पाकिस्तान में सरबजीत सिंह के हत्यारे आमिर सरफराज का खेल खत्म, 'अज्ञात हमलावरों’ ने मारी गोली
पाकिस्तान के लाहौर में भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की जेल में हत्या करने वाले आमिर सरफराज की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। 2 मई 2013 को सरबजीत सिंह की मौत हो गई थी। उन पर 26 अप्रैल 2013 को पाकिस्तान की जेल में जानलेवा हमला हुआ था जिसके बाद उनका देहांत हो गया था।
उस हत्या में अंडरवर्ल्ड डॉन अमीर सरफराज भी शामिल था। बताया जाता है कि सरबजीत सिंह की हत्या पॉलीथिन से गला घोंटकर और पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। अमीर से सरबजीत सिंह को तड़पा-तड़पा कर मार डाला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये माना गया कि ISI के ईशारे पर सरफराज ने इस घटना को अंजाम दिया।

सरबजीत को पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में पाकिस्तानी सेना ने पकड़ा था। साल 1991 में लाहौर और फैसलाबाद में हुए बम धमाकों के बाद पंजाब के रहने वाले सरबजीत को आतंकवाद और जासूसी के इल्जाम में सजा-ए-मौत दी गई थी। हालांकि सजा से पहले ही अप्रैल 2013 में कुछ कैदियों ने सरबजीत पर हमला कर दिया था।
कौन थे सरबजीत?
सरबजीत सिंह भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे तरनतारन जिले के भिखीविंड गांव के रहने वाले किसान थे। 30 अगस्त 1990 को वह अनजाने में पाकिस्तानी सीमा में पहुंच गए थे जहां उन्हें पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार कर लिया था। तब सरबजीत की उम्र सिर्फ 26 साल थी। सरबजीत की रिहाई को लेकर काफी लंबी जद्दोजेहद भी चली थी। पर सरबजीत की रिहाई से पहले ही उन्हें मार डाला गया।
लाहौर जेल में सरबजीत सिंह के साथ रह चुके उनके एक पूर्व साथी कैदी ने दावा किया था कि सरबजीत की मौत पाकिस्तान सरकार ने कराई। कुछ समय के बाद पाक ने खानापूर्ति के लिए आरोपी आमिर तांबा और मुद्दसर को गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये दोनों सरबजीत सिंह के साथ उसकी सेल में बंद थे और मई, 2013 में उसकी मौत से पहले तक उसपर लगातार अत्याचार करते थे।












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