‘2050 तक हमारी आबादी होगी सबसे अधिक, जिहाद के जरिए फ्रांस को बनाएंगे मुस्लिम देश’, मौलाना का वीडियो वायरल
फ्रांस में 17 साल के किशोर को गोली मारे जाने की घटना के बाद से पूरे देश में हिंसक घटनाएं हो रही है। कुछ विशेषज्ञ फ्रांस की ऐसी हालत को लेकर मुस्लिम शरणार्थियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
एक खोजी पत्रकार ने ट्विटर पर दंगों के वीडियो साझा किए हैं और उन्होंने दावा किया है, कि भीड़ को वाहनों में तोड़फोड़ करते और उन्हें आग लगाते हुए और 'अल्लाहु अकबर' नारे लगाते हुए सुना जा सकता है।

फ्रांस में बढ़ते तनाव के बीच एक फिलिस्तीनी मौलाना का वीडियो वायरल हो रहा है। मौलवी शेख अबू तकी अल-दीन अल-दारी के इस वीडियो में उन्हें यह कहते हुए देखा जा सकता है, "जिहाद के जरिए फ्रांस एक इस्लामिक देश बन जाएगा; पूरी दुनिया इस्लामी शासन के अधीन होगी।"
इस वीडियो में मौलाना कह रहा है, 'साल 2050 तक फ्रांस में बसे मुसलमान फ्रेंच नागरिकों की संख्या से भी आगे निकल जाएंगे। लेकिन हमें फ्रांस को इस्लामिक देश में बदलने के लिए सिर्फ इन्हीं नंबरों पर भरोसा नहीं कर रहे। हमें जिस पर भरोसा केरना होगा कि मुसलमानों के पास अपना एक देश होना ही चाहिए जो अल्लाह के लिए जेहाद के जरिए पश्चिमी देशों के लोगों तक इस्लाम को लेकर आए।'
मौलाना ने आगे कहा, "जब लोगों को इस्लाम का सही रूप, उसकी दया, उसका निर्देश और रोशनी दिखेगी, वह अपने आप ही इस्लाम अपना लेंगे।" मौलाना ने आगे कहा- ये बहुत पहले की बात नहीं है। सिर्फ 400 साल पहले ओटोमान साम्राज्य के मुसलमानों ने ऑस्ट्रिया और पोलैंड पर फतह हासिल की थी।
मौलाना ने आगे कहा- "इस्लामिक स्टेट ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना की दीवारों तक पहुंच गया था। वहां से अजान पढ़े जा रहे थे। सोवियत संघ के सभी पूर्व देश और काकेशस भी इस्लामिक शासन के तहत थे। सन 1644 तक चीन पर भी मुस्लिम मंगोलों का राज था। सन् 1526 में हमने हंगरी को जीता और इसके बाद 1586 तक भारत में भी इस्लाम राज था।"
मौलाना ने आगे कहा कि ये सभी घटनाएं दर्शाती हैं कि इस्लामी राष्ट्र अपने पूर्व स्वरूप में लौटने और इस्लाम का प्रसार करने में सक्षम है। इस्लाम का शासन पूरी दुनिया में तीन तरीकों से फैल जाएगे। मौलाना ने कहा कि हमें धर्म परिवर्तन कराना होगा। जजिया टैक्स वसूलना होगा और अल्लाह की मदद के लिए लड़ने की अपील करना होगा। इसके बिना दुनिया में इस्लाम का शासन नहीं हो पाएगा।
फिलिस्तीन के मौलाना अबु तकी अल-दिन-अल दारी का यह वीडियो 12 मार्च 2019 का है। वह अल अक्सा मस्जिद में मुसलमानों को संबोधित कर रहे हैं और एक तरह से यूरोप को धमका रहे हैं। उनका कहना था कि जर्मनी और फ्रांस के लोग बूढ़े होने लगे हैं। वहां के युवा विवाह को जरूरी नहीं मानते हैं। यहां के युवा मुसलमानों से अलग विवाह से कन्नी काटने लगे हैं।












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