देखिए क्यों भारत ने पाक को कहा- करते रहो कोशिश, यहां दाल नहीं गलने वाली
न्यूयॉर्क। अगले सप्ताह जब न्यूयॉर्क में यूएन की मीटिंग होगी तब एक बार पाकिस्तान कश्मीर राग अलापेगा। करीब 69 साल पहले पहली बार यूएन में कश्मीर मुद्दा चर्चा में आया था, तब से लेकर अब तक पाकिस्तान हमेशा इस मसले पर जोर देता रहा है। 21 सिंतबर को इस्लामाबाद और दिल्ली के बीच कश्मीर मुद्दे पर बहस होने की पूरी संभावना है। पाकिस्तान ने कहा है कि UN में कश्मीरियों की समस्याओं को लेकर जिक्र किया जाएगा तो वहीं भारत ने पाक को करारा जवाब देते हुए कहा है कि 'लगे रहो, कोई आपको कोई सपोर्ट नहीं करने करेगा'।

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UN में पाकिस्तान की राजदूत ने मलीहा लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी कश्मीर मुद्दे को मीटिंग में उठाएंगे। यूएन हेडक्वार्टर्स को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान लोधी ने कहा, 'जब भारत सरकार ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता खत्म कर चुकी है तो मुझे लगता है कि कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाना जरूरी है'। उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को सुनना बहुत जरूरी है और मुझे लगता है कि वे हमें सुनेंगे'।
भारत ने कहा पाकिस्तान को कोई सपोर्ट नहीं करता
लोधी के इस इंटरव्यू के बाद यूएन में भारतीय राजदूत सईद अकबरुद्दीन ने कहा है कि यूएन में किसी भी देश को अपनी इच्छा के अनुसार बात रखने का हक है, यहां किसी को भी पाबंदी नहीं है। अकबरुद्दीन ने कहा, 'उन्होंने (पाकिस्तान) कई बार यूएन में कश्मीर मुद्दा उछालने की कोशिश की है, लेकिन आज दिन तक एक भी देश का सपोर्ट नहीं मिला है'। द्विपक्षीय वार्ता को लेकर अकबरुद्दी ने कहा कि पठानकोट हमले के बाद दोनों देशों के बीच वार्ता खत्म हो चुकी है। अकबरुद्दीन के अनुसार, जब तक पाकिस्तान क्रॉस बॉर्डर टेरर को नहीं रोकता है तब तक ऐसा ही चलता रहेगा।
यूएन में अगले सप्ताह शुरू होने जा रही संयुक्त राष्ट्रों की बैठक में भारत एक बार फिर आतंकवाद के मामले पाकिस्तान को घेरेगा। वहीं, यूएन में भारत समेत अन्य देश आतंकवाद पर पाकिस्तान पर दबाव डालते नजर आएंगे।












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