पाकिस्तान में आज इमरान खान की ‘अग्निपरीक्षा’, कुर्सी जाना तय, संसद में भारी बवाल की आशंका

पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के पास कुल 162 एमएनए (नेशनल एसेंबली मेंबर) हैं। 342 एमएनए वाली एसेंबली में प्रस्ताव पारित करने के लिए विपक्ष को 10 और वोटों की जरूरत है।

इस्लामाबाद, मार्च 25: पाकिस्तान की राजनीति के लिए आज का दिन काफी अहम साबित होने वाला है और इमरान खान आगे भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने रहेंगे, या फिर उनकी सरकार गिर जाएगी, इसकी प्रक्रिया भी पाकिस्तान की संसद में आज से शुरू हो जाएगी और पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के संयुक्त विपक्ष द्वारा इमरान सरकार के खिलाफ दायर अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में असाधारण सभा का आयोजन किया जाएगा और माना जा रहा है, कि संसद में आज भारी बवाल हो सकता है।

11 बजे शुरू होगी सदन की बैठक

11 बजे शुरू होगी सदन की बैठक

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली सचिवालय के अनुसार, सदन की बैठक सुबह 11 बजे अध्यक्ष असद कैसर के भाषण के साथ शुरू होगी। सचिवालय ने गुरुवार रात को आज शुरू होने वाली संसद सत्र के लिए 15 सूत्री एजेंडा जारी किया है, जिसमें अविश्वास प्रस्ताव भी शामिल है। वहीं, पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों ने संसद में इमरान सरकार को बरसने के लिए अपनी पूरी रणनीति तैयार कर ली है, जिसमें विपक्षी पार्टियों की सबसे बड़ी प्लानिंग ये है, कि संसद में कोई ऐसा काम ना हो, जिससे स्पीकर को सदन को स्थगित करने का ‘बहाना' मिल जाए। हालांकि, पाकिस्तानी मडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सत्तारूढ़ दल के एक सदस्य के निधन को लेकर ‘शोक' प्रकट करते हुए स्पीकर सदन को आज स्थगित कर सकते हैं, जिसको लेकर विपक्ष बवाल काट सकता है।

विपक्ष करेगा ‘शक्ति प्रदर्शन’

विपक्ष करेगा ‘शक्ति प्रदर्शन’

इस बात की प्रबल संभावना है, कि अगर स्पीकर संसद की कार्यवाही को स्थगित करते हैं, तो फिर विपक्ष की तरफ से भारी प्रदर्शन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, आज पाकिस्तान की संयुक्त विपक्षी पार्टियां संसद के पटल पर अपना शक्ति प्रदर्शन करने की कोशिश करेगा और माना जा रहा है कि, सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों के साथ उनकी जमकर बहसबाजी हो सकती है। विपक्षी पार्टियो की तरफ से अपने सभी सांसदों को संसद में आने के लिए कहा गया है। दूसरी तरफ, सूत्रों ने कहा कि, सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने सत्र में भाग लेने के लिए अपने सदस्यों को कोई विशेष निर्देश जारी नहीं किया है, क्योंकि विपक्षी पार्टियों की तरफ से संसद सत्र बुलाने की मांग की गई थी।

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    इमरान के खिलाफ विपक्ष में कितना दम?

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    पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के पास 162 सदस्य हैं, जिनमे से 8 मार्च को 152 सदस्यों ने नेशनल असेंबली के स्पीकर के सामने संसद सक्ष बुलाने और इमरान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर सदन में वोटिंग करवाने की मांग की थी। 152 विपक्षी सदस्यों द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि, प्रधानमंत्री इमरान खान ने सदन का विश्वास खो दिया है। सत्तारूढ़ गठबंधन को वर्तमान में नेशनल असेंबली के 179 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। लेकिन, इमरान खान की पार्टी पीटीआई के कम से कम 30 सांसद पार्टी छोड़कर इस्लामाबाद स्थिति ‘सिंध हाउस' में छिपे हुए हैं, जहां पिछले हफ्ते पीटीआई के कार्यकर्ताओं ने हिंसक प्रदर्शन किया था। सिंध हाउस, पाकिस्तान के सिंध प्रांत की प्रॉपर्टी है, जहां अभी पीएमएल-एन की सरकार है, लिहाजा, सिंध हाउस इस वक्त इमरान खान के विपक्ष के पास है और इसीलिए वहां पर इमरान खान के सांसद छिपे हुए हैं।

    विपक्ष नहीं छोड़ना चाहता मौका

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    सूत्रों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार रात विपक्ष के शीर्ष नेताओं की बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि, संसद सत्र से एक घंटे पहले विपक्ष के संसदीय दलों की बैठक की जाएगी। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष और नेशनल असेंबली के विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ के आवास पर हुई बैठक में आसिफ अली जरदारी, बिलावल भुट्टो के अलावा जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल प्रमुख और पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान ने भाग लिया। बैठक में शाहिद खाकान अब्बासी, अहसान इकबाल, साद रफीक, पीएमएल-एन के ख्वाजा आसिफ और पीपीपी के शेरी रहमान और रुखसाना बंगश भी शामिल थे। सूत्रों ने बताया कि, विपक्षी नेताओं ने हर उस प्वाइंट पर चर्चा कर अपनी रणनीति बनाई है, जिससे इमरान सरकार को घेरा जा सके।

    विपक्ष ने कहा, खत्म हो रहा इमरान राज

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    वहीं, पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान और पीपीपी नेता आसिफ अली जरदारी सहित प्रमुख विपक्षी नेताओं ने नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद मीडिया को संबोधित किया और कहा कि, "इस सरकार ने अपने लगभग चार वर्षों के शासन में देश की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व नुकसान पहुंचाया है"। शहबाज शरीफ ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में बताया कि विपक्ष ने पीएम इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव क्यों पेश किया। उन्होंने कहा कि, "महंगाई ने ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छू लिया है और ‘चुने हुए' प्रधानमंत्री द्वारा जनता के जीवन को दयनीय बना दिया गया है।"

    पाकिस्तानी संसद का गणित जानिए

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    पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के पास कुल 162 एमएनए (नेशनल एसेंबली मेंबर) हैं। 342 एमएनए वाली एसेंबली में प्रस्ताव पारित करने के लिए विपक्ष को 10 और वोटों की जरूरत है। विपक्ष, सरकार के 30 सदस्यों का समर्थन हासिल करने की भी बात कह रहा है। और समाचार लिखे जाने तक भी, इस्लामाबाद के सिंध हाउस में इमरान खान की पार्टी के 30 सांसद 'छिपे' हुए हैं, जिनको लेकर कल काफी हिंसा भी हुई थी। ऐसे में इमरान खान के लिए सरकार बचाना काफी मुश्किल साबित हो रहा है और इमरान खान भी जान गये हैं, कि अब उनकी सरकार नहीं बचेगी, लिहाजा उन्होंने अपनी नाक बचाने के लिए अब 27 मार्च को विशालकाय रैली का आह्वान किया है।

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