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Survival Story: प्लेन क्रैश के बाद 36 दिनों तक जंगल में फंसा रहा पायलट, बचा तो बताई भावुक कहानी

ब्राजील का पायलट एंटोनियो प्लेन क्रैश होने के बाद 36 दिनों तक अमेजन जंगल में फंसा रहा। जानिए कैसे पायलट जिंदा रहा और कैसे जंगल से बाहर निकला।

रियो डी जेनेरियो/ब्राजील: एडवेंचर फिल्मों में अकसर आपने देखा होगा कि किसी घने और डरावने जंगल में फंसा कोई शख्स अकेले कैसे बाहर निकलता है। लेकिन, फर्ज कीजिए अगर आप अकेले ऐसे किसी जंगल में फंस गये तो क्या करेंगे? डरने से और हिम्मत हारने से कुछ नहीं होता है और ऐसा कर दिखाया है एंटोनियो नाम के एक पायलट ने। प्लेन क्रैश होने के बाद लगातार 36 दिनों तक अमेजन के घने और खूंखार जानवरों से भरे जंगल में पायलट फंसा रहा और अपनी जिद की वजह से वापस निकला। आईये हम आपको बताते हैं कि पायलट आखिर कैसे जंगल से बाहर निकला

36 दिनों तक जंगल में पायलट

36 दिनों तक जंगल में पायलट

एंटोनियो...ब्राजील के एक पायलट का नाम। जिसने 28 जनवरी को अपने प्लेन के साथ उड़ान भरी थी। लेकिन अचानकर प्लेन गायब हो गया। और फिर पायलट की तलाश शुरू हो जाती है। कुछ घंटों बाद पता चलता है कि सेसना 210 प्लेन क्रैश हो चुका है और फिर पायलट को खोजने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाता है। लेकिन, दूसरी तरफ पायलट गायब था और उसकी कोई सुराग नहीं मिल रही थी। प्लेन क्रैश होने के बाद पायलट अमेजन के घने जंगलों में फंस चुका था और उसके पास कोई ऐसा साधन नहीं था जिससे वो बाहरी दुनिया से संपर्क साध पाता। अकेला पायलट...भूखा प्यासा। हिम्मत हारता तो मौत के मुंह में जाता। मगर पायलट एंटोनियो ने हिम्मत नहीं हारी और उसने अमेजन के घने जंगल से निकलने के लिए रास्ता खोजना शुरू कर दिया। वक्त बीतने लगा और पायलट को लगने लगा कि उसे मरा हुआ मानकर अब रेस्क्यू अभियान भी बंद किया जा चुका होगा। लिहाजा, पायलट के सामने अकेले किसी भी तरह जिंदा बचने की चुनौती थी।

जंगल से जिंदा निकलने की जंग

जंगल से जिंदा निकलने की जंग

अमेजन के जंगल में अकेले फंसना मतलब मौत के साथ आंख मिचौली का खेल खेलना। मगर पायलट चलता रहा...चलता रहा। पेट भरने के लिए पायलट एंटोनियो पक्षियों के अंडों को खा रहे थे। जंगल में फलों की कमी नहीं थी, लिहाजा फल के सहारे पायलट ने पेट भरना जारी रखा। मगर, जंगली जानवरों से जिंदगी बचाना सबसे बड़ी चुनौती थी। रात के वक्त सोने के लिए वो ऊंचे पेड़ों पर चढ़ जाते थे और फिर सुबह सुबह जंगल से बाहर निकलने का अभियान शुरू कर देते थे। वक्त बीतता गया और फिर एक महीने से ज्यादा का वक्त बीत गया। पायलट एंटोनियो के घरवालों ने अब उन्हें जिंदा देखने की उम्मीद छोड़ दी थी।

जीने की उम्मीद से मिली जिंदगी

जीने की उम्मीद से मिली जिंदगी

करीब 30 दिनों के बाद जाकर पायलट एंटोनियो ने जंगल में कुछ लोगों को देखा। जंगल में कुछ लोगों को देखने के बाद पायलट एंटोनियो खुशी के मारे पागल हो गये। जंगल के अंदर ये लोग चेस्टनट इकट्ठा करने आये थे। जिसके बाद पायलट एंटोनियो ने अपने ऑफिस में संम्पर्क साधा और फिर पायलट एंटोनियों को जंगल से जिंदा रेस्क्यू किया गया। 36 दिनों बाद पायलट एंटोनियो अपने परिवार से मिले तो उन्हें खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पायलट एंटोनियो जब अपने परिवार से मिल रहे थे तो इस खबर को ब्राजील की टीवी पर लाइव प्रसारित किया गया और इस दृष्य को ब्राजील के लाखों लोगों ने लाइव देखा। परिवार से मुलाकात के बाद पायलट एंटोनियो को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। उनकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी और वो बुरी तरह से कमजोर हो चुके थे।

परिवार से मिली प्रेरणा

परिवार से मिली प्रेरणा

अमेजन जंगल से 36 दिनों बाद सुरक्षित निकलने के बाद पायलट एंटोनियो काफी भावुक हो गये थे। उन्होंने बताया कि एक वक्त उन्होंने जीने की आस छोड़ दी थी लेकिन उसी वक्त जंगल के अंदर कुछ लोग उन्हें मिल गये। पायलट एंटोनियो ने बताया कि वो बार बार अपने परिवार को याद कर रहे थे और वहीं से उन्हें जिंदा रहने और किसी तरह से जंगल से बाहर निकलने की प्रेरणा मिल रही थी। पायलट ने बताया कि वो किसी भी तरह अपने माता-पिता और बहन से आखिरी बार मिलना चाहते थे और इसी उम्मीद में चले जा रहे थे। अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद पायलट एंटोनियो को छुट्टी दे दी गई।

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