शेरवानी’ पहनकर प्रधानमंत्री बनने बैठे थे शहबाज शरीफ, इमरान खान ने ऐसे फंसाया कि लटका मुंह, वीडियो

विपक्ष आज के दिन के लिए पिछले कई दिनों से इंतजार कर रही थी और विपक्ष को पूरा इत्मिनान था, कि आज नेशनल असेंबली में इमरान खान की सरकार गिर जाएगी।

इस्लामाबाद, अप्रैल 03: पाकिस्तान की राजनीति बेपेंदी को लोटा है, अगर ये कहा जाए, तो अतिश्योक्ति नहीं होगी और जिस तरह से इमरान खान ने अपने खिलाफ लाए गये अविश्वास प्रस्ताव को खारिज किया है, वो पाकिस्तान के संविधान का ही उल्लंघन है। लेकिन, अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने से सबसे बड़ा झटका अगर किसी को लगा है, तो वो नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ हैं।

शहबाज शरीफ का टूटा दिल

शहबाज शरीफ का टूटा दिल

विपक्ष आज के दिन के लिए पिछले कई दिनों से इंतजार कर रही थी और विपक्ष को पूरा इत्मिनान था, कि आज नेशनल असेंबली में इमरान खान की सरकार गिर जाएगी और फिर विपक्ष को सरकार बनाने का मौका मिलेगा। जिसको लेकर विपक्ष की तरफ से ये भी तय कर लिया गया था, कि पाकिस्तान का अगला प्रधानमंत्री कौन है, अगला वित्त मंत्री कौन होगा, अगला गृहमंत्री कौन होगा, लेकिन इमरान खान की एक ही गेंद पर विपक्ष के बड़े बड़े नेता क्लीन बोल्ड हो गये हैं। खास कर शहबाज शरीफ, जिन्हें लेकर इमरान खान लगातार कहा करते थे, कि शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के लिए शेरवानी सिलवाकर बैठे हैं और उनका शेरवानी ऐसे ही पड़ा रह जाएगा, उनका दिल आज सबसे ज्यादा टूटा है।

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    संसद में लटका शहबाज शरीफ का मुंह

    संसद में लटका शहबाज शरीफ का मुंह

    जब पाकिस्तान नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर कासिम शाह सूरी ने अचानक हैरान करने वाला फैसला सुनाते हुए अविश्वास प्रस्ताव को अवैध करार देते हुए उसे खारिज कर दिया, तो डिप्टी स्पीकर का ये फैसला पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के लिए किसी वज्रपात से कम नहीं था। डिप्टी स्पीकर के ऐलान के बाद अगले कुछ सेकंड तक नेशनल असेंबली में हर कोई सन्न था, लेकिन फिर सबको अहसास हुआ, कि इमरान खान की तेज रफ्तार बाउंसर उनका हेलमेल उड़ाकर जा चुकी है। डिप्टी स्पीकर के फैसले के बाद पाकिस्तान नेशनल असेंबली में तमाम नेता धरने पर बैठ गये हैं, लेकिन, स्पीकर के फैसला सुनाने के बाद नेशनल असेंबली का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें शहबाज शरीफ को सदमे में बैठे देखा जा रहा है।

    शहबाज शरीफ को थी पीएम बनाने की प्लानिंग

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की स्थिति में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी प्रमुख शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाने का फैसला किया था। पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने बकायदा घोषणा करते हुए कहा था कि, पाकिस्तान में विपक्ष प्रधानमंत्री के लिए अगले उम्मीदवार की नियुक्ति पर "बैठकर फैसला करेगा" लेकिन, पीएमएल-एन शहबाज शरीफ को नामित करेगी। आपको बता दें कि, शहबाज शरीफ, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई हैं, जबकि मरियम नवाज, नवाज शरीफ की बेटी हैं। नवाज शरीफ इस वक्त लंदन में हैं, जबकि पार्टी की कमान मरियम नवाज और शहबाज शरीफ के हाथों में है। लेकिन, आज नेशनल असेंबली में जो फैसला हुआ है, उसने शहबाज शरीफ का दिल तोड़ दिया है।

    कौन हैं शहबाज शरीफ?

    कौन हैं शहबाज शरीफ?

    पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी शहवाज शरीफ को प्रधानमंत्री बनाने का ऐलान किया था। आपको बता दें कि, शहवाज शरीफ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई हैं। वे अगस्त 2018 से पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता हैं। शरीफ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष हैं और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के तीन-तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जो किसी भी सीएम के लिए वहां का सबसे लंबा कार्यकाल है। वे पंजाब विधानसभा के लिए 1988 में चुने गए थे। फिर 1990 में पहली बार नेशनल असेंबली के सदस्य निर्वाचित हुए थे। 1993 में एकबार फिर वे पंजाब विधानसभा के लिए चुने गए और तब वहां पर विपक्ष के नेता बने। पहली बार 1997 में वे पंजाब के मुख्यमंत्री चुने गए थे।

    भागना पड़ा था सऊदी अरब

    भागना पड़ा था सऊदी अरब

    1999 में जब परवेज मुशर्रफ की अगुवाई वाली फौज ने नवाज शरीफ का तख्तापलट दिया था तो शहवाज शरीफ ने परिवार के साथ सऊदी अरब में जाकर शरण ली थी। वे फिर 2007 में वापस पाकिस्तान लौटकर आए। 2008 के आम चुनाव के बाद वे एकबार फिर से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की जीत होने पर पंजाब प्रांत के सीएम नियुक्त हुए। तीसरी बार 2013 में उन्हें उस प्रांत का मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला और 2018 में पार्टी की हार तक इसी पद पर रहे। जब उनके भाई नवाज शरीफ को पद पर बने रहने के अयोग्य घोषित कर दिया गया तो वे पार्टी के अध्यक्ष नियुक्त कर दिए गए। 2018 के चुनाव के बाद उन्हें नेशनल असेंबली में विपक्ष का नेता बनाया गया। 28 मार्च को शहवाज शरीफ ने ही इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।

    भ्रष्टाचार के आरोप में हुए थे गिरफ्तार

    भ्रष्टाचार के आरोप में हुए थे गिरफ्तार

    2019 के दिसंबर में उनपर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे और इस मामले में नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो ने उनकी और उनके बेटे हमजा शरीफ की 23 संपत्तियां जब्त कर लीं। सितंबर, 2020 में नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में ही गिरफ्तार भी किया। इस मामले में उनके खिलाफ मामला लंबित है। लेकिन, पिछले साल अप्रैल में लाहौर हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया। बताया जाता है कि, इमरान खान ने राजनीतिक रंजिश के चलते झूठे आरोपों में शहबाज शरीफ को गिरफ्तार करवाया था और कोर्ट में शुरूआती जांच में आरोपों में दम नहीं पाया गया था।

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