पाकिस्तान के 'परमाणु जनक' डॉ. अब्दुल कादिर खान का निधन, इमरान ने अंतिम वक्त में भी किया अपमान
पाकिस्तान के परमाणु जनक डॉ. अब्दुल कादिर खान का निधन हो गया है। 85 साल के डॉ. परमाणु वैज्अञानिक ब्दुल कादिर खान का जन्म भारत में हुआ था।
इस्लामाबाद, अक्टूबर 10: पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक डॉ. अब्दुल कादिर खान, जिन्हें एक्यू खान के नाम से जाना जाता था, उनका निधन हो गया है। डॉ. अब्दुल कादिर खान की 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। डॉ. अब्दुल कादिर खान ही वो वैज्ञानिक थे, जिन्होंने पाकिस्तान को परमाणु बम बनाकर दिया था और पाकिस्तान को परमाणु संपन्न राष्ट्र बनाया था। डॉ. अब्दुल कादिर खान के निधन के बाद वैसे तो पाकिस्तान में शोक का माहौल है, लेकिन पाकिस्तान के लोग प्रधानमंत्री इमरान खान को काफी भल बुरा कह रहे हैं।

डॉ. अब्दुल कादिर खान का निधन
पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो न्यूज ने डॉ. अब्दुल कादिर खान के निधन की जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉ. अब्दुल कादिर खान का 85 साल की उम्र में निधन हो गया। रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, उन्हें एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सुबह उनकी तबीयत बिगड़ गई। रक्षा मंत्री परवेज खट्टक ने कहा कि उन्हें उनके निधन पर 'गहरा दुख' हुआ है और उन्होंने इसे 'बहुत बड़ी क्षति' बताया। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री परवेज खट्टक ने कहा कि, "पाकिस्तान हमेशा राष्ट्र के लिए उनकी सेवाओं का सम्मान करेगा! पाकिस्तान की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में उनके योगदान के लिए पूरा पाकिस्तान उनका बहुत ऋणी है।"

पाकिस्तान के 'परमाणु जनक'
पाकिस्तान के योजना एवं विकास मंत्री असद उमर ने कहा कि देश को 'अजेय' बनाने में डॉक्टर खान की अहम भूमिका रही है। उन्होंने डॉ. अब्दुल कादिर खान की आत्मा की शांतिु के लिए दुआ की है। आपको बता दें कि, डॉ. अब्दुल कादिर खान का जन्म स्वतंत्रता से पहले भारत के भोपाल में हुआ था और 1947 में भारत के विभाजन के बाद वो पाकिस्तान चले गये थे।

इमरान खान ने किया 'अपमान'
पिछले महीने, डॉ. अब्दुल कादिर खान ने शिकायत की थी, कि न तो प्रधानमंत्री इमरान खान और न ही उनके किसी कैबिनेट सदस्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। जिसके बाद पाकिस्तानी अवाम ने इमरान खान की जमकर मजम्मत की थी और पाकिस्तान के महान वैज्ञानिक की सुध नहीं लेने के लिए इमरान खान की जमकर आलोचना की गई थी। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, डॉ खान को 26 अगस्त को खान रिसर्च लेबोरेटरीज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जब उन्होंने कोविड -19 पॉजिटिव पाया गया था। बाद में, उन्हें रावलपिंडी के एक सैन्य अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। डॉ. अब्दुल कादिर खान को मोहसिन-ए-पाकिस्तान (पाकिस्तान का तारणहार) भी माना जाता है। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने के बाद ना तो पाकिस्तान सरकार की तरफ से उनकी खोज खबर ली गई थी और ना ही पाकिस्तान के किसी अधिकारी ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए एक फोन तक किया था।

मौत के बाद 'सम्मान'
पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि जब तक डॉ. अब्दुल कादिर खान जिंदा थे और अस्पताल में भर्ती थे, तब तक ना तो इमरान खान ने उनका हाल जानने की कोशिश की और ना ही उनके किसी मंत्री ने, लेकिन अब जब उनका निधन हो गया है, तो इमरान सरकार के सारे मंत्री उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। डॉ. अब्दुल कादिर खान जब अस्पताल में भर्ती थे, तो उन्होंने एक वीडियो मैसेज जारी करते हुए इमरान सरकार पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि, ''कुछ एहसानफरामोश लोग उनकी मौत का अफहाव उड़ा रहे हैं, जबकि सरकार को इससे कोई मतलब नहीं है कि मैं जिंदा हूं या नहीं''।












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