Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Pakistan: 19 साल की हिंदू लड़की को घर से उठा ले गए मुस्लिम, जबरन कबूल करवाया इस्लाम, ऊपर तक जुड़े गिरोह के तार

Pakistan के सिंध प्रांत में 06 फरवरी 2026 को एक 19 साल की हिंदू युवती के कथित अपहरण और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों को चिंता में डाल दिया है। परिवार और समुदाय के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि ऐसे कई मामले बार-बार सामने आते रहते हैं। पाकिस्तान में अब ये अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल है। अल्पसंख्यकों के नेता शिवा काछी ने प्रशासन और मानवाधिकार समूहों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।

घर में घुसकर किया किडनैप?

परिवार की शिकायत के अनुसार, 19 साल की कशिश कुमारी, जो मूल रूप से पंजाब के लैयाह की रहने वाली बताई जाती हैं, उसे फरवरी की शुरुआत में सिंध के घोटकी इलाके से अगवा कर लिया गया। शिकायत में कहा गया है कि कुछ लोग उनके घर में जबरन घुस आए। आरोप है कि उन्होंने कशिश का अपहरण किया और परिवार को भी डराया-धमकाया। परिवार का कहना है कि यह सब हथियारों की दम पर जबरन किया गया और उन्हें चुप रहने के लिए धमकियां दी गईं।

Pakistan

कितनी एक्टिव है पुलिस?

घटना के तुरंत बाद परिवार ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। साथ ही सिख-हिंदू अल्पसंख्यक संगठनों से भी मदद मांगी गई है। परिवार की मांग है कि कशिश कुमारी का जल्द से जल्द पता लगाया जाए, उन्हें सुरक्षित घर वापस लाया जाए और इस घटना में शामिल लोगों को हिरासत में लेकर सख्त कार्रवाई की जाए।

मुस्लिम नेताओं के इशारे पर होती है किडनैपिंग!

ऐसे मामलों में पाकिस्तान पुलिस का रवैया ज्यादा सख्त नहीं होता। पुलिस के सामने ये मामले पहले भी आते रहे हैं और ये सब स्थानीय बहुसंख्यक मुस्लिम नेताओं की निशानदेही पर होता है, जिनका सरकार और आर्मी दोनों से करीबी कनेक्शन होता है। लिहाजा पुलिस भी ऐसे मामलों में हाथ डालने से बचती है। नतीजतन मामला सिर्फ दर्ज होता है और जांच चलती रहती है। कई बार ऐसे मामलों में मियां मिठ्ठू जैसे नेताओं के नाम भी आए लेकिन कभी एक्शन नहीं हो पाया।

जांच जारी है...और जारी ही रहेगी!

यह मामला अभी जांच के दौर में है। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्थानों द्वारा इस घटना का स्वतंत्र सत्यापन अभी लंबित है। ये बताता है कि घटना को कितनी गंभीरता से लिया जाता है। हालांकि, सिंध प्रांत में पिछले कुछ सालों में अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन की कई समान घटनाओं की रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं। अक्सर ऐसे मामलों में विवाह और धर्म परिवर्तन के दावे पेश किए जाते हैं, जबकि परिवार जबरदस्ती और दबाव का आरोप लगाते हैं। आखिर में पुलिस भी कुछ नहीं करती।

खतरे में अल्पसंख्यक हिंदू, लगातार घटती आबादी

मानवाधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि पाकिस्तान में धार्मिक तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। उनका दावा है कि अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और कम उम्र में शादी के मामले ज्यादा सामने आते हैं, खासकर तब जब आयु से जुड़े दस्तावेज और कानूनी सुरक्षा कमजोर हों। कुछ मामलों में, जब परिवारों ने FIR दर्ज कराई और अदालत से सुरक्षा मांगी, तब अधिकारियों ने हस्तक्षेप भी किया है। ऐसे मामलों की वजह से भी हिंदू आबादी पाकिस्तान में कम होती जा रही है।

धुंधला कानून, अंधी सरकारे और सख्त कार्रवाई की मांग

अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए काम करने वाले समूहों और परिवार के सदस्यों ने मांग की है कि मामले की पारदर्शी जांच हो। वे चाहते हैं कि तत्काल तलाशी अभियान चलाकर युवती को सुरक्षित वापस लाया जाए। साथ ही देशभर में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए कानूनों को स्पष्ट और सख्ती से लागू करना जरूरी है, ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

सिंध में हिंदू आबादी और लगातार उठते सवाल

सिंध प्रांत पाकिस्तान की सबसे बड़ी हिंदू आबादी का घर माना जाता है। मानवाधिकार संगठनों ने कई बार धार्मिक अल्पसंख्यकों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर किया है। इनमें भेदभाव, सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं और सामाजिक व कानूनी कमजोरियां शामिल हैं। यह मामला अभी भी जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+