गरीब देशों में सबसे सस्ती कोविड टैबलेट उपलब्ध कराएगी फाइजर, समझौते पर किए हस्ताक्षर
नई दिल्ली, 16 नवंबर। कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन तैयार करने के बाद दुनियाभर की फार्मास्युटिकल कंपनियां अब वैक्सीन के रूप में एंटी वायरल गोली तैयार करने की होड़ में लगी हुई हैं। इस होड़ में अमेरिकी फार्मास्युटिकल कंपनी फाइजर भी शामिल हो गई है। अभी तक अमेरिका की ही दवा कंपनी मर्क ने कोरोना की टैबलेट तैयार की है और ब्रिटेन उसे आपातकालीन मंजूरी देने वाला दुनिया का पहला देश है। हालांकि अमेरिका में अभी उस गोली को FDA की मंजूरी नहीं मिली है।

सबसे सस्ती गोली मुहैया कराएगी फाइजर कंपनी
इस बीच मंगलवार को फाइजर ने ये ऐलान किया कि अगर उसकी एंटी वायरल कोविड 19 दवा परीक्षण में सफलता और नियामक अनुमोदन की मंजूरी प्राप्त कर लेती है तो उसकी ये दवा गरीब देशों में सबसे सस्ती उपलब्ध होगी। फाइजर ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उसने उसने रॉयल्टी प्राप्त किए बिना जेनेरिक दवा निर्माताओं को अपनी पैक्सलोविड गोली के उप-लाइसेंस उत्पादन के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। आपको बता दें कि फाइजर अभी जर्मन लैब बायोएनटेक के साथ एक कोविड वैक्सीन भी बनाती है।
फाइजर का इस कंपनी के साथ हुआ समझौता
जानकारी के मुताबिक, फाइजर ने ये समझौता ग्लोबल मेडिसिन पेटेंट पूल के साथ किया है, जो दुनियाभर में 95 निम्न और मध्यम आय वाले देशों को कम कीमत पर दवा उपलब्ध कराती है। इस डील से दुनिया की लगभग 53 प्रतिशत आबादी को कवर किया जा सकेगा। मर्क कंपनी ने भी ऐसा ही समझौता पिछले महीने किया था। दवा को एचआईवी दवा रटनवीर के साथ लिया जाना है।
आपको बता दें कि अभी फाइजर की इस टैबलेट का ट्रायल चल रहा है। कंपनी ने कहा है कि ट्रायल के दौरान इस टैबलेट से पता चला है कि ये दवा कोरोना मरीज के अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के खतरे को 89 प्रतिशत तक कम करता है।












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