Middle East War से Pakistan में लॉकडाउन! स्कूल-कॉलेज और दफ्तरों को लेकर शहबाज सरकार का चौंकाने वाला फरमान
US-Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार (International market) में कच्चे तेल (crude oil) की कीमतों में आए अचानक उछाल ने पाकिस्तान (Pakistan) की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका के बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने देश में ईंधन बचाने के लिए आपातकालीन कदमों का ऐलान किया है।
इसे एक तरह का 'फ्यूल लॉकडाउन' माना जा रहा है, क्योंकि सरकार ने शिक्षा से लेकर सरकारी कामकाज तक के नियमों में बड़े बदलाव कर दिए हैं। आइए जानतें हैं पाकिस्तान में इस गंभीर संकट से निपटने के लिए क्या नए नियम लागू किए गए हैं।

पाकिस्तान के सभी स्कूल पूरी तरह बंद
मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें $107 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इस संकट का सीधा असर पाकिस्तान की आवाम पर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्र के नाम संबोधन में घोषणा की कि देश के सभी स्कूल इस हफ्ते के बाद अगले दो सप्ताह के लिए पूरी तरह बंद रहेंगे।
दफ्तर अब हफ्ते में केवल 4 दिन खुलेंगे
वहीं, उच्च शिक्षण संस्थानों और यूनिवर्सिटीज को आदेश दिया गया है कि वे तुरंत अपनी पढ़ाई को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दें। इसके साथ ही, सरकारी खर्च और ईंधन की खपत को कम करने के लिए दफ्तरों को अब हफ्ते में केवल 4 दिन ही खोला जाएगा। सरकार ने यह भी तय किया है कि 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारी घर से काम (Work from Home) करेंगे, ताकि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव और पेट्रोल-डीजल का खर्च कम किया जा सके।
वेतन से दो दिनों की सैलरी काटी जाएगी
आर्थिक बोझ को कम करने के लिए सरकार ने मंत्रियों और बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिराई है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ग्रेड-20 और उससे ऊपर के अधिकारी, जो 3 लाख रुपये से अधिक वेतन लेते हैं, उनके वेतन से दो दिनों की सैलरी काटी जाएगी। साथ ही, सरकारी विभागों के तेल भत्ते (Oil Allowance) में 50 फीसदी की बड़ी कटौती कर दी गई है। पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने तो और भी कड़े कदम उठाते हुए प्रांतीय मंत्रियों को मिलने वाले तेल की सप्लाई फिलहाल सस्पेंड कर दी है और उनके साथ चलने वाले प्रोटोकॉल वाहनों की संख्या घटाकर सिर्फ एक कर दी है।
शहबाज सरकार के 'फ्यूल लॉकडाउन' के मेन प्वाइंट:
- स्कूल-कॉलेज: देशभर के सभी स्कूल 2 हफ्ते के लिए बंद रहेंगे; यूनिवर्सिटी की कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी।
- दफ्तरों का समय: संघीय सरकारी दफ्तर अब हफ्ते में केवल 4 दिन खुलेंगे।
- वर्क फ्रॉम होम: 50% सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया गया है।
- सैलरी में कटौती: ग्रेड-20 और उससे ऊपर के अधिकारियों की 2 दिन की सैलरी काटी जाएगी।
- तेल भत्ते में कटौती: सरकारी विभागों के फ्यूल कोटे में 50% की कमी की गई है।
- मंत्रियों पर सख्ती: पंजाब में मंत्रियों का तेल कोटा सस्पेंड और उनके साथ चलने वाली प्रोटोकॉल गाड़ियों की संख्या सीमित कर दी गई है।
- ग्लोबल संकट: ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत $107 के पार होने से पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।












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