर झुकाना चाहिए।
खाद्य सुरक्षा पर होगा दूसरा सत्र
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि G33 मंत्रिस्तरीय बैठक में हमने सतत विकास लक्ष्यों के मूलभूत सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए अपना पक्ष रखा है। हमने बैठक में विकासशील और अविकसित देशों की भी चिंता जताई है। पीयूष गोयल कल यानी 13 जून से शुरू हो रहे विषयगत सत्र में भी हिस्सा लेंगे। सत्र छूट प्रस्ताव और विश्व व्यापार संगठन की महामारी और भविष्य की महामारियों की प्रतिक्रिया के साथ शुरू होगा। दूसरा सत्र खाद्य सुरक्षा पर होना है। मंगलवारको मत्स्य पालन और कृषि पर चर्चा की जाएगी। बुधवार को डब्ल्यूटीओ सुधार और इलेक्ट्रानिक ट्रांसमिशन के लिए सीमा शुल्क पर स्थगन के मुद्दे पर सत्र होगा।












Click it and Unblock the Notifications