US-Iran: अमेरिका-ईरान में फिर से ठनी! फर्जी में 'कॉलर' ऊंचा कर रहा पाकिस्तान! क्या है Thank you वाली नौटंकी?
US-Iran Islamabad Peace Talks Fail: अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग को रोकने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता का बड़ा दांव खेला, लेकिन नतीजा वही रहा- 'ढाक के तीन पात'। इस्लाबाद में 21 घंटों तक चली मैराथन शांति वार्ता पूरी तरह बेनतीजा साबित हुई है। हैरानी की बात यह है कि इस विफलता के बाद भी पाकिस्तान अपनी पीठ थपथपाने से पीछे नहीं हट रहा है।
शांति वार्ता के बेनतीजा खत्म होने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अपनी 'नौटंकी' जारी रखते हुए उन्होंने विफलता को सफलता की तरह पेश किया और कहा, 'हम इस्लाबाद में शांति वार्ता आयोजित करने के लिए ईरान और अमेरिका का शुक्रिया अदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि, 'ये न सिर्फ मिडिल-ईस्ट बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए एक अच्छा संकेत है। पाकिस्तान इन शांति वार्ताओं की मेजबानी करके सम्मानित महसूस कर रहा है।' इशाक डार ने आगे कहा, पाकिस्तान की ओर से, मैं दोनों पक्षों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि उन्होंने सीजफायर हासिल करने के पाकिस्तान के प्रयासों और हमारी मध्यस्थता की भूमिका की सराहना की।
21 घंटे की बैठक और ईरान के गंभीर आरोप
ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए यह बैठक 21 घंटे तक चली। बैठक खत्म होते ही ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए। ईरानी मीडिया का कहना है कि अमेरिका कभी बातचीत के लिए 'सीरियस' था ही नहीं।
- ईरान का दावा: अमेरिका सिर्फ दुनिया के सामने अपनी इमेज बेहतर करना चाहता था और भागने का बहाना ढूंढ रहा था।
- मुश्किल शर्तें: ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने ऐसी शर्तें रखीं जिन्हें मानना नामुमकिन था, ताकि बातचीत फेल होने का ठीकरा ईरान पर फोड़ा जा सके।
बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?
इस हाई-लेवल मीटिंग मीटिंग में दोनों देशों के दिग्गज चेहरे आमने-सामने थे:
- ईरान: तेहरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची।
- अमेरिका: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जेरेड कुशनर (डोनाल्ड ट्रंप के दामाद एवं विशेष सलाहकार), और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ।
- मेजबान: पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर।
इन मुद्दों पर फंसा पेंच
बैठक के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन दो प्रमुख केंद्रों पर बात बिगड़ गई:
1. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच भारी विवाद रहा।
2. परमाणु अधिकार: ईरान अपने परमाणु अधिकारों और यूरेनियम संवर्धन को लेकर झुकने को तैयार नहीं था।
'क्या 10 दिन बाद फिर होगी बात'
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल अब वॉशिंगटन के लिए रवाना हो चुका है, लेकिन पाकिस्तान अभी भी उम्मीद लगाए बैठा है। इशाक डार ने बताया कि उन्होंने और आर्मी चीफ असीम मुनीर ने 24 घंटे तक गहन मध्यस्थता की है।
डार ने कहा कि, 'बातचीत आज सुबह खत्म हो गई, उम्मीद है कि US और ईरान शांति के लिए सकारात्मक भावना के साथ आगे बढ़ेंगे। 10 दिन के अंदर एक बार फिर से दोनों देशों के बीच वार्ता हो सकती है। पाकिस्तान आने वाले दिनों में भी संवाद को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।'












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