पीएम मोदी के चौथे दौर पर अमेरिका ने लौटाईं 200 मूर्तियां
वाशिंगटन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चौथी यात्रा पर सोमवार देर रात अमेरिका पहुंच गए। यहां पर राजधानी वाशिंगटन में उनका जोरदार स्वागत हुआ और बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग उनके स्वागत के लिए मौजूद थे।

आर्लिंगटन मेमोरियल जाने वाले पहले भारतीय पीएम
पीएम मोदी वाशिंगटन पहुंचने के बाद सबसे पहले अर्लिंग्टन स्थित शहीद स्मारक गए। पीएम मोदी पहले भारतीय पीएम हैं जिन्होंने यहां अज्ञात सैनिकों के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर भी पीएम मोदी के साथ थे।
पीएम मोदी के चौथे दौर पर अमेरिका ने लौटाईं 200 मूर्तियां
कल्पना चावला को दी श्रद्धांजलि
पीएम मोदी इसके बाद कोलंबिया अंतरिक्ष यान स्मारक भी गए और वहां उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला समेत कोलंबिया हादसे में मारे गए लोगों की समाधि पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सुनीता विलियम्स और पिता को बुलाया भारत
पीएम मोदी ने इस दौरान अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और कल्पना चावला के परिवार से मुलाकात की। पीएम मोदी ने सुनीता विलियम्स और उनके पिता को भारत आने के लिए इनवाइट किया। मोदी ने इसके बाद फॉरेन पॉलिसी से जुड़े थिंक टैंक के साथ मीटिंग की।
200 मूर्तियां अमेरिका लौटाईं
इसके साथ ही अमेरिका ने भारत को उन 200 मूर्तियों को भारत को वापस कर दिया जो तस्करी के जरिए भारत लाईं गई थीं। पीएम मोदी जहां ठहरे हैं उसी ब्लेयर हाउस में एक कार्यक्रम के तहत यह मूर्तियां वापस की गई।
अमेरिका की अटॉर्नी जनरल लोरेटा लिंच ने कहा कि हमने आज चोरी हुई 200 से ज्यादा सांस्कृति चीजें भारत को लौटाने की प्रक्रिया शुरू की।
कौन-कौन सी मूर्तियां
अमेरिका की ओर से लौटाई गई चीजों में धार्मिक मूर्तियां, कांसे और टैराकोटा की कलाकृतियां शामिल हैं। इनमें से कई कलाकृतियां तो 2000 साल पुरानी हैं। इन्हें भारत के सबसे संपन्न धार्मिक स्थलों से लूटा गया था।
इनमें एक मूर्ति संत माणिककविचावकर की है, जो चोल काल (850 ईसा पश्चात से 1250 ईसा पश्चात) के तमिल कवि थे। इस मूर्ति को चेन्नई के सिवान मंदिर से चुराया गया था। इसकी कीमत 15 लाख डॉलर है। इसके अलावा लौटाई गई चीजों में भगवान गणेश की एक कांसे की मूर्ति भी है, जो 1000 साल पुरानी मालूम होती है।












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