भगोड़े भाई से मिलकर फंस गये शहबाज शरीफ, पाकिस्तानी पीएम के खिलाफ राजद्रोह का प्रस्ताव पास
नवाज शरीफ नवंबर 2019 से लंदन में रह रहे हैं, जब लाहौर उच्च न्यायालय ने उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर 8 हफ्तों के लिए जमानत दी थी, लेकिन उसके बाद से वो वापस पाकिस्तान नहीं लौटे हैं।
इस्लामाबाद, सितंबर 21: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की विधानसभा ने नई सेना की नियुक्ति पर लंदन में अपने "भगोड़े" बड़े भाई और पूर्व पीएम नवाज शरीफ से "परामर्श" करने को लेकर देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ राजद्रोह के आरोप में एक प्रस्ताव पारित किया है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की विधानसभा के अंदर पीएम शहबाज शरीफ के अपने भगोड़े बड़े भाई से मुलाकात को "संवेदनशील मुद्दा" बताया गया है।

सेनाध्यक्ष के चयन पर जारी है बवाल
पाकिस्तान के मौजूदा सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा नवंबर के अंत में अपने पद से रिटायर्ड हो जाएंगे। हालांकि, उनका कार्यकाल 2019 में ही खत्म हो गया था, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने उनके कार्यकाल को संसद में एक प्रस्ताव पास कर बढ़ा दिया था। लेकिन, कमर जावेज बाजवा एक और एक्सटेंशन चाहते हैं, लेकिन मौजूदा शहबाज शरीफ की सरकार ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रविवार को कहा कि, रक्षा मंत्रालय और पाकिस्तानी सेना का मुख्यालय (जीएचक्यू), अक्टूबर के अंत तक इस मामले पर विचार-विमर्श करेंगे और उसके बाद ही फैसला किया जाएगा, कि अगर सेनाध्यक्ष कौन होगा। इससे पहले भी शहबाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के नेतृत्व वाली पाकिस्तान की गठबंधन सरकार ने कहा था कि, वह नियुक्ति पर फैसला करने के लिए अपने सहयोगी दलों और सेना के शीर्ष अधिकारियों से परामर्श करेगी।

शहबाज शरीफ पर राजद्रोह का मुकदमा?
पाकिस्तान की राजनीति पर सेना प्रमुख का ही नियंत्रण रहता है, लिहाजा इस हाई-प्रोफाइल नियुक्ति पर सभी सुर्खियों में होने के साथ, पाकिस्तान के पीएम शेबाज शरीफ ने हाल ही में लंदन में अपने बड़े भाई नवाज शरीफ से मुलाकात की थी, जब उन्होंने दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ब्रिटिश राजधानी का दौरा किया था। बताया जा रहा है कि, प्रधानमंत्री ने नवाज शरीफ के साथ अगले सेना प्रमुख की नियुक्ति पर चर्चा की थी, जिसने विपक्ष को नाराज कर दिया और इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ ने इसे राजद्रोह का मामला करार दिया है। इमरान खान की पार्टी का कहना है, कि सेनाध्यक्ष किसे बनाया जाए, इसके लिए विचार विमर्स उस शख्स से किया गया है, जो देश का भगोड़ा है और दूसरा आरोप ये है, कि प्रधानमंत्री ने उस शख्स से मुलाकात की है, जिसे कोर्ट ने भगोड़ा करार दे रखा है।

शहबाज के खिलाफ क्या प्रस्ताव पास हुआ?
पंजाब विधानसभा में जो प्रस्ताव पारित हुआ है, उसमें प्रधानमंत्री के खिलाफ राजद्रोह के आरोप में कार्रवाई की मांग की गई है। पाकिस्तान पंजाब में अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी और उसकी सहयोगी पीएमएलक्यू का शासन है। डॉन अखबार के अनुसार, पंजाब के संसदीय मामलों के मंत्री बशारत राजा द्वारा पेश किया गया प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया है, जिसमें कहा गया है कि, "प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खुद कई मामलों में आरोपी हैं। यह कदम उठाकर (नवाज शरीफ से मुलाकात करके) प्रधानमंत्री को....संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी पाया गया। इसलिए प्रधानमंत्री के खिलाफ अनुच्छेद 5 और 6 के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

क्या कहता है पाकिस्तान का संविधान?
वहीं, पाकिस्तान से संविधान के अनुच्छेद 6, जिसमें राजद्रोह की व्याख्या की गई है, उसमें कहा गया है कि, "कोई भी व्यक्ति जो संविधाव को निरस्त करता है या तोड़ता है या निलंबित करता है या स्थगित करता है, या बल के प्रयोग से संविधान को निरस्त करने या हटाने या निलंबित करने या स्थगित करने का प्रयास करता है। या फिर असंवैधानिक तरीक से किसी भी तरह अपनी ताकत का प्रदर्शन करता है, वो उच्च राजद्रोह का दोषी होगा"। वहीं, अनुच्छेद 5 - 'राज्य के प्रति वफादारी और संविधान के प्रति आज्ञाकारिता' के दो खंड हैं। खंड (1) में कहा गया है कि "राज्य के प्रति वफादारी प्रत्येक नागरिक का मूल कर्तव्य है", वहीं, क्लॉज 2 में कहा गया है कि, "संविधान और कानून का पालन करना हर नागरिक का अनिवार्य दायित्व है, चाहे वह कहीं भी हो।" प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि, शहबाज-नवाज की मुलाकात सेना का अपमान थी, और पीएम के पद की शपथ का भी उल्लंघन है, जो उन्हें संवेदनशील मामलों को किसी असंबंधित व्यक्ति के साथ साझा करने से रोकता है।

लंदन में क्यों हैं नवाज़ शरीफ़?
नवाज शरीफ नवंबर 2019 से लंदन में रह रहे हैं, जब लाहौर उच्च न्यायालय ने उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर 8 हफ्तों के लिए जमानत दी थी। दिसंबर 2018 में उन्हें सऊदी अरब में स्टील मिलों के अपने परिवार के स्वामित्व से संबंधित भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल में डाल दिया गया था, जिसे पाकिस्तान में अल-अज़ीज़िया भ्रष्टाचार मामले के रूप में जाना जाता है। लंदन जाने से पहले वह यहां लोट लखपत जेल में बंद था। एक विदेशी नागरिक ब्रिटेन में एक बार में छह महीने से अधिक नहीं रह सकता है, लेकिन ताज्जुब की बात ये है, शहबाज शरीफ ने पिछले साल तक वीजा एक्सटेंशन के लिए ना सिर्फ आवेदन किया, बल्कि वीजा एक्सटेंशन प्राप्त भी किया, लेकिन पिछले साल अगस्त में यूके होम मिनिस्ट्री ने चिकित्सा आधार पर उनके प्रवास को और आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद नवाज शरीफ ने वीजा विस्तार से इनकार किए जाने पर ब्रिटिश इमिग्रेशन ट्रिब्यूनल में अपील दायर की थी। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, नवाज शरीफ कानूनी रूप से ब्रिटेन में तब तक रह सकते हैं, जब तक कि ट्रिब्यूनल उनकी याचिका पर फैसला नहीं दे देता।












Click it and Unblock the Notifications