कोरोना वैक्सीन की तीसरी डोज देने की तैयारी में फाइजर और बायोएनटेक, अमेरिकी ड्रग एजेंसी में किया आवेदन
नई दिल्ली, 17 अगस्त। कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने वाली दो कंपनियों Pfizer Inc और BioNTech SE ने अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन में अपनी शुरुआती आंकड़े जमा कर दिए हैं जिसमे बूस्टर डोज दिए जाने की बात कही गई है। दोनों ही कंपनियों की ओर से वैक्सीन की बूस्टर डोज दिए जाने की वकालत की गई और इससे जुड़े आंकड़े जमा किए गए हैं। दोनों कंपनियों की ओर से कहा गया है कि वैक्सीन की तीसरी डोज देने के बाद संक्रमण के खिलाफ मरीज में इम्युनिटी काफी बढ़ जाती है। वैक्सीन की दो डोज की तुलना में तीसरी डोज वायरस के बीटा और डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ काफी प्रभावी है और मरीज के भीतर एंटिबॉटी को बनाती है।

फाइजर की ओर से स्टडी का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोरोना की दो डोज देने के चार महीने के बाद वैक्सीन का असर 96 फीसदी से कम होकर 84 फीसदी तक पहुंच जाता है। बता दें कि इजराइल में पहले ही बूस्टर डोज देने की तैयारी चल रही है। वैक्सीन की तीसरी डोज दिए जाने के फैसले की आलोचना भी हो रही है। जिस तरह से अमीर देश वैक्सीन की तीसरी डोज देने की तैयारी कर रहे हैं उसी एक्टिविस्ट और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आलोचना की है और कहा गया है कि कम से कम सितंबर अंत तक तीसरी डोज दिए जाने का इंतजार करना चाहिए।
फाइजर और बायोएनटेक ने कहा कि ट्रायल के दौरान सभी मरीजों को तीसरी डोज दी गई, इन लोगों की बूस्टर डोज वैक्सीन की दोनों डोज दिए जाने के 8-9 महीने बाद दी गई है। दोनों कंपनियां अपनी स्टडी को यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी में भी जमा करेंगी। बता दें कि पिछले हफ्ते अमेरिकी रेग्युलेटर ने तीसरी वैक्सीन देने की उन लोगों को अनुमति दी थी जिनकी दो डोज दिए जाने के बाद भी इम्युनिटी बेहतर नहीं हुई और इनका इम्यून सिस्टम कमजोर है।












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