भारत-तालिबान बातचीत से पाकिस्तान को लगी मिर्ची, पाकिस्तानी NSA मोईद ने कहा 'शर्मनाक'
पाकिस्तान के एनएसए डॉ. मोईद युसूफ ने पाकिस्तानी अखबार 'डॉन न्यूज' से बात करते हुए कहा है कि भारत-तालिबान बातचीत को 'शर्मनाक' कहा है।
इस्लामाबाद, जून 29: अफगानिस्तान में लगातार पांव पसार रहे तालिबान से भारत की बातचीत पर पाकिस्तान बौखला गया है। तालिबान से भारत की बातचीत से पाकिस्तान के पेट में कितना दर्द हो रहा है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि पाकिस्तान के एनएसए डॉ. मोईद युसूफ ने कहा है कि 'तालिबान से बातचीत कर भारत शर्मनाक कदम उठा रहा है'। दरअसल, भारत-तालिबान संपर्क से पाकिस्तान को मिर्ची इसलिए लग गई है, क्योंकि तालिबान को पाकिस्तान लगातार मदद दे रहा है और अफगानिस्तान में लगातार मजबूत हो रहे तालिबान से अगर भारत की नजदीकी बढ़ती है, तो पाकिस्तान का वर्चस्व अफगानिस्तान में काफी कम हो जाएगा।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के एनएसए डॉ. मोईद युसूफ ने पाकिस्तानी अखबार 'डॉन न्यूज' से बात करते हुए कहा है कि भारत-तालिबान बातचीत को 'शर्मनाक' कहा है। आपको बता दें कि भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पिछले दिनों कतर की राजधानी दोहा में तालिबानी नेताओं से दो बार बातचीत की थी। और ये पहली बार है जब भारत ने तालिबान से संपर्क बनाया है। इससे पहले भारत ने कभी भी तालिबान को अफगानिस्तान की राजनीति में मान्यता नहीं दी थी, लेकिन अब अफगानिस्तान की राजनीति में भारत ने अपनी नीति बदलते हुए तालिबानी नेताओं से बातचीत करनी शुरू कर दी है।

भारत-तालिबान बातचीत
वहीं, तालिबान ने भी भारत को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि 'वो भारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा और वो भारत से अच्छे संबंध चाहता है'। पिछले मबहीने इंडियन न्यूजपेपर 'द हिंदू' ने कतर के सीनियर अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि भारतीय विदेश मंत्री ने तालिबानी नेताओं से मुलाकात के लिए दोहा की गुपचुप यात्रा की थी। वहीं, 10 जून को भारतीय विदेश मंत्रालय ने तालिबान से बातचीत को लेकर पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा था कि 'भारत अफगानिस्तान में अलग अलग समूहों से बात करता रहता है'।

बौखलाया पाकिस्तान
पाकिस्तान के एनएसए डॉ. मोईद युसूफ ने भारत-तालिबान की बातचीत शुरू होने को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'मैं यह पूछना चाहता हूं भारत के सीनियर अधिकारी किस नैतिक आधार पर तालिबान से मुलाकात और बातचीत कर रहे हैं। क्या उन्हें शर्म नहीं आती?' अफगानिस्तान में तालिबान की जड़ में हमेशा से पानी देने वाले पाकिस्तान के एनएसए ने आगे कहा कि 'भारत हमेशा से कहता रहा है कि तालिबान अफगानिस्तान में मासूम लोगों की जान ले रहा है और आज वो (भारत) तालिबान से बातचीत के लिए पहुंच गये हैं।' पाकिस्तानी एनएसए ने कहा कि 'ये एक शर्मनाक बात है और ये रणनीतिक चाल नहीं है'। युसूफ ने जोर देकर कहा कि तालिबान, जिनसे भारतीय मिले थे, वे भी "मूर्ख नहीं" थे, उन्होंने कहा कि वह अफगानिस्तान से संयुक्त राज्य अमेरिका की वापसी के बीच भारत और विद्रोही समूह के बीच संपर्कों से चिंतित नहीं थे। उन्होंने कहा कि 'आपको ये भी पूछना चाहिए कि तालिबान की तरफ से भारत को क्या जवाब मिला है?'

भारत-पाकिस्तान संबंध पर एनएसए
पाकिस्तान-भारत संबंधों के बारे में बोलते हुए पाकिस्तानी एनएसए ने कहा कि दोनों देशों के बीच अभी कोई पिछले दरवाजे से बातचीत नहीं हो रही है। लेकिन नई दिल्ली को इस्लामाबाद की तरफ से जो संदेश दिया गया था, हम उसके जवाब का इंतजार कर रहे हैं। पाकिस्तानी एनएसए ने दावा किया कि भारत ने पाकिस्तान से संपर्क किया था। उन्होंने डॉन से बातचीत करते हुए कहा कि ''भारत ने हमसे संपर्क किया और कहा कि वे संबंधों को ठीक करना चाहते हैं और हमने उनसे कहा कि हम ''भारत के कब्जे वाले कश्मीर'' की अगस्त 2019 की स्थिति की बहाली चाहते हैं। इसके अलावा हमारी नीति कश्मीरियों के जीवन को आसान बनाने पर आधारित है''।
पाकिस्तान के बयान का मजाक
पाकिस्तानी एनएसए के बयान पर पाकिस्तान में ही सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तानी एनएसए ने कहा कि 'भारत को तालिबान से बातचीत के लिए शर्मसार होना चाहिए' वहीं, पाकिस्तान की वरिष्ठ पत्रकार नाइला इनायत ने एक अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें तालिबानी नेताओं को पाकिस्तान सरकार के मंत्रियों से गर्मजोशी से मुलाकात करते हुए देखा जा रहा है। इस वीडियो में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी तालिबानी नेताओं को गले लगाते हुए दिख रहे हैं।

अफगानिस्तान का आरोप
आपको बता दें कि अफगानिस्तान की तरफ से लगातार कहा जा रहा है कि तालिबान को लगातार पाकिस्तान मदद दे रहा है और तभी अफगानिस्तान में तालिबान हिंसा फैला रहा है। अफगानिस्तान के एनएसए ने पाकिस्तान को 'चकलाघर' भी कहा था। वहीं, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भी कहा था कि अफगानिस्तान की शांति खराब होने के पीछे पाकिस्तान जिम्मेदार है, क्योंकि वो तालिबान की मदद कर रहा है। वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अफगान न्यूज चैनल को दिए गये इंटरव्यू में अफगानिस्ता में हिंसा के लिए तालिबान का बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि 'अफगानिस्तान में जो स्थिति है, उसके लिए सिर्फ तालिबान जिम्मेदार नहीं है।'












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