Petrol-Diesel Crisis: पहले App पर बुक करो, फिर मिलेगा पेट्रोल-डीजल, US-Iran जंग से मचा हाहाकार!
Petrol-Diesel Crisis: इजरायल-अमेरिका और ईरान की जंग अब गैस और तेल की किल्लत के रूप में दूसरे देशों को लपेट रही है। कई देशों में हालात खराब हैं और पाकिस्तान में हालात हो चुके हैं बदतर। वहां पर सरकार ने पेट्रोल और डीजल बांटने के लिए एक नया सिस्टम लॉन्च किया है। जिसके तहत अब लोगों को एक तय लिमिट में पेट्रोल-डीजल मिल सकेगा। पाकिस्तान की Oil and Gas Regulatory Authority, वित्त मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय और आईटी मंत्रालय ने मिलकर ये सिस्टम तैयार किया है।
कौन-कौन से वाहन हैं इस लिस्ट में?
पाकिस्तान की शहबाज शरीफ की सरकार ने दो और तीन-पहिया वाहनों, और संभवतः 800 सीसी तक के वाहनों के लिए मोबाइल ऐप आधारित ईंधन कोटा सिस्टम को लगभग फाइनल कर लिया है। ताकि लोग पेट्रोल-डीजल को ओवर स्टॉक न कर पाएं और मार्केट में इनकी किल्लत न पड़े।

छोटी कारें भी सरकार की रडार पर
पाकिस्तानी सरकार अभी यह तय कर रही है कि इस योजना को 800 सीसी तक की छोटी कारों तक बढ़ाया जाए या सिर्फ दो और तीन-पहिया वाहनों तक सीमित रखा जाए। ताकि वह ज्यादा से ज्यादा वाहनों को इस क्वोटा सिस्टम में ला सके। यह पूरी तरह ऑटोमेटेड सिस्टम होगा, जो मोबाइल ऐप के जरिए चलेगा। इससे ट्रांसपेरेंसी और तेजी दोनों बढ़ेंगी और पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी।
रिटेलर्स और यूजर्स के लिए अलग ऐप
पेट्रोल पंप मालिकों को एक फ्री, पहले से इंस्टॉल ऐप मिलेगा, जबकि ग्राहकों के लिए अलग ऐप होगा। हर पेट्रोल पंप पर कम से कम दो मोबाइल फोन रखना भी अब अनिवार्य कर दिया है। लेकिन जितनी भीड़ उमड़ रही है उसके लिए दो फोन काफी नहीं होते दिख रहे।
कितना भरेगा पेट्रोल, सरकार करेगी तय
यूजर का कोटा उसके वाहन नंबर और CNIC (राष्ट्रीय पहचान पत्र) से लिंक होगा। कोटा की लिमिट कैबिनेट तय करेगी। जबकि यूजर ऐप से डिजिटल वाउचर बनाएगा, जिसे पेट्रोल पंप स्कैन करेगा और सिस्टम खुद ही कोटा चेक करेगा।
कैसे बंटेगा तेल?
अगर कोई 20 लीटर पेट्रोल मांगता है लेकिन उसका कोटा 15 लीटर है, तो उसे सिर्फ 15 लीटर ही मिलेगा। यह सिस्टम पहले इस्तेमाल किए गए 'रमजान पैकेज' मॉडल जैसा होगा। सरकार दो और तीन-पहिया वाहनों के लिए सब्सिडी देगी। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर अलग नोजल या डिस्पेंसर लगाए जाएंगे।
चार पहिया वाहनों पर फैसला बाकी
अभी यह तय नहीं हुआ है कि चार पहिया वाहनों को भी सब्सिडी मिलेगी या नहीं। सरकार 2020 जैसे संकट से बचने के लिए समय पर कीमतें तय करने की कोशिश कर रही है। वहीं, पाकिस्तान की सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को हर पेट्रोल पंप पर एक संपर्क व्यक्ति रखना होगा और उसकी जानकारी OGRA को देनी होगी ताकि शिकायतों का समाधान 24/7 हो सके। सरकार ने माना कि ईंधन सप्लाई पर भारी दबाव है। दो हफ्तों तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें न बढ़ाने से करीब 70 बिलियन पाकिस्तानी रुपए का खर्च हुआ है।
फिर से कीमतें बढ़ाने की तैयारी
6 मार्च को पेट्रोल-डीजल 55 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ था। इसके बाद कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन केरोसिन और जेट फ्यूल में 128% और 150% तक बढ़ोतरी हो चुकी है।
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