‘बेटियों को कभी मत छोड़ो अकेला’, भारत के इस पड़ोसी देश में महिलाओं को बचाने लगाया गया आपातकाल
पंजाब प्रांत के गृहमंत्री ने पैरेंट्स से अपनी बेटियों को कभी अकेला नहीं छोड़ने की अपील की है।
पंजाब, जून 21: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में महिलाओं और बच्चों के साथ सेक्सुअल हिंसा की वारदातों में भारी इजाफा होने के बाद प्रांतीय सरकार ने आपातकाल लगाने का फैसला किया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अधिकारियों ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन शोषण के मामलों में बढ़ोतरी के बाद "आपातकाल" घोषित करने का फैसला किया है।

गृहमंत्री ने किया ऐलान
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गृह मंत्री अट्टा तरार ने रविवार को कहा कि प्रशासन को "बलात्कार के मामलों से निपटने के लिए आपातकाल घोषित करने" के लिए मजबूर होना पड़ा है। पंबाज प्रांत के होम मिनिस्टर ने कहा कि, पंजाब प्रांत में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन शोषण के मामलों में तेजी से वृद्धि समाज और सरकारी अधिकारियों के लिए एक गंभीर मुद्दा है। डॉन अखबार के मुताबिक, प्रांतीय गृहमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, 'पंजाब में प्रतिदिन बलात्कार के चार से पांच मामले सामने आ रहे हैं, जिसके कारण सरकार यौन उत्पीड़न, दुर्व्यवहार और जबरदस्ती के मामलों से निपटने के लिए विशेष उपायों पर विचार कर रही है'।

घटना रोकने की कोशिशें जारी
पंजाब प्रांत के गृहमंत्री ने कानून मंत्री मलिक मुहम्मद अहमद खान की उपस्थिति में जोर देकर कहा कि बलात्कार और कानून व्यवस्था पर कैबिनेट समिति द्वारा सभी मामलों की समीक्षा की जाएगी, और नागरिक समाज, महिला अधिकार संगठनों, शिक्षकों और वकीलों से भी परामर्श किया जाएगा, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इसके साथ ही उन्होंने माता-पिता से अपने बच्चों की सुरक्षा करने और उन्हें सुरक्षा के महत्व के बारे में भी सिखाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने पैरेंट्स से अपील करते हुए कहा कि, वो कभी भी अपनी बेटियों को अकेला नहीं छोड़ें, भले ही वो घर में ही क्यों ना हों।

बलात्कार विरोधी अभियान
पंजाब प्रांत के गृहमंत्री तरार ने कहा कि कई मामलों में आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, सरकार ने बलात्कार विरोधी अभियान शुरू किया है और स्कूलों में यौन उत्पीड़न के बारे में छात्रों को जागरूक किया जाएगा। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब फोरेंसिक साइंस एजेंसी की भूमिका को फास्ट ट्रैक आधार पर डीएनए के नमूने के लिए सुधारा जाएगा और प्रयोगशाला अधिकारियों के साथ एक बैठक सोमवार को निर्धारित की गई थी। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने इस बात पर भी खेद व्यक्त किया कि बड़े स्कूलों और कॉलेजों में ड्रग्स लेना एक फैशन बन गया है, जो अपराध के ग्राफ में वृद्धि में योगदान दे रहा है।












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