पाकिस्तान में भी 'आधार' जैसी योजना पर विचार, बनेगा नेशनल डाटाबेस प्रोफाइल
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान भी अब भारत के तरह आधार प्लान को अपने मुल्क में लागू करने की सोच रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी ने कहा कि देश में करदाताओं (Taxpayers) की संख्या बढ़ाने के लिए एक नेशनल डाटाबेस प्रोफाइल बनाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में करदाताओं की संख्या को बढ़ाना है, जो फिलहाल 21 करोड़ आबादी वाले मुल्क में सिर्फ एक प्रतिशत लोग ही टैक्स दे पा रहे हैं। एक इंटरव्यू में अब्बासी ने कहा कि लीकेज रोकने, सही प्रॉपर्टी वैल्यूएशन को प्रोत्साहन, टैक्स रेट में कमी और माफी योजना पर विचार किया जा रहा है।

इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) समेत कई एजंसियों ने पाकिस्तान की जीडीपी-टैक्स अनुपात को लेकर चिंता व्यक्त की है, जो दुनिया में सबसे निचले स्तर पर है। पाकिस्तान सरकार ने अपने देश में करदाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए कई योजनाएं बनाई है, लेकिन वे रेवेन्यू बढ़ाने में नाकाम हुए हैं। अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चाहते हैं कि नेशनल डाटाबेस और रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी की मदद से अधिकारी टैक्सपेयर्स प्रोफाइल्स तैयार करें।
अब्बासी ने कहा, 'आप पैसा कमा सकते हैं, लेकिन आप अपने खर्च को छुपा नहीं सकते हैं। आपके टेलीफोन बिल, यूटिलिटी बिल, विदेश यात्राएं, क्रेडिट कार्ड सारी कहानी बयां कर देगा।' इस साल 15 जुलाई को पाकिस्तान में आम चुनाव है, लेकिन दक्षिण एशियाई मुल्क इस वक्त राजनीति अस्थिरता और इकनॉमिक टेंशन से गुजर रहा है। बीते वर्ष पाकिस्तान के महीनों में देश की चालू खाता घाटा 60 प्रतिशत से बढ़कर 7.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया और विदेशी मुद्रा भंडार पटरी से उतर चुका है।












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