मोदी सरकार से बात करने का फायदा नहीं, 2019 चुनाव के बाद करेंगे वार्ता: पाकिस्तान
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने कहा कि वे भारत से बात करने के लिए तैयार है, लेकिन 2019 आम चुनाव के बाद। पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि उनकी सरकार नई दिल्ली के साथ शांति वार्ता के लिए फिर से तैयार है। एक इंटरव्यू के दौरान चौधरी ने भारतीय राजनीति में 'चल रही उथल-पुथल' के कारण वार्ता के लिए मौजूदा समय को सही नहीं बताया है। पाकिस्तान के मंत्री ने कहा कि हमने भारत के साथ बातचीत करने के अपने प्रयासों में देरी की है क्योंकि हम वर्तमान में भारतीय सरकार से किसी बड़े फैसले की उम्मीद नहीं करते हैं।

पाक को भारत में नई सरकार बनने का इंतजार
चौधरी ने कहा, 'एक बार फिर से नई सरकार बनने के बाद एक बार फिर हम भारत के साथ बातचीत का प्रस्ताव रखेंगे।' पाकिस्तान में पिछले साल बनी नई सरकार के बाद से दोनों देशों के बीच ज्यादा तनाव देखने को मिला है। पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने की वजह से दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार बिगड़े हैं।

मोदी-राहुल से पाकिस्तान को कोई फर्क नहीं पड़ता...
चौधरी से जब पूछा गया कि मोदी और राहुल गांधी दोनों में से किस नेता में पाकिस्तान को ज्यादा फायदा दिखता है, तो उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। चौधरी ने कहा, 'भारत की जनता जिस किसी भी नेता या पार्टी को पसंद करेगी, हम उसका सम्मान करेंगे और जिस किसी की भी सरकार आएगी पाकिस्तान वार्ता के लिए आगे आएगा।'

आतंकवाद को रोकने में पाकिस्तान नाकाम
पाकिस्तान के मंत्री ने कहा कि इमरान खान ने भारत को कई बार वार्ता के लिए आमंत्रित किया, लेकिन नई दिल्ली ने कभी भी इसका सकारात्मक जवाब नहीं दिया। बता दें कि भारत स्पष्ट कर चुका है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं करेगा और सीमा पार से आतंकवाद को रोकेगा,तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।












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