'मदद नहीं मिली तो मर जाएंगे', पाकिस्तान ने लगाई दुनिया से गुहार, प्रलयंकारी बाढ़ से स्थिति काफी गंभीर
पाकिस्तान के फेडरल प्लानिंग मिनिस्टर अहसान इकबाल ने मानसून की भारी बारिश और उससे आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित "33 मिलियन लोगों के लिए भारी मानवीय मदद" का आह्वान किया है।
इस्लामाबाद, सितंबर 04: पाकिस्तान ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से विनाशकारी बाढ़ की स्थिति में "भारी मानवीय मदद" की अपील की है, जिसमें कम से कम 1,265 लोग मारे जा चुके हैं और आधा पाकिस्तान डूबा हुआ है। हालांकि, पाकिस्तान के अनुरोध पर अमेरिका, फ्रांस, तुर्की और यूएई से काफी मदद जरूर पहुंची है, लेकिन पाकिस्तान को अभी और मदद की आवश्यकता है और तुर्की ने जो मदद की है, वो ऊंट के मुंह में जारी के समान है। पाकिस्तान में बाढ़ से करीब 3 करोड़ 30 लाख लोग बुरी तरह से प्रभावित हैं और हजारों घर बाढ़ में बह चुके हैं। खासकर सिंध और बलूचिस्तान की हालत सबसे ज्यादा खराब है।

3 करोड़ से ज्यादा लोग गंभीर प्रभावित
पाकिस्तान के फेडरल प्लानिंग मिनिस्टर अहसान इकबाल ने मानसून की भारी बारिश और उससे आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित "33 मिलियन लोगों के लिए भारी मानवीय मदद" का आह्वान किया है। पाकिस्तान की दुर्दशा पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान हालांकि बढ़ा है, लेकिन अभी भी उतनी मदद नहीं मिल रही है, जिसका बाढ़ग्रस्त इस मुल्क को मिलना चाहिए और पाकिस्तान की सरकार के पास बाढ़ पीड़ितों तक मदद पहुंचाने के लिए संसाधन और पैसों, दोनों का अभाव है। जिसकी वजह से बाढ़ की स्थिति और भी ज्यादा घातक हुई है और भारी संख्या में लोगों की मौत हुई है। प्रारंभिक सरकारी अनुमानों के अनुसार, बारिश और बाढ़ से 10 अरब डॉलर का नुकसान अब तक हो चुका है।

तत्काल मानवीय मदद की जरूरत
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित कई अधिकारियों और विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में आई इस विनाशकारी बाढ़ के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान में इस साल मॉनूसन की भारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और देश कुछ हिस्सों में अभी भी बारिश हो रही है, जिसके लिए जलवायु परिवर्तन जिम्मेदार है। और यूएन प्रमुख की तरफ से कहा गया है कि, दुनिया अभी भी जलवायु परिवर्तन को लेकर नींद में चल रही है और वो 9 सितंबर को पाकिस्तान का दौरा करने वाले हैं और बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर वो अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और संकटग्रस्त देश का जायजा लेंगे। दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार ने प्रवासी पाकिस्तानियों से फौरन देश की मदद करने के लिए सामने आने को कहा है।

160 मिलियन डॉलर की मांग
पाकिस्तान सरकार ने कहा कि, "तबाही का पैमाना बहुत बड़ा है और 3 करोड़ 30 लाख से ज्यादा लोगों को एक विशाल मानवीय मदद की आवश्यकता है। इसके लिए मैं अपने साथी पाकिस्तानियों, पाकिस्तान प्रवासियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करता हूं कि वे इस जरूरत की घड़ी में पाकिस्तान की मदद करें।" इस सप्ताह की शुरुआत में, संयुक्त राष्ट्र और पाकिस्तान ने संयुक्त रूप से बाढ़ से प्रभावित लाखों लोगों की मदद के लिए 160 मिलियन डॉलर की आपातकालीन निधि की अपील की थी, यानि दुनिया भर के देशों से 160 मिलियन डॉलर की मदद मांगी थी और पाकिस्तान ने कहा था, कि 10 लाख घर पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं।

1200 से ज्यादा लोगों की मौतें
पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शनिवार को अपनी ताजा रिपोर्ट में बाढ़ प्रभावित इलाकों में 57 और लोगों की मौत होने की बात कही है। जून के मध्य में मॉनसून की बारिश शुरू होने के बाद से 441 बच्चों सहित 1,265 लोगों की मौत हो गई। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पहले ही अंतर्राष्ट्रीय मसुदाय से मानवीय सहायता भेजने की अपील कर चुके हैं और उनकी अपील पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से त्वरित प्रतिक्रिया मिली है, और राहत सामग्री से लदे कई विमान पाकिस्तान पहुंचे हैं। राहत सामग्री ले जा रहा एक फ्रांसीसी विमान शनिवार को इस्लामाबाद में उतरा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्री अब्दुल कादिर पटेल ने उसकी अगवानी की। उस फ्रांसीसी विमान का आगमन संयुक्त अरब अमीरात से नौवीं उड़ान और उज्बेकिस्तान से पहली उड़ान के बाद हुआ। पटेल ने कहा कि फ्रांस द्वारा भेजे गए राहत सामानों में जल स्तर को कम करने के लिए दवा और पानी निकालने वाले बड़े पंप शामिल हैं। उन्होंने कहा कि फ्रांस ने भी डॉक्टरों और विशेषज्ञों की एक टीम भेजी है। पाकिस्तान ने प्रभावित आबादी के बीच पहुंचने वाली सहायता को वितरित करने के लिए एक राष्ट्रीय बाढ़ प्रतिक्रिया और समन्वय केंद्र की स्थापना की है।

