पाकिस्तान में 3 मार्च को प्रधानमंत्री का चुनाव.. संसद में होगी वोटिंग, नई सरकार को मान्यता नहीं दे सकता है US
Pakistan News: पाकिस्तान में 3 मार्च को नई सरकार का गठन होगा और संसद में वोटिंग के जरिए तय किया जाएगा, कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, लेकिन इन सबके बीच डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सांसदों ने बाइडेन प्रशासन से अपील की है, कि वो पाकिस्तान की नई सरकार को मान्यता ना दे।
पाकिस्तान के एआरवाई न्यूज के मुताबिक, 3 मार्च को होने वाले पाकिस्तान के प्रधान मंत्री चुनाव का कार्यक्रम नेशनल असेंबली सचिवालय ने सार्वजनिक कर दिया है और रविवार को जिन सांसदों ने संसद में शपथ ले ली है, वो नये प्रधानमंत्री को चुनने के लिए नेशनल असेंबली में वोट डालेंगे।

3 मार्च को पाकिस्तान को मिलेगा नया PM
नेशनल असेंबली सचिवालय की तरफ से जारी समय सारिणी के मुताबिक, प्रधानमंत्री पद चाहने वाले उम्मीदवारों के पास अपनी उम्मीदवारी के दस्तावेज जमा करने के लिए 2 मार्च दोपहर 2:00 बजे तक का समय होगा। और उसके बाद नामांकन पत्रों की गहन जांच की जाएगी और इसके बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
नामांकन फॉर्म कानून विभाग में उपलब्ध कर दिए गये हैं और उम्मीदवारों को सलाह दी गई है, कि वो नॉमिनेशन फॉर्म भरकर उसे नेशनल असेंबली सचिवालय में जमा करें।
पीएमएल-एन (नवाज) ने शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए नामित किया है, जबकि सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी), जिसमें इमरान खान की पार्टी के सांसद शामिल हुए हैं, उसने उमर अयूब का अपना प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाया है। शहबाज शरीफ को बिलावल भुट्टो की पार्टी पीपीपी से समर्थन हासिल हुआ है।
इससे पहले नेशनल असेंबली के राजा परवेज अशरफ ने 16वीं नेशनल असेंबली के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई। सुबह 10 बजे की योजनाबद्ध बैठक 11 बजे के बाद हंगामेदार माहौल में शुरू हुई, जिसमें पीटीआई समर्थित और सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी) से जुड़े सांसदों ने स्पीकर के मंच को घेर लिया और जमकर हंगामा किया।
20 फरवरी को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित निर्दलीय सांसदों ने मजहबी संगठन सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल में शामिल होना शुरू किया था और उमर अयूब को पीएम पद के लिए नामित किया था।
जबकि, 13 फरवरी को पीएमएल-एन सुप्रीमो नवाज शरीफ ने अपने छोटे भाई और पार्टी अध्यक्ष शहबाज शरीफ को प्रधान मंत्री पद के लिए नामित किया था, जबकि पीएमएल-एन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मरियम नवाज को पंजाब के मुख्यमंत्री पद के लिए नामित किया गया था।
अमेरिका देगा नई सरकार को मान्यता?
इस बीच कम से कम 31 अमेरिकी सांसदों ने राष्ट्रपति जो बाइडेन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को एक पत्र लिखा है, जिसमें उनसे चुनाव हस्तक्षेप की जांच होने तक पाकिस्तान की नई सरकार को मान्यता नहीं देने का आग्रह किया गया है। पाकिस्तान में 8 फरवरी को हुए चुनाव धांधली के आरोपों, चुनावी हिंसा और देशव्यापी इंटरनेट शटडाउन के कारण प्रभावित हुए थे।
संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने चुनाव अनियमितताओं के बारे में चिंता जताई है और जांच का आग्रह किया है। अब, पाकिस्तान पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन), पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) और चार छोटे दलों के बीच गठबंधन सरकार की ओर बढ़ रहा है, जिसमें शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बताया गया है, लेकिन जेल में बंद इमरान खान लगातार चुनावी धांधली को उजागर कर रहे हैं।
उन्होंने कुछ दिन पहले IMF को चिट्ठी लिखकर पाकिस्तान की नई सरकार को किसी भी तरह का लोन देने से इनकार करने का आह्वान भी किया है।
सेना समर्थित कार्रवाई के बावजूद इमरान समर्थित उम्मीदवारों ने नेशनल असेंबली में 93 सीटें जीतीं हैं, लेकिन उनके पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है। इमरान खान और उनकी पार्टी ने चुनाव के नतीजों को खारिज कर दिया है और पीटीआई ने कम से कम 180 सीटें जीतने का दावा किया है। पाकिस्तान में कई पार्टियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया है और आरोप लगाया है कि चुनाव निष्पक्ष नहीं थे और नतीजों में धांधली हुई है।












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