किन क्षेत्रों में हुआ है भारी नुकसान?
पाकिस्तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्री अब्दुल कादिर पटेल ने कहा कि, इस मानसून के मौसम में बलूचिस्तान और सिंध प्रांतों के साथ-साथ खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब, गिलगित और बाल्टिस्तान प्रांतों के अधिकांश इलाकों में भारी बारिश हुई है। मूसलाधार बारिश और बाद में अचानक आई बाढ़ ने बुनियादी ढांचे, सड़कों, बिजली और संचार नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचाया। इकबाल ने कहा कि, सरकार जल्द से जल्द देश में सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए काम कर रही है, लेकिन पाकिस्तानी सरकार अकेले ऐसा नहीं कर सकती। वहीं, बाढ़ प्रतिक्रिया केंद्र के प्रमुख और योजना मंत्री से कोई संबंध नहीं रखने वाले मेजर जनरल जफर इकबाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि, पिछले चार दिनों में तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, चीन, कतर से राहत सामग्री से लदे 29 विमान पाकिस्तान पहुंचे। उज्बेकिस्तान, जॉर्डन, तुर्कमेनिस्तान और अन्य देश भी हमारी मदद कर रहे हैं। सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल इफ्तिखार बाबर ने कहा कि, पाकिस्तान सेना द्वारा समर्थित बचाव दल बचाव और राहत अभियान जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सेना उड्डयन, वायु सेना और नौसेना के जवान दूर-दराज के क्षेत्रों से लोगों को निकालने और सहायता पहुंचाने के लिए नावों और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बनाए गये हैं कई राहत शिविर
बाबर ने कहा कि, सेना ने 50,000 से अधिक विस्थापितों को आश्रय देने और उन्हें खाना खिलाने के लिए 147 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जबकि 250 चिकित्सा शिविरों ने अब तक 83,000 लोगों को सहायता प्रदान की है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने राहत शिविरों और सड़कों के किनारे टेंटों में रहने वाले बेघर लोगों में जल जनित बीमारियों के फैलने पर चिंता व्यक्त की है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अख्तर नवाज ने कहा कि, देश के क्षेत्रों में इस साल 15% से 20% अतिरिक्त बारिश और होने की उम्मीद है, वास्तव में 400% से ज्यादा बारिश अभी तक रिकॉर्ड की गई है। इस मॉनसून सीजन में कुल मिलाकर देश में 190 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। वहीं, अमेरिकी सेना की मध्य कमान ने कहा है कि, वह इस्लामाबाद में एक आकलन दल भेजेगी ताकि यह देखा जा सके कि वह क्या सहायता प्रदान कर सकता है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस सप्ताह की शुरुआत में बाढ़ पीड़ितों के लिए 30 मिलियन डॉलर की सहायता की घोषणा की है।
-
'मुझे उस शादी में नहीं रहना', Aishwarya Rai संग 19 साल के रिश्ते पर पति अभिषेक बच्चन का बड़ा बयान -
LPG Cylinder Price Today: आज बदल गए घरेलू गैस के दाम? सिलेंडर बुक करने से पहले चेक करें नई रेट लिस्ट -
Gold Rate Today: सोना लगातार हो रहा सस्ता, 3500 गिरे दाम, क्या खरीदारी का सही मौका? 22K-18K गोल्ड के नए रेट -
समोसा से पैटरनिटी लीव तक—क्या यही वजह बनी राघव चड्ढा को राज्यसभा में ना बोलने देने की! 7 मुद्दे चर्चा में -
Hormuz Strategic Plan: होर्मुज का खेल खत्म! भारत के हाथ लगा वो 'जादुई रूट', तेल -LPG की किल्लते होंगी दूर -
Trump Warning Iran: 'सिर्फ 48 घंटे, फिर नक्शे से मिट जाएगा नाम', ट्रंप ने ईरान को दी आखिरी चेतावनी -
World’s Largest Army: न चीन, न भारत... अब यह देश है सैन्य शक्ति का नया बादशाह! देखें टॉप 10 की पूरी लिस्ट -
GT vs RR: शुभमन गिल आज का मैच क्यों नहीं खेल रहे? किस वजह से राशिद खान को बनाया गया कप्तान -
Iran Vs America War: ईरानी अटैक का डर या आर्थिक संकट? युद्ध के बीच ट्रंप को धोखा देने की तैयारी में दोस्त देश -
'डोनाल्ड ट्रंप से ज्यादा हमारी कैद में सुरक्षित हैं', US पायलट की मां के इमोशनल मैसेज पर ईरान ने दिया जवाब -
Silver Rate Today: चांदी में बड़ी गिरावट! 10,000 तक लुढ़के दाम,अब आपके शहर ये है लेटेस्ट सिल्वर रेट -
Trump vs Iran: ईरान से युद्ध में अमेरिका का हालात खराब! गुस्से से लाल ट्रंप, वीक ऑफ किया रद्द












Click it and Unblock the Notifications